एशिया कप स्क्वॉड में मीडिल ऑर्डर में सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा को भी शामिल किया गया है। यदि श्रेयस अय्यर नहीं खेल पाते हैं तो उनके स्थान पर सूर्या को मौका मिल सकता है, लेकिन टी20 के इस नंबर वन बल्लेबाज की वनडे में प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। इसके लिए सूर्या दिन-रात कड़ी मेहनत कर रहे हैं।
यह विस्फोटक बल्लेबाज खेल के ‘सबसे चुनौतीपूर्ण’ प्रारूप में सफलता हासिल करने का अलग-अलग तरीका ढूंढकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबद्ध है।
सूर्यकुमार वनडे क्रिकेट में अपने टी20 के प्रदर्शन को दोहराने में नाकाम रहे हैं। वह फरवरी 2022 से अगस्त 2023 के बीच वनडे क्रिकेट में 20 मैचों में एक भी अर्धशतक नहीं लगा पाए।
वेस्टइंडीज में भी नाकाम सूर्या
वेस्टइंडीज के पिछले दौरे में सूर्यकुमार को छठे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजा गया। अब जबकि चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने वाले श्रेयस अय्यर की वापसी हो गई है तब सूर्यकुमार को अपनी नई भूमिका में ही उतरना पड़ेगा। वह एशिया कप के लिए भारतीय टीम में शामिल हैं।
टीम की उम्मीदों पर खरा उतरना लक्ष्य
सूर्यकुमार ने स्टार स्पोर्ट्स से कहा,‘‘ मैं चाहता हूं कि मुझे जो भी भूमिका सौंपी जाए मैं उस पर खरा उतरूं। निश्चित तौर पर यह एक ऐसा प्रारूप है जिसमें मैं अच्छा प्रदर्शन करने के लिए बेताब हूं।’’ उन्होंने कहा,‘‘ प्रत्येक यह कह रहा है कि टी20 में मेरा प्रदर्शन अच्छा चल रहा है और जबकि दोनों प्रारूपों में सफेद गेंद का उपयोग किया जाता है तो फिर मैं 50 ओवरों के प्रारूप में सफलता हासिल क्यों नहीं कर पा रहा हूं। लेकिन में अच्छी तरह से अभ्यास कर रहा हूं क्योंकि मेरे अनुसार यह प्रारूप सबसे चुनौतीपूर्ण है।’’
सभी सीनियर से ले रहा सलाह
सूर्यकुमार ने कहा,‘‘ इस प्रारूप में संतुलन स्थापित करना बेहद महत्वपूर्ण होता है और इस कारण मैं काफी अभ्यास कर रहा हूं और इसको लेकर राहुल (द्रविड़) सर, रोहित (शर्मा) भाई और विराट (कोहली) भाई से बात करता हूं। उम्मीद है कि टूर्नामेंट आगे बढ़ने के साथ मैं इस प्रारूप में सफल होने का तरीका ढूंढ लूंगा।’’
(भाषा इनपुट के साथ)
