Asian Games 2026: एशियन गेम्स 2026 में भारतीय बैडमिंटन दल का सफर बेहद निराशाजनक रहा। आइची-नागोया में भारत को बैडमिंटन में सिर्फ एक ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा। यह मेडल भी मेंस टीम इवेंट में आया। इंडिविजुअल इवेंट में भारत 2014 के बाद पहली बार बिना किसी मेडल के लौटा है। महिला सिंगल्स में सारी उम्मीदें पीवी सिंधु और युवा सनसनी उन्नति हुड्डा पर थीं। दोनों ही क्वार्टरफाइनल में बेहद करीबी मुकाबले हारकर बाहर हो गईं। सिंधु ने चीन की चेन यूफेई के खिलाफ पहला गेम जीता था, लेकिन अगले दो गेम गंवाकर 1-2 से मैच हार गईं। वहीं 18 साल की उन्नति ने जापान की अकाने यामागुची के खिलाफ दूसरा गेम जीतकर वापसी की थी, लेकिन निर्णायक गेम में वह टिक नहीं पाईं और 1-2 से हार गईं।
सिंगल्स और डबल्स सभी में फ्लॉप रही टीम
डबल्स में भी कहानी कुछ ऐसी ही रही। वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडलिस्ट जोड़ी ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद को वर्ल्ड नंबर 5 मलेशियाई जोड़ी पर्ली टैन और थीनाह मुरलीधरन ने क्वार्टरफाइनल में हरा दिया। मिक्स्ड डबल्स में तनिषा क्रास्टो और ध्रुव कपिला की जोड़ी को वर्ल्ड नंबर 1 चीनी जोड़ी फेंग यान झे और हुआंग डोंगपिंग ने बाहर का रास्ता दिखाया। सबसे बड़ा झटका मेंस डबल्स में लगा। डिफेंडिंग गोल्ड मेडलिस्ट सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी पहले ही राउंड में हार गए। राउंड ऑफ 64 में बाई मिलने के बाद राउंड ऑफ 32 में उन्हें थाईलैंड की जोड़ी पक्कापोंग तीरारत्साकुल और पीराचाई सुकफुन ने चौंका दिया।
लक्ष्य सेन और आयुष शेट्टी भी फेल
मेंस सिंगल्स में लक्ष्य सेन और आयुष शेट्टी भी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। लक्ष्य को पहले राउंड में बाई मिली थी, लेकिन अगले ही राउंड में वह सिंगापुर के लोह कीन यू से हार गए। आयुष ने पहले मैच में जीत हासिल की, लेकिन प्री-क्वार्टरफाइनल में चीनी ताइपे के चाउ तिएन चेन से हार गए।हरिहरन अम्साकरुनन और एमआर अर्जुन की दूसरी मेंस डबल्स जोड़ी और कविप्रिया सेल्वम और सिमरन सिंघी की वुमेंस डबल्स जोड़ी भी राउंड ऑफ 32 से आगे नहीं बढ़ पाई। वुमेंस टीम भी क्वार्टरफाइनल में जापान से हारकर बाहर हो गई। पिछले हांगझोऊ एशियन गेम्स में भारत ने 3 मेडल जीते थे, लेकिन इस बार सिर्फ एक ब्रॉन्ज के साथ बैडमिंटन का सफर खत्म हो गया।
