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India की ओर से U-19 Final में Titas Sadhu रहीं थी 'हीरो', WPL Auction में इस टीम ने दिया यह दाम

  • Produced by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Feb 13, 2023, 06:34 PM IST

13 बरस की उम्र में जब उन्होंने ट्रायल दिया था, तब वह स्टेट टीम के लिए रिजेक्ट कर दी गई थीं। पर अगले साल उन्हें अपने आप को साबित किया, पर 10वीं की परीक्षाओं ने उन्हें अगले साल का खेल छोड़ने पर मजबूर किया, जिसमें उनके 90 फीसदी अंक आए थे।

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तितास रणदीप साध। (फोटो सोर्सः @DelhiCapitals)

Photo : Twitter

वीमेंस प्रीमियर लीग के ऑक्शन में सोमवार (13 फरवरी, 2023) को तितास रणदीप साधु को दिल्ली कैपिटल्स टीम ने 25 लाख रुपए में खरीदा। वह बॉलर हैं और उनकी प्लेयर आईडी DCWT007 है। उन्हें ढाई गुणा अधिक कीमत पर टीम ने अपना बनाया है। रोचक बात यह है कि वह क्रिकेटर बाय चांस हैं और उनका इस फील्ड में आने का कोई खास इरादा नहीं था, पर उन्होंने न केवल इस गेम में कदम रखा बल्कि टीम इंडिया को अंडर-19 विश्व चैंप भी बनाया था। आइए, जानते हैं उनके बारे में:

साधु मूल रूप से पश्चिम बंगाल के चिंसुरा की रहने वाली हैं। वह बॉलर हैं और टीम इंडिया की अंडर-19 टीम के साथ बंगाल वीमेंस टीम से खेलती हैं। कम ही लोग जानते हैं कि वह "एक्सिडेंटल क्रिकेटर" हैं। असल में वह स्प्रिंटर (धावक) और स्विमर रहीं हैं, जिसके बाद वह विश्व कप विनिंग पेसर बनीं।

दरअसल, खेल से उनका पुराना कनेक्शन है। पिता रणदीप की तरह वह भी स्प्रिंटर रहीं। यही नहीं, वह स्विमिंग में भी अच्छी थीं, पर मौके की बात थी कि वह क्रिकेट में आ गईं। वह शुरुआती दिनों में कोलकाता से 40 किमी दूर पुश्तैनी क्रिकेट क्लब राजेंद्र स्मृति संघ जाया करती थीं। उनकी क्रिकेट की यात्रा बारिश के जरिए शुरु हुई थी।

हुआ यूं कि उस दिन खेल नहीं हुआ था। गेंद फेंकने के लिए कोई नहीं था और उनके पिता ने उन्हें बॉल फेंकने के लिए बुला लिया और कहा कि गेंद फेंको। तितास ने तब बॉलिंग कराई। हालांकि, उनके लिए चीजें इतनी आसान नहीं रहीं। 13 बरस की उम्र में जब उन्होंने ट्रायल दिया था, तब वह स्टेट टीम के लिए रिजेक्ट कर दी गई थीं। पर अगले साल उन्हें अपने आप को साबित किया, पर 10वीं की परीक्षाओं ने उन्हें अगले साल का खेल छोड़ने पर मजबूर किया, जिसमें उनके 90 फीसदी अंक आए थे।

2020-21 के पोस्ट कोविड दौर में वह बंगाल सीनियर साइड की ओर से नेट बॉलर थीं। कोच शिव शंकर पॉल उनके प्रयासों से बहुत प्रभावित थे। हालांकि, आगे वह शुरुआती दो मैचों में अपने आप को साबित करने में नाकाम रहीं और ड्रॉप कर दी गईं।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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