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EXPLAINER: क्या मास्टर स्ट्रोक साबित हुए लीड्स में हार के बाद टीम इंडिया में हुए गंभीर बदलाव?

लीड्स टेस्ट में टीम इंडिया की पांच विकेट से हार के बाद हेड कोच गौतम गंभीर द्वारा प्लेइंग-11 में किए गए बदलाव मास्टर स्ट्रोक साबित होते दिख रहे हैं। लॉर्ड्स टेस्ट में जीत इस दावे पर मुहर लगा देगी।

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टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर (फोटो क्रेडिट AP)

लंदन: टीम इंडिया को इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैच की टेस्ट सीरीज के लीड्स में खेले गए पहले मुकाबले में 5 विकेट के अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। लीड्स टेस्ट की चौथी पारी में टीम इंडिया 371 रन के लक्ष्य का बचाव नहीं कर सकी थी। टीम इंडिया के गेंदबाजी आक्रमण पर सवाल उठे थे। ऐसे में बर्मिंघम टेस्ट के लिए टीम इंडिया ने तीन बदलाव किए और प्लेइंग-11 में साई सुदर्शन की जगह वॉशिंगटन सुंदर, शार्दुल ठाकुर की जगह नीतीश रेड्डी और जसप्रीत बुमराह की जगह आकाशदीप को शामिल किया गया। बुमराह को आराम दिए जाने के निर्णय पर सवाल उठे लेकिन टीम इंडिया ने बर्मिंघम में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया और 336 रन के अंतर से जीत दर्ज की। यह टीम इंडिया की इस मैदान पर पहली जीत थी।

निचले क्रम को धराशाई होने से सुंदर ने बचाया

बर्मिंघम टेस्ट में शुभमन गिल ने मोर्चा संभाला और पहली पारी में दोहरा शतक(269) जड़कर जीत की नींव तैयार कर दी। जिन तीन खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया गया था उनमें से आकाशदीप ने शानदार प्रदर्शन किया। पहली पारी में उन्होंने चार और दूसरी पारी में 6 विकेट सहित कुल 10 विकेट 187 रन देकर अपने नाम किए। आकाशदीप ने बुमराह की कमी कतई टीम को नहीं खलने दी। वहीं वॉशिंगटन सुंदर ने पहली पारी में 42 रन की पारी खेलकर निचले क्रम को धराशाई होने से बचाया और कप्तान गिल के साथ शतकीय साझेदारी करके टीम को 550 रन के पार पहुंचाया। इस साझेदारी ने टीम इंडिया की मैच में पकड़ मजबूत कर दी। दूसरी पारी में सुंदर ने 12 रन बनाकर नाबाद रहे। गेंदबाजी में भी एक विकेट अपने नाम करने में सफल रहे।

नाकामी के बाद भी नीतीश पर बनाए रखा भरोसा

बर्मिंघम टेस्ट में नीतीश रेड्डी बुरी तरह नाकाम रहे। मैच में वो कुल दो रन बना सके और कोई सफलता गेंदबाजी में उनके हाथ नहीं लगी। टीम इंडिया मैच जीतने में सफल रही ऐसे में लॉर्ड्स में तीसरे टेस्ट के लिए घोषित टीम में एक बदलाव हुआ और प्रसिद्ध कृष्णा की जगह बुमराह की वापसी प्लेइंग-11 में हो गई। तीसरे टेस्ट के लिए गंभीर ने वॉशिंगटन सुंदर के साथ-साथ नीतीश रेड्डी पर भरोसा बरकरार रखा। नीतीश भले ही बर्मिंघम में नाकाम रहे लेकिन उन्होंने लॉर्ड्स टेस्ट की पहली पारी में गेंदबाजी से कहर बरपा दिया। एक ओवर में दो विकेट चटकाकर इंग्लैंड के दोनो ओपनर्स जैक क्रॉली और बेन डकेट को पवेलियन वापस भेज दिया। अच्छी शुरुआत के बाद इंग्लैंड की टीम बैकफुट पर नजर आने लगी। लेकिन जो रूट ने शतक जड़कर इंग्लैंड की वापसी करा दी। 387 रन पर इंग्लैंड को रोकने के बाद बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम 387 रन तक पहुंचाने में नीतीश रेड्डी ने गेंदबाजी के बाद बल्ले से भी योगदान दिया। नीतीश ने 30 और सुंदर ने 23 रन की पारी खेली। एक बार फिर टीम को लोअर ऑर्डर धराशाई होने से बच गया।

वॉशिंगटन ने लॉर्ड्स में बरपाया फिरकी से कहर

पहली पारी में दोनों टीमों के स्कोर की बराबरी होने के बाद दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड के बल्लेबाजों को वॉशिंगटन ने अपनी फिरकी के जाल में फंसा दिया। सुंदर ने 22 रन देकर 4 विकेट चटकाए। उन्होंने जो रूट, बेन स्टोक्स, जैमी स्मिथ और शोएब बशीर की गिल्लियां बिखेरकर पवेलियन वापस भेजा और इंग्लैंड को दूसरी पारी में 192 रन पर समेटने में अहम भूमिका अदा की। वहीं नीतीश रेड्डी जैक क्रॉली का अहम विकेट अपने नाम किया।

टीम के लिए ट्रंप कार्ड साबित हुए तीनों प्लेयर

कुल मिलाकर जिन तीन खिलाड़ियों की एंट्री बर्मिंघम टेस्ट में हुई उन्होंने दो टेस्ट में शानदार प्रदर्शन किया। सुंदर दो टेस्ट में 77 रन बनाए और 5 विकेट अपने नाम किए हैं। वहीं नीतीश रेड्डी ने 32 रन बनाए और 3 विकेट चटकाए। आकाशदीप ने 11 विकेट अपने नाम किए। इन तीनों खिलाड़ियों का प्रदर्शन अबतक निर्णायक साबित हुआ है। लॉर्ड्स टेस्ट में जीत के बाद इस दावे पर मुहर लग जाएगी।

लॉर्ड्स टेस्ट के चौथे दिन का खेल खत्म होने तक भारतीय टीम ने जीत के लिए 193 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 4 विकेट 58 रन पर गंवा दिए हैं। जीत के लिए उसे 135 रन और बनाने हैं। अगर टीम इंडिया लॉर्ड्स में जीत के परचम लहराकर सीरीज में 2-1 की बढ़त हासिल करने में सफल हुई तो पहले टेस्ट के बाद हेड कोच गौतम द्वारा किए गए गंभीर बदलावों को सीरीज के लिहाज से निश्चित तौर पर मास्टर्स स्ट्रोक के रूप में हमेशा याद किया जाएगा।

Navin Chauhan
नवीन चौहानauthor

नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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