Vaibhav Sooryavanshi: श्रीलंका की धरती पर खेली गई ट्राई सीरीज के फाइनल मुकाबले में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने भारत ए की तरफ से कमाल कर दिया। इंडिया-ए के लिए खेलते हुए वैभव ने श्रीलंका-ए के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की और मात्र 29 गेंदों में 94 रनों की आतिशी पारी खेली। इस तूफानी पारी में उन्होंने 10 चौके और 8 गगनचुंबी छक्के लगाए। इस एक पारी के दम पर वह टूर्नामेंट के 'सिक्सर किंग' बन गए। जबकि इस पारी के पहले उनका नाम दूर-दूर तक नहीं था।
फाइनल से पहले जड़े थे सिर्फ 3 छक्के
दिलचस्प बात ये है कि फाइनल मैच से पहले तक वैभव सूर्यवंशी ने पूरी सीरीज में सिर्फ 3 छक्के जड़े थे। यहां तक कि वह सिक्स हिटिंग लिस्ट में टॉप-5 में भी नहीं थे। पहले 4 मैचों में उन्होंने तेज बैटिंग तो की थी, लेकिन इस दौरान छक्कों से ज्यादा चौके लगाए थे। दूसरी तरफ फाइनल वाले दिन वैभव ने ऐसा गियर बदला कि एक ही पारी में 8 छक्के जड़कर सीधे टूर्नामेंट के ‘सिक्सर किंग’ बन गए।
सूर्यांश शेडगे से छीना 'सिक्सर किंग' का ताज
फाइनल से पहले तक भारत के ही सूर्यांश शेडगे 6 छक्कों के साथ नंबर-1 पर चल रहे थे। हालांकि, वैभव ने एक ही मैच में उनके सिर से ताज छीन लिया। इस एक पारी के दम पर वैभव सबसे ऊपर पहुंच गए, जबकि सूर्यांश दूसरे नंबर पर खिसक गए। वहीं अनुकूल रॉय 5 छक्कों के साथ छक्का जड़ने के मामले में तीसरे नंबर पर रहे।
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स्ट्राइक रेट में भी सबसे आगे
वैभव सूर्यवंशी ट्राई सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वालों में छठे नंबर पर रहे। वैभव ने 5 मैचों में 42.20 की औसत से 211 रन बनाए। इस दौरान फाइनल में बनाया गया 94 रन उनका सबसे बड़ा स्कोर रहा। हालांकि, स्ट्राइक रेट के मामले में वह सबसे आगे रहे। टॉप-6 बल्लेबाजों में वैभव का स्ट्राइक रेट सबसे अधिक 200.95 का रहा। ट्राई सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में श्रीलंका-ए के अविष्का फर्नांडो नंबर एक पर रहे। उन्होंने 5 मैचों में कुल 288 रन बनाए। वहीं भारत के तिलक वर्मा 275 रनों के साथ दूसरे और रुतुराज गायकवाड़ 274 रन के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
