Yograj Singh vs Kapil Dev: भारतीय टीम के लिए 2007 और 2011 विश्वकप जीत में खास भूमिका निभाने वाले युवराज सिंह के पिता और पूर्व क्रिकेटर योगराज सिंह ने एक बार फिर से अपने बयानों से क्रिकेट के गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। ऑलराउंडर युवराज सिंह के पिता ने चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा है कि वह कपिल देव को मारना चाहते थे, क्योंकि भारत की 1983 की वनडे विश्व कप विजेता टीम के कप्तान ने उन्हें राष्ट्रीय टीम से बाहर कर दिया था। योगराज सिंह ने इसे साजिश भी करार दिया है।
योगराज सिंह ने एक इंटरव्यू में बताया कि कैसे वे कपिल देव से नाराज़ थे, क्योंकि उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया था, जबकि कपिल नॉर्थ ज़ोन और भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के कप्तान बन गए थे। कथित अन्याय के कारण योगराज ने कपिल से उनके घर पर पिस्तौल लेकर भिड़ने का प्रयास किया था। हालांकि कपिल की मां को साथ देखकर योगराज रुक गए थे।
जब पिस्टल लेकर कपिल के घर पहुंचे योगराज
योगराज ने अनफ़िल्टर्ड बाय समदीश पर कहा कि 'जब कपिल देव भारत, उत्तरी क्षेत्र और हरियाणा के कप्तान बने, तो उन्होंने बिना किसी कारण के मुझे टीम से बाहर कर दिया।मेरी पत्नी चाहती थी कि मैं कपिल से सवाल पूछूं। मैंने उनसे कहा कि 'मैं इस आदमी को सबक सिखाऊंगा। मैंने अपनी पिस्तौल निकाली और सेक्टर 9 में कपिल के घर गया। वह अपनी मां के साथ बाहर आया। मैंने उसे एक दर्जन बार गालियां दीं। मैंने उससे कहा, तुम्हारी वजह से मैंने एक दोस्त खो दिया है, और तुमने जो किया है, उसकी कीमत तुम्हें चुकानी पड़ेगी।'
योगराज ने इसीलिए किया क्रिकेट छोड़ने का फैसला
योगराज ने आगे बताया कि “मैंने उससे (कपिल) से कहा कि 'मैं तुम्हारे सिर में गोली मारना चाहता हूं, लेकिन मैं ऐसा नहीं करूंगा क्योंकि तुम्हारी एक बहुत ही पवित्र मां है, जो यहां खड़ी है।’ यही वह क्षण था जब मैंने फैसला किया कि मैं क्रिकेट नहीं खेलूंगा, युवी खेलेगा।"
बिशन सिंह बेदी पर भी लगाए आरोप
योगराज ने भारत के पूर्व कप्तान और स्पिनर बिशन सिंह बेदी पर भी चौंकाने वाले आरोप लगाए और कहा कि उन्होंने उनके खिलाफ साजिश रची थी। उन्होंने कहा कि "बिशन सिंह बेदी सहित इन लोगों ने मेरे खिलाफ साजिश रची। मैंने बिशन सिंह बेदी को कभी माफ नहीं किया। जब मुझे टीम से बाहर किया गया तो मैंने चयनकर्ताओं में से एक रवींद्र चड्ढा से बात की। उन्होंने मुझे बताया कि बिशन सिंह बेदी (मुख्य चयनकर्ता) मुझे नहीं चुनना चाहते थे क्योंकि उन्हें लगता था कि मैं सुनील गावस्कर का आदमी हूं और मैं मुंबई में क्रिकेट खेल रहा था। मैं गावस्कर के बहुत करीब था।"
ऐसा रहा योगराज सिंह का करियर
योगराज ने 21 दिसंबर, 1980 को ब्रिस्बेन में एकदिवसीय मैच के दौरान ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सुनील गावस्कर के नेतृत्व में टीम इंडिया के लिए अपना अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था। उन्होंने अपने तीन महीने से भी कम लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान भारत के लिए कुल एक टेस्ट और छह वनडे मैच खेले। इसके बाद वे कई फिल्मों में भी दिखाई दिए।
