Virat Kohli On Suresh Raina: वर्तमान में क्रिकेट की दुनिया के सबसे बड़े स्टार विराट कोहली ने एक सुरेश रैना के साथ बातचीत में एक ऐसा किस्सा सुनाया है जिससे पता चलता है कि अगर रैना नहीं होते तो शायद भारतीय टीम विराट से टैलेंट से मरहूम रह जाता। विराट ने जियो सिनेमा के साथ बातचीत में खुलासा किया है कि कैसे साल 2008 में टीम इंडिया से उनके बुलावे में मिस्टर आईपीएल का हाथ था। आपको बता दें कि विराट कोहली ने अगस्त 2008 में श्रीलंका के खिलाफ टीम इंडिया के लिए अपना डेब्यू किया था। उन्हें यह मौका ऑस्ट्रेलिया में हुए एक इमर्जिंग क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान शानदार प्रदर्शन के बाद मिला। चार टीमों के टूर्नामेंट में, कोहली ने छह मैचों में 206 रन बनाए, जिसमें एक रन-चेज़ के दौरान खेली गई 120 रन की पारी भी शामिल थी।
विराट ने रैना को दिया श्रेय
35 वर्षीय कोहली ने खुलासा किया कि कैसे इस टूर्नामेंट के शुरुआत में खराब प्रदर्शन के कारण उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया था। पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा कि चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के दिग्गज रैना ने उन्हें अंतिम ग्यारह में शामिल कराया। इसे संयोग ही कहें कि उस वक्त भारतीय टीम के चीफ सेलेक्टर दिलीप वेंगसरकर इस टूर्नामेंट को देखने के लिए ऑस्ट्रेलिया में मौजूद थे और उनका ध्यान कोहली पर गया।
“मुझे लगता है कि साल 2008 की बात है। इमर्जिंग प्लेयर्स टूर्नामेंट में खेल रहे थे। उस समय इस टूर्नामेंट में वे खिलाड़ी खेलते थे जो अपने देश के लिए खेलने की तैयारी में जुटे थे। मुझे अब भी याद है कि रैना ने मेरे बारे में पहले सुन रखा था। वह टूर्नामेंट के बीच में आये। शुरुआत में एस बद्रीनाथ कप्तान थे, लेकिन बाद में रैना ने कप्तानी संभाली। प्रवीण आमरे हमारे कोच थे और उन्होंने मुझे अंतिम एकादश से बाहर रखा था,''
रैना ने नेट्स पर देखा था विराट को खेलते
"रैना ने मुझे नेट्स में खेलते हुए देखा और आमरे सर से पूछा कि मैं क्यों नहीं खेल रहा हूं। मैं मध्य क्रम में बल्लेबाजी करता था, जबकि अजिंक्य रहाणे ओपनिंग करते थे। आमरे सर ने कहा कि टीम में कोई जगह उपलब्ध नहीं है। उन्होंने आगे कहा, ''उन्होंने जोर देकर कहा कि मुझे खिलाया जाना चाहिए, इसलिए प्रवीण सर ने मुझे बुलाया और पूछा कि क्या मैं ओपनिंग करूंगा।''
2009 में कोहली टीम इंडिया के लिए खेलने के बाद दोबारा इस टूर्नामेंट का हिस्सा बने। उन्होंने इस टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन भी बनाया। बाद में कोहली और रैना ने भारतीय टीम के लिए एक साथ ड्रेसिंग रूम साझा किया और भारत की 2011 विश्व कप और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी जीत के पीछे मैच विनर के तौर पर सामने आए।
