राजकोट: रविचंद्रन अश्विन के अचानक राजकोट टेस्ट से बाहर होने के बाद टीम इंडिया के लिए परेशानियां बढ़ गई हैं। मां की तबीयत अचानक खराब होने और अस्पताल में भर्ती होने के बाद अश्विन ने तीसरे टेस्ट से अपना नाम वापस ले लेकर चेन्नई पहुंच गए। ऐसे में भारतीय टीम के ऊपर हार का खतरा मंडराने लगा है। भारतीय टीम को अश्विन की सेवाएं नहीं मिल पाएंगी। कुलदीप और जडेजा संघर्ष करते दिख रहे हैं।
केवल सिर पर चोट की वजह से मिलता है सब्स्टीट्यूट प्लेयर
अश्विन की गैरमौजूदगी में भारतीय टीम को राजकोट टेस्ट के बाकी बचे तीन दिन में 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना होगा। अश्विन पारिवारिक मेडिकल इमरजेंसी की वजह से मैच से बाहर हुए हैं ऐसे में टीम को उनके बदले कोई खिलाड़ी भी नहीं मिलेगा। आईसीसी ने केवल कन्कशन(सिर पर चोट लगने) की स्थिति में ही सब्स्टीट्यूट का प्रावधान किया है। वो भी लाइक फॉर लाइक। ऐसे में कोई भी नियम भारत को इस मुश्किल स्थिति से निजात नहीं दिला पाएगा।
अश्विन गेंद और बल्ले दोनों से देते हैं योगदान
अश्विन गेंद और बल्ले दोनों से टीम के लिए टेस्ट में बेहद अहम खिलाड़ी है। अपनी फिरकी के जादू से विरोधी बल्लेबाजों को ढेर करने के बाद वो बल्ले के कौशल से भी विरोधी टीमों को परेशानी में डालते रहे हैं। निचले क्रम पर वो उपयोगी बल्लेबाजी करके टीम की राह आसान बनाते रहे हैं ऐसे में राजकोट टेस्ट में भारतीय टीम को उनकी कमी निश्चित तौर पर खलेगी। राजकोट टेस्ट की पहली पारी में अश्विन ने 37 अहम रन बनाए और एक विकेट अपने नाम किया।
कई बड़े खिलाड़ी हैं चोट और पारिवारिक कारणों से बाहर
चोट और पारिवारिक कारणों से पहले ही टीम इंडिया के कई बड़े खिलाड़ी सीरीज में उपलब्ध नहीं है। विराट कोहली का नाम उनमें सबसे अहम हैं। इसके अलावा चोट की वजह से मोहम्मद शमी और केएल राहुल टीम से बाहर हैं। ऐसे में अश्विन के मैच के बीच बाहर होने से मु्श्किलें बढ़ गई हैं।
रन लुटा रहे हैं बांए हाथ के कुलदीप और जडेजा
राजकोट टेस्ट के दूसरे दिन भारतीय टीम अपनी पहली पारी में 445 रन बनाकर ढेर हो गई। इसके बाद बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड ने बेन डकेट के शानदार शतक की बदौलत दिन का खेल खत्म होने तक 2 विकेट पर 207 रन बना लिए हैं। डकेट 133 और जो रूट 9 रन बनाकर नाबाद हैं। इंग्लैंड फिलहाल पहली पारी के आधार पर 238 रन पीछे है। कुलदीप यादव की जमकर धुनाई हुई है। वो 6 ओवर में 42 रन लुटा चुके हैं। जडेजा ने 4 ओवर में 33 रन दिए हैं। ऐसे में सिराज और बुमराह के भरोसे मैच बचा पाना टीम इंडिया के लिए आसान नहीं होगा।
