ढाका: मुश्फिकुर रहीम बुधवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ मीरपुर में खेले जा रहे सीरीज के दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन अपना नाम एक अनचाहे क्लब में दर्ज करा लिया। मुश्फिकुर रहीम ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड आउट होने वाले बांग्लादेश के पहले बल्लेबाज बने। ये वाकया बांग्लादेश की पारी के 41वें ओवर में हुआ। तेज गेंदबाज काइल जैमिसन गेंदबाजी कर रहे थे। ओवर की चौथी गेंद पर मुश्फिकुर ने डिफेंड करने के बाद जानबूझ कर ग्लव्स से जरिए उसे बाहर की ओर भेजने की कोशिश की लेकिन अंपायर ने उन्हें आउट करार दिया।
ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड या हैंडलिंग द बॉल?
मुश्फिकुर को अंपायर ने ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड आउट करार दिया ना कि हैंडलिंग द बॉल। इसपर दिन भर डिबेट होती रही कि मुश्फिकुर को गेंद पर हाथ लगाने के बावजूद ऑब्स्टक्टिंग द फील्ड क्यों आउट दिया गया जबकि गेंद स्टंप्स के करीब भी नहीं थी। साल 2017 से पहले इस तरह आउट होने को हैंडल्ड द बॉल करार दिया जाता था लेकिन साल 2017 में नियमों में बदलाव के बाद इसे ऑब्सट्रक्टिंग द फील्ड के दायरे में शामिल कर दिया गया।
कैसे हो सकते हैं ऑब्सट्रक्टिंग द फील्ड आउट
इस नियम के मुताबिक बल्लेबाजी के दौरान अगर बैट्समैन हाथ में बल्ला लिए बगैर गेंद को जानबूझकर आउट होने से बचने के लिए स्टंप से दूर करने की कोशिश करता है तो उसे आउट करार दिया जाएगा। लेकिन ये निर्णय पूरी तरह टाइमिंग पर निर्भर करता है कि उस वक्त स्थिति क्या थी। इसके अलावा फील्डर द्वारा फेंके गए थ्रो को जानबूझ कर रोकने की कोशिश भी ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड के दायरे में आता है। वहीं गेंद पर दो बार बल्ले से प्रहार करना भी इसी दायरे में आता है।
दो बार मुश्फिकुर ने की गलती
मुश्फिकुर ने टेस्ट मैच के दौरान दो बार हाथ से रोकने के कोशिश की। पारी के 29वें ओवर में भी उन्होंने गेंद को रोकने की कोशिश की थी लेकिन तब गेंद उनके हाथ पर नहीं लगी और वो इस तरह आउट होने से बच गए। लेकिन 41वें ओवर की चौथी गेंद पर भाग्य ने उनका साथ नहीं दिया और उनका नाम अनचाहे क्लब में शामिल हो गया।
