Jacob Bethell: इंग्लैंड के युवा बल्लेबाज जैकब बेथेल के लिए भारत के खिलाफ दूसरे टी-20 में खेली गई नाबाद 76 रन की पारी बेहद खास रही। बाइस साल के बेथेल ने इस पारी को अपने करियर की टॉप पारियों में रखा, क्योंकि इसकी बदौलत टीम को जीत मिली। बेथेल के नाम तीनों फॉर्मेट में शतक दर्ज हैं। टी-20 इंटरनेशनल में उनका इकलौता शतक इसी साल वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में भारत के खिलाफ ही आया था, लेकिन तब इंग्लैंड 7 रन से मैच हार गया था। शनिवार को कहानी बदल गई। 191 रन के टारगेट का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने 5 गेंदों पर 1 रन पर दो विकेट गंवा दिए थे। दोनों ओपनर खाता खोले बिना आउट हो गए। ऐसे दबाव में नंबर-4 पर उतरे बेथेल ने पहले पारी को संभाला और फिर मैच फिनिश करके नाबाद लौटे। इंग्लैंड ने 4 विकेट से जीत दर्ज की और पांच मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त ले ली।
बेथेल ने खेली 76 रनों की पारी
मैच के बाद बेथेल ने कहा, "इसे मैं अपनी सबसे अच्छी पारियों में सबसे ऊपर रखूंगा। बल्लेबाज के लिए इससे बड़ी बात क्या होगी कि आप नाबाद रहकर टीम को जिताएं और ड्रेसिंग रूम में साथियों से हाथ मिलाएं।" उन्होंने माना कि पहले के शतक भी खास थे, लेकिन जीत न दिला पाने का मलाल रहता था। "मैंने कुछ सेंचुरी लगाई हैं, पर सिर्फ एक में जीत मिली थी। ऑस्ट्रेलिया में हारे, भारत से हारे। हर बार लगता था कि मैं और क्या कर सकता था। आज बहुत खुश हूं। भारत से पिछली हार की टीस थी, अब उन्हें हराकर अच्छा लग रहा है। अगले तीन मैचों के लिए कॉन्फिडेंस भी मिल गया।" 16 ओवर के बाद बेथेल 36 गेंदों पर 42 रन बनाकर खेल रहे थे। मैच का टर्निंग पॉइंट 17वां ओवर रहा। रवि बिश्नोई के उस ओवर में दो नो-बॉल समेत तीन छक्के और एक चौका लगा। ओवर से 29 रन आए। अगला ओवर हर्षित राणा का था, जिसमें भी बेथेल ने छक्का जड़ा। आखिरी 10 गेंदों पर उन्होंने 34 रन ठोक दिए।
इंग्लैंड को जीत दिलाकर लौटे बेथेल
बेथेल ने रणनीति बताई, "200 के आसपास चेज करते हुए हर ओवर में मारना जरूरी नहीं। कुछ ओवर बड़े निकाल लो तो मैच पलट जाता है।" इंग्लैंड की शुरुआत खराब रही थी। बेथेल ने बताया, "मैं शांत था। ब्रूकी जब बैटिंग करने गए तो मैंने कहा- बेस्ट ऑफ लक। कुछ गेंद बाद ही मुझे भी जाना पड़ा। जोस अनलकी रहे। 1 रन पर 2 विकेट के बाद जाना अजीब लगता है, पर ब्रूकी ने सिचुएशन को शानदार हैंडल किया।" कप्तान हैरी ब्रूक ने 15 गेंदों पर 4 चौके-3 छक्के की मदद से 39 रन की ताबड़तोड़ पारी खेली। उनकी पारी ने शुरुआती दबाव हटाया और बेथेल को सेट होने का वक्त मिला। बाद में बेथेल ने मैच खत्म कर दिया और भारत के खिलाफ मिली पुरानी हार का हिसाब भी बराबर कर लिया।
