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बेल्जियम से हार के बाद पहली बार निलंबन विवाद पर सामने आई अमेरिका के स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन की प्रतिक्रिया

अमेरिका के स्ट्राइकर ने अपने सस्पेंशन विवाद पर पहली बार प्रतिक्रिया दी। बेल्जियम के खिलाफ प्री-क्वार्टर फाइनल मैच में बालोगुन एक भी गोल नहीं कर पाए। अमेरिका को सोमवार को खेले गए मुकाबले में बेल्जियम के हाथों 1-4 से हार का सामना करना पड़ा।

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फोलारिन बालोगुन (साभार-X)

विश्व कप के प्री-क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम के खिलाफ अमेरिका के स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन की मैदान पर मौजूदगी ने जितनी सुर्खियां बटोरीं, उनका प्रदर्शन उतना प्रभावशाली नहीं रहा और अमेरिका को सोमवार को खेले गए मुकाबले में बेल्जियम के हाथों 1-4 से हार का सामना करना पड़ा। इस विश्व कप में तीन गोल करने वाले बालोगुन बेल्जियम के खिलाफ कोई गोल नहीं कर सके। पच्चीस साल के इस खिलाड़ी को बोस्निया-हर्जेगोविना के खिलाफ पिछले मैच में ’रेड कार्ड’ मिलने के कारण उन पर अगले मुकाबले का स्वतः प्रतिबंध लग गया था। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप के बाद फीफा ने उनका निलंबन हटाते हुए उन्हें बेल्जियम के खिलाफ खेलने की अनुमति दे दी।

फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो ने कहा कि अनुशासन समिति के फैसले में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। समिति ने बालोगुन पर 40,000 अमेरिकी डॉलर का जुर्माना भी लगाया, जिसका भुगतान अमेरिकी फुटबॉल महासंघ (यूएसएसएफ) कर सकता है। इन्फैन्टिनो बेल्जियम के खिलाफ मुकाबला देखने के लिए स्टेडियम में मौजूद थे। उन्होंने वीआईपी बॉक्स में बेल्जियम फुटबॉल महासंघ की अध्यक्ष पास्कल वान डामे और यूएसएसएफ की अध्यक्ष सिंडी पारलो कोन के साथ मैच देखा। वहीं अमेरिकी गृह सुरक्षा मंत्री मार्कवेन मुलिन भी पास की सीट पर मौजूद थे।

फीफा के इस फैसले ने विश्व फुटबॉल में तीखी बहस छेड़ दी। यूरोपीय फुटबॉल महासंघ (यूईएफए) ने इसे खेल की निष्पक्षता के लिए खतरा बताते हुए कहा कि फीफा ने ’सीमा लांघ दी’, जबकि बेल्जियम फुटबॉल महासंघ ने भी बालोगुन की पात्रता को चुनौती दी। बालोगुन भले ही गोल करने में सफल नहीं रहे, लेकिन 31वें मिनट में अमेरिका के एकमात्र गोल में उनकी अहम भूमिका रही। बेल्जियम के डिफेंडर ब्रैंडन मेकेले ने अमेरिका के गोल से लगभग 25 गज दूर उन्हें फाउल कर दिया, जिसके बाद मिली फ्री-किक पर मलिक टिलमैन ने शानदार गोल दागा।

इस गोल से ठीक पहले बालोगुन ने हाथ लहराकर अमेरिका के समर्थकों का उत्साह भी बढ़ाया। मैच के दौरान अमेरिका के खिलाड़ियों ने कई बार उन्हें आक्रमण का केंद्र बनाने की कोशिश की। उन्होंने अपनी रफ्तार का अच्छा इस्तेमाल किया, लेकिन बेल्जियम के अनुभवी गोलकीपर थिबो कोर्टुआ को भेदने में नाकाम रहे।

उनका सबसे अच्छा मौका 82वें मिनट में आया, जब उन्होंने बाएं पैर से शॉट लगाया, लेकिन कोर्टुआ ने शानदार बचाव कर दिया। इंजुरी टाइम के दूसरे मिनट (92वें) में उनकी जगह हाजी राइट को मैदान पर उतारा गया।

पहली बार बालोगुन ने दी प्रतिक्रिया

बालोगुन ने इस मामले में कहा, "जब मुझे ’रेड कार्ड’ दिखाया गया, तब भी मैंने फैसले को स्वीकार किया था और जब मुझे बताया गया कि मैं अगला मैच खेल सकता हूं, तब भी मैंने उस निर्णय को स्वीकार किया। इस पूरी प्रक्रिया में मेरी कोई भूमिका नहीं थी और व्यक्तिगत रूप से मेरा इससे कोई लेना-देना नहीं है।"

बालोगुन के मैदान पर प्रभावी नहीं रहने की बात कही गई तो मिडफील्डर टायलर एडम्स ने पलटकर सवाल किया, "क्या आज मैदान पर कोई भी खिलाड़ी वास्तव में प्रभाव छोड़ पाया?"

एडम्स ने कहा, "हम खुश थे कि उसे खेलने का मौका मिला। उसने पूरे प्रयास किए और कई मौकों पर अपनी मौजूदगी का एहसास भी कराया। उसने अपनी रफ्तार का इस्तेमाल करते हुए पीछे की ओर जगह बनाई और वही करने की कोशिश की जिसके लिए वह जाना जाता है, लेकिन उसे ज्यादा अवसर नहीं मिले।’’

मैच से पहले ल्यूमेन फील्ड की ओर बढ़ रहे बेल्जियम के प्रशंसकों ने फीफा के फैसले के विरोध में ’फीफा माफिया!’ के नारे लगाए।

बालोगुन ने इस विश्व कप का समापन तीन गोलों के साथ किया। उन्होंने 2010 विश्व कप में लैंडन डोनोवन के तीन गोल के अमेरिकी रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। विश्व कप में अमेरिका के लिए सबसे अधिक चार गोल करने का रिकॉर्ड अब भी बर्ट पैटेनॉड (1930) के नाम दर्ज है। यह बालोगुन का अमेरिका के लिए पहला विश्व कप था। वह 1930 के बाद विश्व कप के एक ही मैच में दो गोल करने वाले अपने देश के खिलाड़ी भी बने। वह हालांकि टीम को लगातार दूसरी बार नॉकआउट चरण में जीत दिलाने का सपना पूरा नहीं कर सके। अमेरिका अपनी घरेलू सरजमी पर विश्व कप के अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की बराबरी नहीं कर सका। टीम का 2002 में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचना फीफा विश्व कप में उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

Sameer Thakur
समीर कुमार ठाकुरauthor

समीर कुमार ठाकुर टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की स्पोर्ट्स टीम के सदस्य हैं। करीब 10 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ वे न केवल क्रिकेट, बल्कि हॉकी, फुटबॉल, बैडमिंटन और अन्य प्रमुख खेलों की गहरी समझ रखते हैं। खेलों की बारीकियों को पकड़ने, खिलाड़ियों के प्रदर्शन का विश्लेषण करने और मैच परिस्थितियों को सरल व रोचक अंदाज में समझाने की उनकी क्षमता उन्हें स्पोर्ट्स बीट का एक भरोसेमंद पत्रकार बनाती है। जर्नलिज़्म में डिप्लोमा कर चुके समीर ने टीवी मीडिया में भी काम किया है, जिससे उन्हें लाइव न्यूज प्रेजेंटेशन, ब्रेकिंग अपडेट्स और विजुअल स्टोरीटेलिंग का अनुभव मिला। समीर अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव स्पोर्ट्स इंटरव्यू, ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग और मैच व सीरीज आधारित विश्लेषण शामिल हैं।

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