क्रिकेट

जिम्बाब्वे के कप्तान ने ली भारत के खिलाफ 90 रनों से हार की जिम्मेदारी, बोले- मैं इसे ठीक करूंगा

IND vs ZIM: भारत के खिलाफ दूसरे टी20 में हार के बाद जिम्बाब्वे के कप्तान रजा का फॉर्म भी चिंता का विषय है। उन्होंने पिछले तीन टी20 में एक भी बार दहाई का आंकड़ा नहीं छुआ। बांग्लादेश के खिलाफ 3 रन, फिर भारत के खिलाफ पहले दो टी20 में 4 और 0 पर आउट हुए।

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सिकंदर रजा (फोटो साभार- ZC/X)

IND vs ZIM: भारत और जिम्बाब्वे के बीच सीरीज का तीसरा और आखिरी टी20 मुकाबला आज हरारे में खेला जाएगा। मेजबान टीम और कप्तान सिकंदर रजा चाहेंगे कि सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप होने से बचा जाए। वहीं भारत से दूसरा टी20 मुकाबला 90 रन से हारने के बाद सिकंदर रजा ने हार की जिम्मेदारी खुद पर ली। उन्होंने कहा कि बल्ले से खराब प्रदर्शन की वजह से वह टीम को निराश कर रहे हैं। हरारे में खेले गए दूसरे मैच में जिम्बाब्वे के ओपनर्स ने अच्छी शुरुआत दी थी, लेकिन मिडिल ऑर्डर लड़खड़ा गया। रजा ने माना कि अनुभव की कमी और गलत शॉट सिलेक्शन टीम पर भारी पड़ा।

गलत शॉट की वजह से मिली हार

उन्होंने कहा, "हम शुरू से अटैकिंग क्रिकेट खेलना चाहते थे। ओपनर्स ने हमें वो शुरुआत भी दी जिसकी जरूरत थी। लेकिन कई बार अनुभव की कमी और कई बार गलत शॉट की वजह से हम खुद को नुकसान पहुंचा रहे हैं। सबसे जरूरी बात ये है कि मैं कप्तान हूं और बल्ले से टीम को निराश कर रहा हूं।"

रजा का फॉर्म भी चिंता का विषय है। उन्होंने पिछले तीन टी20 में एक भी बार दहाई का आंकड़ा नहीं छुआ। बांग्लादेश के खिलाफ 3 रन, फिर भारत के खिलाफ पहले दो टी20 में 4 और 0 पर आउट हुए। कप्तान ने माना कि टीम को उनसे बल्ले और गेंद दोनों से ज्यादा योगदान चाहिए। उन्होंने अगले मैचों में वापसी का भरोसा दिलाया।

जिम्बाब्वे के कप्तान ने ली जिम्मेदारी

रजा ने कहा, "जिम्मेदारी मेरी है कि मैं इसे ठीक करूं। टीम को मेरे रन और बॉलिंग दोनों की जरूरत है, लेकिन पिछले दो टी20 में ऐसा नहीं हो पाया। मैं पूरी कोशिश करूंगा कि फॉर्म में वापसी करूं क्योंकि मेरे रन से टीम को बहुत फायदा होगा।" जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी पिछले तीन टी20 से जूझ रही है। पहले दो मैच में टीम 143 और 126 रन ही बना पाई, जबकि दूसरे मैच में 129 रन पर ऑलआउट हो गई।

Aditya Sahu
आदित्य साहूauthor

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों से मीडिया में सक्रिय हैं। स्पोर्ट्स इवेंट की रियल टाइम कवरेज, डाटा टॉपिक्स और अनोखे कंटेंट आइडियाज को आकर्षक और एंगेजिंग तरीके से प्रस्तुत करना आदित्य की खासियत है। उनकी कॉपी राइटिंग और इंटरेस्टिंग हेडलाइन बनाने की क्षमता उन्हें डिजिटल दुनिया में अलग पहचान देती है। 15,000 से अधिक बायलाइन स्टोरी पब्लिश कर चुके आदित्य का लक्ष्य हर खबर को यूनिक एंगल और स्टोरीटेलिंग के रोचक अंदाज में पेश करना है।

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