बेंगलुरु: भारतीय महिला हॉकी टीम के कोच शोर्ड मारिन ने गुरुवार को माना कि विश्व कप और एशियाई खेलों के बीच केवल 20 दिन का अंतराल चुनौतीपूर्ण है, लेकिन उन्होंने विश्वास जताया कि उनकी टीम शारीरिक चुनौतियों पर काबू पाने में सक्षम है। एशियाई खेल (19 सितंबर से शुरू होंगे) के लिए जापान जाने से पहले एफआईएच महिला विश्व कप 14 से 30 अगस्त के बीच बेल्जियम के वावरे में खेला जाएगा।
वर्ल्ड कप करेगा एशियाई खेलों में हमारी मदद
मारिन ने कहा,'जैसा 2018 में हुआ था (जकार्ता एशियाई खेलों में, जिसमें भारत ने रजत पदक जीता था), वैसा ही (एफआईएच) विश्व कप इस बार एशियाई खेलों में हमारी मदद कर सकता है।' मारिन की कोचिंग में ही भारत ने टोक्यो 2020 ओलंपिक में ऐतिहासिक चौथा स्थान हासिल किया था। बेंगलुरु खेल पत्रकार संघ द्वारा विश्व खेल पत्रकार दिवस के मौके पर आयोजित एक पैनल चर्चा में कोच मारिन ने कहा,'हमें अच्छी स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग पर ध्यान देना होगा। लेकिन हमारे लिए बहुत सारे मैच खेलना भी जरूरी है। इससे लड़कियों को रणनीति को बेहतर ढंग से समझने और विरोधी टीम की रणनीति के हिसाब से खुद को ढालने में मदद मिलेगी।'
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विश्व कप तैयारी के लिए होगा शानदार मौका
भारत के पूर्व कप्तान और 1980 मॉस्को ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले एमएम सोमैया ने कहा कि महाद्वीपीय चैंपियनशिप से पहले होने वाला विश्व कप तैयारी के लिए एक बेहतरीन मौका होगा। उन्होंने कहा,'पुरुषों में हमारी विश्व रैंकिंग आठवीं और महिलाओं में नौवीं है। इसलिए, ज्यादा से ज्यादा मैच जीतना जरूरी है। भारतीय हॉकी: बड़ा साल, बड़ी उम्मीदें’ विषय पर बोलते हुए सोमैया ने कहा,'कप का प्रारूप भी बदल गया है और इसमें तीन चरण हैं जिसका मतलब है कि हमें हर मैच पर ध्यान देना होगा।'
