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Analysis: क्या रोहित शर्मा के अंदर बचा है पुराना क्लास? नए टेम्पलेट का दावा साबित हुआ बकवास

  • Written by: नवीन चौहानResearch by: नवीन चौहान
  • Updated Nov 12, 2022, 10:18 AM IST

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा का नए टेम्पलेट से खेलने का दावा पूरी तरह खोखला साबित हुआ और इस वजह से टीम इंडिया को टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में हार का मुंह देखना पड़ा। खराब ओपनिंग टीम इंडिया के लिए पूरे टूर्नामेंट में परेशानी का सबब बनी रही।

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रोहित शर्मा( साभार AP)

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम सेमीफाइनल में इंग्लैंड से बुरी तरह हारकर टी20 विश्व कप 2022 से बाहर हो गई। एक बार फिर भारतीय क्रिकेट प्रशंसको का अपनी टीम को वर्ल्ड चैंपियन बनता देखने का सपना पूरा नहीं हो सका। 15 साल से भारतीय टीम की टी20 वर्ल्ड कप में खिताबी जीत की बाट जोह रहे हैं लेकिन उनका इंतजार खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा।

टीम इंडिया बार-बार आईसीसी ट्रॉफी जीतने से चूक रही है। साल 2013 में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बाद से टीम इंडिया का सफर नॉकआउट दौर में ही थम रहा है। दो बार फाइनल में पहुंचने का मौका मिला लेकिन साल 2014 में श्रीलंका के खिलाफ और 2017 में चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान के खिलाफ भारत को मुंह की खानी पड़ी और खिताब हाथ नहीं लगा।

सलामी जोड़ी बनी हार की वजह

इस बार विश्व कप में ग्रुप दौर में भारतीय टीम की खिताब नहीं जीत पाई इसकी मुख्य वजह टीम की सलामी जोड़ी रही। आठवीं बार टी20 विश्व कप में शिरकत कर रहे कप्तान रोहित शर्मा बल्ले से वो जलवा लगातार दूसरी बार दिखाने में नाकाम रहे। 2019 में इंग्लैंड में वनडे विश्व कप में रोहित शर्मा ने 5 शतक जड़कर जो धमाल किया था। वो धमक लगातार फीकी होती गई लेकिन प्रशंसक, टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ता सभी हिटमैन के फॉर्म में आ रही गिरावट को नजर अंदाज करते रहे।

हिटमैन रहे सुपर फ्लॉप

रोहित शर्मा टी20 विश्व कप 2022 में बल्ले से पूरी तरह फ्लॉप रहे। टूर्नामेंट में खेले 6 मैच की 6 पारियों में उन्होंने 19.33 के औसत और 106.42 के स्ट्राइक रेट से केवल 116 रन बना सके। उनका सर्वाधिक स्कोर 53(39) रन रहा। ये पारी उन्होंने नीदरलैंड जैसी कमजोर टीम के खिलाफ खेली थी। वो भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों में पांचवें स्थान पर रहे। पिछले साल यूएई में आयोजित विश्व कप में उनका प्रदर्शन बेहतर रहा था। पिछले साल उन्होंने 5 मैच की 5 पारियों में 34.80 के औसत और 151.30 के स्ट्राइक रेट से 174 रन बनाए थे। 74 उनका सर्वाधिक स्कोर रहा था और उन्होंने 2 अर्धशतक जड़े थे।

नहीं रहा बल्ले में पुराना पैनापन

मेरा सवाल रोहित शर्मा के प्रशंसकों से है आपको याद है रोहित ने आखिरी बार कब बगैर ताकत के मिड विकेट या मिड ऑन की दिशा में छक्के जड़े हों या शॉट बॉल पर पुल शॉट खेलकर गेंद को बिना किसी परेशानी के बाउंडी के पार पहुंचाकर विरोधी गेंदबाजों की बखिया उधेड़ी हो। आपको भी इसके लिए अपने दिमाग पर जोर लगाना पड़ रहा है क्योंकि जो बात कुछ साल पहले रोजमर्रा की थी वो अब कभी-कभी होने वाली वारदात जैसी हो गई है। रोहित भी अगर आईने के सामने खड़े होकर खुद से यह सवाल पूछें कि क्या उनमें पुरानी बात रह गई है तो झूठ नहीं बोल पाएंगे। हकीकत तो यही है कि उनके बल्ले में पुराना पैनापन नहीं रह गया है।

तीन साल से आईपीएल में हाल बेहाल

आंकड़े भी साल 2019 के बाद से रोहित के टी20 क्रिकेट में फॉर्म में गिरावट की तस्दीक करते हैं। आईपीएल में देखें तो पिछले तीन सीजन में रोहित ने 39 मैच खेल और इस दौरान 25.15 के औसत और 125.44 के स्ट्राइक रेट से 981 रन बनाए। तीन सीजन में वो एक बार भी 400 रन के आंकड़े को पार नहीं कर सके। आईपीएल पिछले तीन सीजन में रोहित ने 268, 381 और 332 रन बनाए। इन तीन सीजन में वो केवल 4 अर्धशतक जड़ सके, 80 रन उनका सर्वाधिक स्कोर रहा।

आईपीएल 2022 में किया सबसे खराब प्रदर्शन

पिछला आईपीएल सीजन उनके करियर का सबसे खराब सीजन रहा जिसमें 14 मैच में वो 19.14 के औसत और 120.89 के स्ट्राइक रेट से कुल 268 रन बना सके। उनका सर्वाधिक स्कोर 48 रन रहा और वो एक बार भी पचास रन के आंकड़े को पार नहीं कर सके।

साल 2022 में अंतरराष्ट्रीय टी20 में फीका रहा प्रदर्शनसाल 2022 में रोहित शर्मा ने कुल 29 अंतरराष्ट्रीय टी20 मुकाबले खेले। इस दौरान 29 पारियों में से 2 बार नाबाद रहते हुए उन्होंने 24.29 के औसत 134.42 के स्ट्राइक रेट से कुल 656 रन बनाए। इस दौरान केवल तीन अर्धशतक उनके बल्ले से निकले। 72 रन उनका सर्वाधिक स्कोर रहा।

प्रदर्शन में आई बड़ी गिरावट

साल 2019 से 2021 तक रोहित शर्मा ने कुल 29 अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच खेल। इस दौरान उन्होंने 29 मैच की 29 पारियों में एक बार नाबाद रहते हुए 960 रन 660 गेंदों का सामना करते हुए बनाए। इस दौरान उनका औसत 34.28 और स्ट्राइक रेट 145.45 का था और उन्होंने 11 अर्धशतक जड़े थे।

खोखला साबित हुआ नया टेम्पलेट

इन दोनों आंकड़ों की तुलना करने पर पता चलता है कि रोहित शर्मा ने अपने खेल का तरीका बदला ये दावा बिलकुल खोखला है। रोहित का पुराना तरीका ही टीम इंडिया के लिए और व्यक्तिगत तौर पर उनके लिए फायदेमंद था। इस साल रोहित 29 मैच में केवल 488 गेंद खेल सके जबकि पिछले 29 मैचों में उन्होंने 660 गेंदों का सामना किया था। नए अंदाज की क्रिकेट खेलने से उनके औसत में तकरीबन 10 और स्ट्राइक रेट में 11 की गिरावट आई है। इन 29 मैचों में 3 बार 50 रन से ज्यादा बना सके। जबकि इससे पहले के 29 मैचों में उन्होंने 11 बार अर्धशतक जड़ा था और 85 उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर रहा था।
नवीन चौहान
नवीन चौहानauthor

नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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