चास्पेन के खिलाफ फीफा वर्ल्ड कप फाइनल गंवाने के बाद भी अर्जेंटीना की मुश्किलें कम नहीं हो रही है। दरअसल फाइनल मुकाबले के बाद अर्जेंटीना और स्पेन के कुछ खिलाड़ियों के बीच झड़प का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा था। अब फीफा की तरफ से एक बयान में कहा गया है कि अर्जेंटीना के खिलाड़ियों के इस हिंसक व्य्वहार की जांच की जाएगी। दरअसल विश्व कप फाइनल में अर्जेंटीना को हराने के बाद स्पेन का जश्न उस समय फीका पड़ गया जब अंतिम सीटी बजने के तुरंत बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच मैदान पर तीखी झड़प हो गई।
वीडियो रीप्ले में कई खिलाड़ी आपस में उलझते दिखाई दिए। अर्जेंटीना के डिफेंडर लिएंड्रो पारेदेस ने कथित तौर पर स्पेन के एरिक गार्सिया का गला पकड़कर धक्का दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे स्पेन के सब्सिट्यूट खिलाड़ी गावी को भी पारेदेस ने धक्का देकर मैदान पर गिरा दिया। स्थिति को शांत कराने के लिए दोनों टीमों के खिलाड़ी और अर्जेंटीना के मुख्य कोच लियोनेल स्कालोनी तुरंत मौके पर पहुंचे, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
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रविवार को खेले गए रोमांचक फाइनल में स्पेन ने अतिरिक्त समय में डिफेंडिंग चैंपियन का सपना तोड़ते हुए उसके खिलाफ 1-0 से जीत दर्ज कर विश्व कप खिताब को अपने नाम किया। इससे पहले अर्जेंटीना को मैच के दौरान बड़ा झटका तब लगा, जब एंजो फर्नांडिस को दूसरा पीला कार्ड मिलने के बाद मैदान छोड़ना पड़ा और टीम 10 खिलाड़ियों के साथ खेलने को मजबूर हो गई।
मैच के बाद ट्रॉफी वितरण समारोह के दौरान अर्जेंटीना के खिलाड़ी अपने समर्थकों की ओर मुंह किए और पोडियम की ओर पीठ करके खड़े रहे, जबकि स्पेन की टीम ने विजेता ट्रॉफी उठाकर अपनी ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाया।
क्या मिल सकती है सजा?
फीफा के अनुशासनात्मक नियमों के अनुसार, हिंसक व्यवहार के लिए मैदान से बाहर भेजे गए खिलाड़ियों को कम से कम तीन मैचों के लिए निलंबित किया जा सकता है। मारपीट से संबंधित दुर्व्यवहार, जिसमें "कोहनी मारना, घूंसे मारना, लात मारना, शामिल है। ये प्रतिबंध पिछली तारीख से भी लागू किए जा सकते हैं।
