14 मार्च 1996 को साउथ अफ्रीका के तेज गेंदबाज टेरटियस बॉश्क का जन्म हुआ था। हालांकि, उन्होंने अपने क्रिकेट करियर में केवल 1 टेस्ट और 2 वनडे मैच खेला, लेकिन वह अपनी मौत के कारण काफी चर्चा में रहे। बॉश्क की मौत 33 साल की उम्र में फरवरी 2000 में हुई थी। हालांकि उनकी मौत के शुरुआती कारणों में यह पता चला कि वजह वायरल इंफेक्शन थी। लेकिन 18 महीने बाद उनकी बॉडी दोबारा निकाली गई ताकि मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सके।
सामने आई मौत की असली वजह
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार जो मौत की वजह सामने आई, उसने सबको हैरान कर दिया। दरअसल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पता चला कि उनकी मौत जहर की वजह से हुई है। बाद में यह गुत्थी और भी उलझ गई जब उनकी बहन ने अपनी भाभी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की।
क्या थी याचिका
दरअसल उनकी मौत के पीछे जहर देने की सच्चाई के बाहर आने के बाद उनकी बहन ने यह याचिका दायर की, कि उनके पत्नी को उनका उत्तराधिकारी न बनाया जाए। मौत से पहले बॉश्क ने अपनी पत्नी पर बेवफाई का भी आरोप लगाया था।
बॉश्क का क्रिकेट करियर
टेरटियस बॉश्क के क्रिकेट करियर की बात करें तो फरवरी 1992 में वनडे डेब्यू करने वाले टेरिटयस ने केवल एक टेस्ट और 2 वनडे मैच खेला। टेस्ट में उनके नाम 3 विकेट है जबकि वनडे में उनके नाम कोई भी विकेट नहीं है। हालांकि फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड ठीक-ठाक रहा है। उन्होंने 68 फर्स्ट क्लास मैच में 210 विकेट जबकि 80 लिस्ट ए मैचों में 105 विकेट हासिल किए हैं। टेरटियन बॉश्क का बेटा कॉरविन बॉश्क भी साउथ अफ्रीका के लिए फर्स्ट-क्लास क्रिकेट खेलता है। उन्होंने 27 मैच में 2,156 रन और 56 विकेट हासिल किए हैं। लिस्ट ए में उनका रिकॉर्ड अच्छा है। कॉरविन ने 27 मैच में 1228 रन और 32 विकेट लिए हैं।
