नागोया: भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीम ने आइची-नागोया एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। भारतीय पुरुष टीम पहली बार एशियाड में लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक जीतने में सफल हुई। फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने मलेशिया को 5-1 के अंतर से मात दी। इससे एक दिन पहले भारतीय महिला हॉकी टीम चीन को 1-0 से मात देकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया था। महिला टीम 44 साल लंबे अंतराल के बाद एशियाड में स्वर्ण पदक जीतने में सफल हुई। एशियाई खेलों के इतिहास में यह पहला मौका है भारतीय महिला और पुरुष हॉकी टीम एक साथ स्वर्ण पदक पर कब्जा करने में सफल रहीं।
पुरुष टीम ने जीता पांचवां गोल्ड
यह भारतीय टीम का एशियाई खेलों में पांचवां पदक है। साल 1966 में बैंकाक में भारतीय पुरुष टीम ने पहली बार इन खेलों में हॉकी का स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद दूसरी बार ये कारनामा करने के लिए उसे 22 साल लंबा इंतजार करना पड़ा। साल 1998 में हॉकी टीम दूसरा स्वर्ण पदक जीतने में सफल रही। इसके बाद साल 2014 में इंचियोन और 2023 में हांगझाउ में उसे स्वर्ण पदक मिला था। ऐसे में भारतीय टीम आइची-नागोया में अपना खिताब बचाने में सफल रही और इसके साथ ही रिकॉर्ड बुक्स में अपना नाम दर्ज करा लिया।
दोनों टीमों ने कटाया ओलंपिक का टिकट
भारतीय महिला और पुरुष हॉकी टीम ने 20वें एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतकर साल 2028 में अमेरिका के लॉस एंजिल्स में आयोजित होने वाले ओलंपिक खेलों का टिकट कटा लिया है। एशियाई खेल लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए हॉकी में क्वालीफायर टूर्नामेंट थे। खिताब जीतने वाली टीम की जगह आगामी ओलंपिक के लिए पक्की होनी थी और भारतीय टीमें ऐसा करने में सफल रहीं।
मनप्रीत सिंह ने पूरी की हैट्रिक
भारत के सबसे अनुभवी खिलाड़ी मनप्रीत सिंह तीन एशियाई खेलों में खिताब जीतने वाले एकमात्र भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। वह 2014 और 2022 खेलों में स्वर्ण पदक विजेता टीम का भी हिस्सा थे और अब आइची-नागोया में गोल्ड मेडल जीतकर गोल्डन हैट्रिक उन्होंने स्पेशल हैट्रिक भी पूरी कर ली है। वहीं हरमनप्रीत सिंह एशियाई खेलों में बतौर कप्तान दो गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। पिछली बार भी भारतीय टीम ने उनकी ही कप्तानी में गोल्ड मेडल जीता था।
