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आपके संन्यास के फैसले से हैरान हूंः खेलमंत्री ने दीपा कर्माकर को लिखा पत्र

Deepa Karmakar Retirement: खेलमंत्री मनसुख मांडविया ने बुधवार को जिम्नास्ट दीपा कर्माकर को पत्र लिखकर खेल से संन्यास लेने के उनके फैसले पर हैरानी जताई। ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय महिला जिम्नास्ट बनी दीपा रियो ओलंपिक 2016 में चौथे स्थान पर रही थी।

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मनसुख मांडविया ने दीपा कर्माकर को लिखा पत्र (Instagram)

KEY HIGHLIGHTS
  • खेलमंत्री मांडविया ने दीप कर्माकर को पत्र लिखा
  • जिमनास्ट दीपा के संन्यास से हैरान हैं खेलमंत्री
  • मनसुख मांडविया ने रिटायरमेंट पर हैरानी जताई

खेलमंत्री मनसुख मांडविया ने बुधवार को जिम्नास्ट दीपा कर्माकर को पत्र लिखकर खेल से संन्यास लेने के उनके फैसले पर हैरानी जताई। ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय महिला जिम्नास्ट बनी दीपा रियो ओलंपिक 2016 में चौथे स्थान पर रही थी। उन्होंने सोमवार को खेल को अलविदा कह दिया।

मांडविया ने दीपा को लिखे पत्र में कहा, "मुझे पता चला कि आपने जिम्नास्टिक से संन्यास ले लिया है । आपके फैसले पर मैं आश्चर्यचकित हूं लेकिन मुझे पूर्ण विश्वास है कि आपने जीवन की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं और अनुभवों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया होगा । मैं आपके इस निर्णय का पूर्ण सम्मान करता हूं।"

उन्होंने कहा, "आपकी जिम्नास्टिक की यात्रा जो मात्र छह वर्ष की आयु से प्रारंभ हुई , अत्यंत ही प्रेरणादायक रही। आपने इस खेल में अनेक कठिनाइयों का सामना करते हुए सफलता के उच्च शिखरों को छुआ और देश को गौरवान्वित किया । मेजर ध्यानचंद खेल रत्न और पद्मश्री जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित होना आपके अद्वितीय योगदान का प्रमाण है।"

उन्होंने आगे लिखा, "आपका ओलंपिक में हिस्सा लेकर भारतीय जिम्नास्टिक्स में एक नया अध्याय जोड़ना और इस खेल में भाग लेने वाली प्रथम भारतीय महिला बनना न केवल आपके व्यक्तिगत परिश्रम का परिणाम बल्कि पूरे देश के लिये गर्व का विषय है । विशेष रूप से प्रोडुनोवा वॉल्ट में आपका प्रदर्शन अद्वितीय रहा है। आपकी उपलब्धियों ने न केवल खेलप्रेमियों को प्रेरित किया है बल्कि विशेष रूप से हमारी बेटियों को भी खेलों में अपने सपनों को साकार करने का साहस प्रदान किया है।"

उन्होंने कहा, "ओलंपिक के वह ऐतिहासिक क्षण जब आप मात्र 0.15 अंकों से पदक से चूक गई , फिर भी आपने अपने धैर्य और समर्पण से पूरे राष्ट्र का दिल जीत लिया।" मांडविया ने लिखा, "आपकी यह यात्रा देश के लिये अनमोल धरोहर है और मैं आशा करता हूं कि आप अपनी इस अद्वितीय प्रतिभा और अनुभव को आने वाली पीढी के साथ साझा करेंगी।"

(भाषा इनपुट के साथ)

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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