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जर्सी विवाद पर हॉकी टीम के उप-कप्तान ने दी सफाई, फैसले को बताया रणनीतिक कदम

हॉकी वर्ल्ड कप से पहले भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का विवाद बढ़ता जा रहा है। अब इस पूरे मसले पर टीम के उप-कप्तान हार्दिक से प्रतिक्रिया दी है और इस फैसले का बचाव किया है। उन्होंने इस फैसले को रणनीतिक कदम बताया है।

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हार्दिक सिंह (साभार-X)

हॉकी वर्ल्ड कप से पहले भारतीय हॉकी टीम जर्सी को लेकर विवादों में आ गई है। अब तक ब्ल्यू जर्सी का इस्तेमाल करने वाली हॉकी इंडिया ने इस बार जो जर्सी का अनावरण किया है, उसका रंग भगवा है। अब इस पर भारतीय हॉकी टीम के उप-कप्तान हार्दिक सिंह ने सफाई दी है। उन्होंने इसे रणनीतिक बताया है।

उपकप्तान हार्दिक सिंह ने कहा कि यह बदलाव पूरी तरह टीम की रणनीति और तकनीकी जरूरत को ध्यान में रखकर किया गया है। हार्दिक के मुताबिक, पुरानी नीली जर्सी नीले एस्ट्रोटर्फ के साथ काफी हद तक मिल जाती थी, जिससे मैदान पर खिलाड़ियों की दृश्यता और स्पष्टता प्रभावित होती थी। इसलिए टीम ने कुछ नया आजमाने का फैसला किया। “अगर ऑरेंज जर्सी हमारे लिए फायदेमंद है, तो इसे क्यों न आजमाएं? यह टीम की रणनीति है। उन्होंने कहा कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात भारत का प्रतिनिधित्व करना और देश को सकारात्मक परिणाम के साथ गौरवान्वित करना है।

हॉकी इंडिया ने भी दी सफाई

हॉकी इंडिया के अनुसार, जर्सी का रंग बदलने का फैसला सपोर्ट स्टाफ और खिलाड़ियों से विस्तृत चर्चा के बाद लिया गया। मुख्य वजह तकनीकी थी—नीली जर्सी नीले सिंथेटिक एस्ट्रोटर्फ में मिल जाती थी और खिलाड़ियों की विजिविलिटि प्रभावित होती थी।

दो रंगों पर हुई थी चर्चा

टीम ने पीले और भगवा जैसे विकल्पों पर विचार किया और अंततः भगवा रंग चुना। हॉकी इंडिया ने कहा कि भगवा रंग राष्ट्रीय ध्वज का हिस्सा होने के साथ साहस, बलिदान और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक भी है। हॉकी इंडिया ने यह भी बताया कि भारत की जर्सी का रंग पहले भी बदला है—2014 वर्ल्ड कप में पीली जर्सी और 2018 वर्ल्ड कप में स्काई ब्लू जर्सी का इस्तेमाल किया गया था।

टीम में युवा और अनुभव का मिश्रण

हार्दिक ने बताया कि टीम में सीनियर और जूनियर खिलाड़ियों का मिश्रण है। मैदान पर सभी खिलाड़ी बराबर हैं। सीनियर खिलाड़ियों पर जहां जिम्मेदारी है तो वहीं युवा खिलाड़ियों को खुलकर अपनी बात रखने की आजादी है।

टीम की रणनीति पर क्या बोले हार्दिक

हार्दिक ने बताया कि उन्होंने हाल के समय में खास तौर पर टर्नओवर, रिसीविंग और पासिंग पर काम किया है। साथ ही उन्होंने विरोधी टीमों की रणनीति को पढ़ने पर भी काफी ध्यान दिया है, क्योंकि आधुनिक हॉकी तेजी से टैक्टिकल गेम बनती जा रही है।

Sameer Thakur
समीर कुमार ठाकुरauthor

समीर कुमार ठाकुर टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की स्पोर्ट्स टीम के सदस्य हैं। करीब 10 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ वे न केवल क्रिकेट, बल्कि हॉकी, फुटबॉल, बैडमिंटन और अन्य प्रमुख खेलों की गहरी समझ रखते हैं। खेलों की बारीकियों को पकड़ने, खिलाड़ियों के प्रदर्शन का विश्लेषण करने और मैच परिस्थितियों को सरल व रोचक अंदाज में समझाने की उनकी क्षमता उन्हें स्पोर्ट्स बीट का एक भरोसेमंद पत्रकार बनाती है। जर्नलिज़्म में डिप्लोमा कर चुके समीर ने टीवी मीडिया में भी काम किया है, जिससे उन्हें लाइव न्यूज प्रेजेंटेशन, ब्रेकिंग अपडेट्स और विजुअल स्टोरीटेलिंग का अनुभव मिला। समीर अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव स्पोर्ट्स इंटरव्यू, ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग और मैच व सीरीज आधारित विश्लेषण शामिल हैं।

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