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IND vs AUS 2nd Test: भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने पुजारा को लेकर कही बड़ी बात

  • Agency by: Agency
  • Updated Feb 17, 2023, 12:07 PM IST

IND vs AUS 2nd Test: भारतीय टीम की नई दीवार चेतेश्वर पुजारा ने शुक्रवार को नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट करियर का 100वां मुकाबला खेलने उतरे। उनका सम्मान दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने कैप देकर किया।

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सुनील गावस्कर पुजारा को कैप देते हुए।

Photo : AP

नई दिल्ली। भारतीय टीम के दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने शुक्रवार को उम्मीद जताई कि चेतेश्वर पुजारा अपने 100वें टेस्ट मैच में शतक जड़ने वाले पहले भारतीय क्रिकेटर बनेंगे आगे उन्होंने कहा कि वह कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के शानदार उदाहरण हैं। पुजारा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दूसरे टेस्ट मैच में मैदान पर कदम रखते ही भारत की तरफ से 100 टेस्ट मैच खेलने वाले 13वें क्रिकेटर बन गए। भारतीय टेस्ट टीम के मुख्य स्तंभ पुजारा ने टीम के अपने साथियों और परिजनों के सामने गावस्कर से विशेष कैप हासिल की।

आपका इस क्लब में स्वागत है भारत की तरफ से 125 टेस्ट मैच खेलने वाले गावस्कर ने कहा, ‘आपका 100 टेस्ट मैच के क्लब में स्वागत है और मैं प्रार्थना करता हूं कि आप अपने 100वें टेस्ट मैच में शतक जड़ने वाले पहले भारतीय क्रिकेटर बनो और दिल्ली में एक और जीत की नींव रखो।’ पूर्व भारतीय कप्तान गावस्कर ने कहा कि पुजारा ने भारतीय टीम की खातिर अपने शरीर की भी परवाह नहीं की। उन्होंने कहा, ‘जब आप बल्लेबाजी के लिए जा रहे होते हैं तो ऐसा लगता है कि जैसे आप भारतीय ध्वज साथ में लेकर जा रहे हो। आप भारत की खातिर अपना शरीर दांव पर लगा देते हो।’

पुजारा का विकेट लेना आसान नहीं

गावस्कर ने कहा, ‘आपने अपने शरीर पर कई गेंदे झेली हैं और आपने गेंदबाजों को आपका विकेट हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करवाई। आपका प्रत्येक रन भारत के लिए महत्वपूर्ण रहा। आप कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के आदर्श रहे हो।’ 35 वर्षीय पुजारा ने 2010 में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था। उनके नाम पर टेस्ट क्रिकेट में 7000 से अधिक रन और 19 शतक शामिल हैं।

दिग्गज खिलाड़ियों ने मुझे प्रेरित किया: पुजारा

पुजारा ने गावस्कर से कहा, ‘आप जैसे दिग्गज खिलाड़ियों ने मुझे प्रेरित किया। जब मैं छोटा था तो भारत के लिए खेलने का सपना देखता था लेकिन मैंने कभी नहीं सोचा कि मैं देश के लिए 100 टेस्ट मैच खेलूंगा।’उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि टेस्ट क्रिकेट खेल का वास्तविक प्रारूप है और इसमें आपके जज्बे की परीक्षा होती है। जिंदगी और टेस्ट क्रिकेट में कई समानताएं हैं। अगर आप मुश्किल दौर में संघर्ष कर सकते हैं तो फिर आप उससे बाहर निकल सकते हैं।’
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