नई दिल्ली: भारत सरकार ने शनिवार को साल 2022 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवार्ड के लिए केवल 40 वर्षीय स्टार टेबल टेनिस खिलाड़ी अचंत शरत कमल के नाम की अनुशंसा की। खेल रत्न पुरस्कार की दौड़ में शरत कमल के अलावा हॉकी खिलाड़ी हरमनप्रीत सिंह, आकाशदीप सिंह, रूपिंदर पाल सिंह, सविता पूनिया और वंदना कटारिया भी शामिल थे। लेकिन सरकार ने देश के सबसे बड़े खेल पुरस्कार के लिए बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में तीन स्वर्ण और एक रजत सहित कुल चार पदक जीतने वाले शरत कमल के नाम की अनुशंसा करने का फैसला किया।
नाम का ऐलान महज औपचारिकता
मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार विजेता के रूप में उनके नाम का ऐलान अब महज औपचारिकता रह गया है। उम्र के चालीसवें पड़ाव पर देश का सबसे बड़ा खेल पुरस्कार हासिल करने पर खुशी जताते हुए शरत कमल ने कहा है कि भले ही खेल रत्न सम्मान उन्हें देर से मिला है लेकिन इससे उन्हें ओलंपिक में एक और प्रयास करने की प्रेरणा मिलेगी।
देर आए, दुरुस्त आए
शरत ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा,‘ यह मेरे लिए गर्व का पल है। इस उम्र में पुरस्कार जीतकर लाखों लोगों को प्रेरित करना अद्भुत है। मेरे करियर में यह पल काफी देर से आया लेकिन देर आये, दुरुस्त आये। मुझे पेरिस ओलंपिक का इंतजार है और इससे मुझे प्रोत्साहन मिलेगा। राष्ट्रमंडल खेल और टोक्यो ओलंपिक से पेरिस के लिये मेरी तैयारी बेहतर हुई है और ओलंपिक पदक किसी भी खिलाड़ी के जीवन का सर्वश्रेष्ठ पल होता है।'
राष्ट्रमंडल खेलों में जीते हैं सात स्वर्ण सहित कुल 13 पदक
12 जुलाई 1982 को चेन्नई में जन्में शरत कमल भारत के सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ टेबल टेनिस खिलाड़ी हैं। उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में 7 स्वर्ण, तीन रजत और तीन कांस्य सहित कुल 13 पदक अपने नाम किए हैं। वहीं एशियाई खेलों और एशियन चैंपियनशिप में वो दो-दो कांस्य पदक भी जीत चुके हैं।
एथेंस में ओलंपिक खेलों में पहली की थी शिरकत
रिकॉर्ड 9 बार के नेशनल चैंपियन शरत साल 2004 में एथेंस में आयोजित ओलंपिक खेलों में उन्होंने पहली बार शिरकत की थी। इसके बाद वो साल 2008 में बीजिंग, 2016 में रियो और साल 2021 में टोक्यो ओलंपिक में भाग ले चुके हैं।
साल 2004 में मिला था अर्जुन पुरस्कार
भारत सरकार ने साल 2004 में शरत कमल को अर्जुन अवार्ड दिया था। तब उनकी उम्र 22 साल थी। साल 2019 में टेबल टेनिस में योगदान के लिए उन्हें देश का चौथे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म श्री से नवाजा गया।
