नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम सेमीफाइनल में इंग्लैंड से बुरी तरह हारकर टी20 विश्व कप 2022 से बाहर हो गई। एक बार फिर भारतीय क्रिकेट प्रशंसको का अपनी टीम को वर्ल्ड चैंपियन बनता देखने का सपना पूरा नहीं हो सका। 15 साल से भारतीय टीम की टी20 वर्ल्ड कप में खिताबी जीत की बाट जोह रहे हैं लेकिन उनका इंतजार खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा।
टीम इंडिया बार-बार आईसीसी ट्रॉफी जीतने से चूक रही है। साल 2013 में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बाद से टीम इंडिया का सफर नॉकआउट दौर में ही थम रहा है। दो बार फाइनल में पहुंचने का मौका मिला लेकिन साल 2014 में श्रीलंका के खिलाफ और 2017 में चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान के खिलाफ भारत को मुंह की खानी पड़ी और खिताब हाथ नहीं लगा।
सलामी जोड़ी बनी हार की वजह
इस बार विश्व कप में ग्रुप दौर में भारतीय टीम की खिताब नहीं जीत पाई इसकी मुख्य वजह टीम की सलामी जोड़ी रही। आठवीं बार टी20 विश्व कप में शिरकत कर रहे कप्तान रोहित शर्मा बल्ले से वो जलवा लगातार दूसरी बार दिखाने में नाकाम रहे। 2019 में इंग्लैंड में वनडे विश्व कप में रोहित शर्मा ने 5 शतक जड़कर जो धमाल किया था। वो धमक लगातार फीकी होती गई लेकिन प्रशंसक, टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ता सभी हिटमैन के फॉर्म में आ रही गिरावट को नजर अंदाज करते रहे।हिटमैन रहे सुपर फ्लॉप
रोहित शर्मा टी20 विश्व कप 2022 में बल्ले से पूरी तरह फ्लॉप रहे। टूर्नामेंट में खेले 6 मैच की 6 पारियों में उन्होंने 19.33 के औसत और 106.42 के स्ट्राइक रेट से केवल 116 रन बना सके। उनका सर्वाधिक स्कोर 53(39) रन रहा। ये पारी उन्होंने नीदरलैंड जैसी कमजोर टीम के खिलाफ खेली थी। वो भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों में पांचवें स्थान पर रहे। पिछले साल यूएई में आयोजित विश्व कप में उनका प्रदर्शन बेहतर रहा था। पिछले साल उन्होंने 5 मैच की 5 पारियों में 34.80 के औसत और 151.30 के स्ट्राइक रेट से 174 रन बनाए थे। 74 उनका सर्वाधिक स्कोर रहा था और उन्होंने 2 अर्धशतक जड़े थे।नहीं रहा बल्ले में पुराना पैनापन
मेरा सवाल रोहित शर्मा के प्रशंसकों से है आपको याद है रोहित ने आखिरी बार कब बगैर ताकत के मिड विकेट या मिड ऑन की दिशा में छक्के जड़े हों या शॉट बॉल पर पुल शॉट खेलकर गेंद को बिना किसी परेशानी के बाउंडी के पार पहुंचाकर विरोधी गेंदबाजों की बखिया उधेड़ी हो। आपको भी इसके लिए अपने दिमाग पर जोर लगाना पड़ रहा है क्योंकि जो बात कुछ साल पहले रोजमर्रा की थी वो अब कभी-कभी होने वाली वारदात जैसी हो गई है। रोहित भी अगर आईने के सामने खड़े होकर खुद से यह सवाल पूछें कि क्या उनमें पुरानी बात रह गई है तो झूठ नहीं बोल पाएंगे। हकीकत तो यही है कि उनके बल्ले में पुराना पैनापन नहीं रह गया है।तीन साल से आईपीएल में हाल बेहाल
आंकड़े भी साल 2019 के बाद से रोहित के टी20 क्रिकेट में फॉर्म में गिरावट की तस्दीक करते हैं। आईपीएल में देखें तो पिछले तीन सीजन में रोहित ने 39 मैच खेल और इस दौरान 25.15 के औसत और 125.44 के स्ट्राइक रेट से 981 रन बनाए। तीन सीजन में वो एक बार भी 400 रन के आंकड़े को पार नहीं कर सके। आईपीएल पिछले तीन सीजन में रोहित ने 268, 381 और 332 रन बनाए। इन तीन सीजन में वो केवल 4 अर्धशतक जड़ सके, 80 रन उनका सर्वाधिक स्कोर रहा।आईपीएल 2022 में किया सबसे खराब प्रदर्शन
पिछला आईपीएल सीजन उनके करियर का सबसे खराब सीजन रहा जिसमें 14 मैच में वो 19.14 के औसत और 120.89 के स्ट्राइक रेट से कुल 268 रन बना सके। उनका सर्वाधिक स्कोर 48 रन रहा और वो एक बार भी पचास रन के आंकड़े को पार नहीं कर सके।साल 2022 में अंतरराष्ट्रीय टी20 में फीका रहा प्रदर्शनसाल 2022 में रोहित शर्मा ने कुल 29 अंतरराष्ट्रीय टी20 मुकाबले खेले। इस दौरान 29 पारियों में से 2 बार नाबाद रहते हुए उन्होंने 24.29 के औसत 134.42 के स्ट्राइक रेट से कुल 656 रन बनाए। इस दौरान केवल तीन अर्धशतक उनके बल्ले से निकले। 72 रन उनका सर्वाधिक स्कोर रहा।
