श्रीलंका को 72 रन से हराने के बाद टीम इंडिया 8वीं बार एशियन चैंपियन बनी, लेकिन मैच के बाद हुए ड्रामे ने इसे चर्चा का विषय बना दिया। कप्तान हरमनप्रीत का एसीसी चीफ मोहसिन नकवी से ट्रॉफी ना लेने की उम्मीद पहले से थी बस कन्फर्म होना बाकी था। मैच के बाद नकवी ने अपनी फजीहत कराई और रनर-अप की ट्रॉफी देकर उन्हें निराश लौटना पड़ा, लेकिन सवाल है क्या यह कारवां यूं ही चलता रहेगा। क्या टीम इंडिया बिना ट्रॉफी के ही एशियन चैंपियन बनती रहेगी या फिर कब ऐसा होगा कि आप टीम इंडिया को एशिया कप की ट्रॉफी के साथ देखेंगे।
जब तक नकवी तब तक संभव नहीं
बीसीसीआई ने यह साफ कर दिया है कि चाहे जो भी हो उनकी टीम नकवी के हाथों तो किसी तरह की ट्रॉफी नहीं लेने वाली है, यानी इतना तय है कि जब तक मोहसिन नकवी रहेंगे तब तक यह संभव नहीं होगा। ऐसा पहली बार नहीं हुआ, इससे पहले सितंबर 2025 में जब सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने एशिया कप जीता था, तब टीम ने नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था।
अप्रैल 2027 में खत्म होगा नकवी का कार्यकाल
इससे पहले कि नकवी के कार्यकाल के बारे में जाना जाए, समझ लीजिए कि एसीसी के चीफ हर दो साल में रोटेशन पॉलिसी के तहत बदला जाता है। नकवी अप्रैल 2025 में एसीसी के चीफ बने थे और अप्रैल 2027 में उनका कार्यकाल खत्म होने जा रहा है। हालांकि, इसके कार्यकाल को बढ़ाया जा सकता है, लेकिन इसकी संभावना ना के बराबर है कि अन्य सदस्य उन्हें सपोर्ट करे।
जून में होगा एशिया कप
मेंस एशिया कप जून 2027 में होने वाला है और तब तक एसीसी चीफ बदल जाएगा और ऐसे में भारतीय टीम को किसी अन्य के हाथों से ट्रॉफी लेने में कोई ऐतराज नहीं होगा। यानी अगर 2027 एशिया कप में टीम इंडिया विजेता बनती है तो वह चैंपियन बनने के साथ-साथ ट्रॉफी भी लेगी और दो साल का इंतजार भी खत्म होगा।
4 साल तक जय शाह रहे थे एसीसी चीफ
एसीसी चीफ के तौर पर सबसे लंबा कार्यकाल वर्तमान में आईसीसी चीफ जय शाह का रहा था। उन्होंने 30 जनवरी 2016 से दिसंबर 2024 तक यह जिम्मेदारी संभाली थी। हालांकि, उनका कार्यकाल भी नियम के अनुसार दो साल का ही था, लेकिन बाकी सदस्यों के समर्थन से उन्हें एक-एक साल का दो एक्सटेंशन मिला था।
