अहमदाबाद: चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने इंडियन प्रीमियर लीग 2023 के पहले मैच में शुक्रवार को गत चैंपियन गुजरात टाइटन्स के खिलाफ पांच विकेट की हार के बाद कहा कि अगर उनकी टीम 15 से 20 रन और बनाती तो अच्छा रहता। सुपरकिंग्स के 179 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए गुजरात की टीम ने सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल (36 गेंद में 63 रन) के अर्धशतक की बदौलत चार गेंद शेष रहते पांच विकेट पर 182 रन बनाकर जीत दर्ज की।
रुतुराज ने छुड़ाए गुजरात के छक्के
सुपरकिंग्स ने इससे पहले सलामी बल्लेबाज रुतुराज गायकवाड़ (50 गेंद में 92 रन, नौ छक्के, चार चौके) के अर्धशतक से सात विकेट पर 178 रन बनाए। हालांकि उनके अलावा सिर्फ मोईन अली (23) ही 20 रन के आंकड़े को पार कर पाए। गुजरात की ओर से लेग स्पिनर राशिद खान ने 26, मोहम्मद शमी ने 29 जबकि अल्जारी जोसेफ ने 33 रन देकर दो-दो विकेट चटकाए।
बल्लेबाजी के दौरान 15 से 20 रन कम रन बनाए
धोनी ने मैच के बाद कहा, '15 से 20 रन और बनते तो अच्छा होता। हम सभी जानते थे कि थोड़ी ओस होगी। मैच शाम साढ़े सात बजे शुरू होना था इसलिए गेंद शुरुआत में थोड़ी रुककर आती है। साथ ही हम बीच के ओवरों में बेहतर बल्लेबाजी कर सकते थे। हम और खुलकर शॉट्स खेल सकते थे लेकिन जैसे जैसे मैच आगे बढ़ा गेंद की रफ्तार कम होती गई। गेंद की रफ्तार का उपयोग करके उसपर सही ठिकाने पर शॉट खेलते तो बहुत अच्छा होता।'
रुतुराज को बल्लेबाजी करता देखना है शानदार
रुतुराज की सराहना करते हुए धोनी ने कहा,'रुतु को बल्लेबाजी करते हुए देखना शानदार होता है।उनकी टाइमिंग बहुत अच्छी है, वो गेंद को सही जगह पर खेलते हैं, गेंदबाज की गति का उपयोग करते हैं और दबाव में सही फैसले करते हैं। खेल सही फैसले लेने का है। पिछले कुछ सालों में उसने खुद को बहुत अच्छी तरह से तैयार किया है वो जिस तरह विकल्प चुनते हैं और लय में होते हैं तब जैसे शॉट्स खेलते हैं वो आंखों के लिए सुकून भरा होता है।
राजवर्धन के अंदर है काबीलियत, वक्त के साथ आएगा निखार
गुजरात के खिलाफ मुकाबले में आईपीएल डेब्यू करने वाले 20 वर्षीय राजवर्धन हंगरगेकर की तारीफ करते हुए कहा, युवा खिलाड़ियों के लिए अहम है कि वो आगे आएं। पिछले साल भी हमारे पास बहुत अच्छा मौका था और हम मुकेश चौधरी को पाने में सफल रहे। इस साल वो चोटिल हो गए यह दुर्भाग्यपूर्ण है। राजवर्धन के अंदर बहुत काबीलियत है। उनकी गेंदबाजी में पेस है और जैसे-जैसे उन्हें मौके मिलेंगे वो बेहतर होते जाएंगे। कुल मिलाकर मैं गेंदबाजी से निराश नहीं हूं। मुझे लगता है कि परिस्थियों के लिहाज से गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। नो बॉल ऐसा पहलू है जिससे बचना होगा। आधुनिक क्रिकेट में नो-बॉल ऐसी चीज है जो आपके नियंत्रण में है। कई बार वो आपको बड़ा दर्द देती हैं।
(भाषा इनपुट के साथ)
