अपना पहला टी20 वर्ल्ड कप खेल रहे अभिषेक शर्मा 3 पारी खेल चुके हैं, लेकिन उन्हें पहले रन की तलाश है। लेकिन अब मुकाबला सुपर-8 का होने वाला है। पहला मुकाबला रविवार को साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेला जाएगा। ऐसे में अभिषेक को लेकर साउथ अफ्रीकी टीम ने भी खास तैयारी की है। अभिषेक पहले ही तीन बार शून्य के स्कोर पर आउट हो चुके हैं। चौथे मुकाबले में अगर उनको मौका मिलता है तो इस बल्लेबाज पर भारी दबाव होगा। इस दबाव का फायदा उठाने में मार्करम की टीम भी पीछे नहीं रहना चाहती। शुरुआती मैच में अभिषेक पेट के संक्रमण के कारण नहीं खेल पाए थे। लेकिन जिन्होंने इस फॉर्मेट में उन्हें करीब से देखा है उनका कहना है कि ’’फॉर्म अस्थायी है, उसका आत्मविश्वास स्थायी’’ है। अभिषेक का स्ट्राइक रेट 192 से ज्यादा का है लेकिन अचानक उनकी फॉर्म खराब हो गई जिसका मुख्य कारण पेट के संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती होने के एक हफ्ते से भी कम समय बाद प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में उनकी वापसी हो सकती है।
फिर धीमी पिचों ने भी उनकी मदद नहीं की है। अब तक टीम के एकजुट प्रयास ने पक्का किया है कि नतीजों पर कोई असर नहीं पड़े। लेकिन शनिवार से सुपर आठ चरण शुरु होने वाला है इसलिए यह जरूरी होगा कि उनका बल्ला चले।
नीदरलैंड और पाकिस्तान की राह पर साउथ अफ्रीका
भारत सुपर आठ चरण के पहले मैच में 22 फरवरी को दक्षिण अफ्रीका से भिड़ेगा। अभिषेक के अब तक के आउट होने के तरीके को ध्यान से देखने के बाद दक्षिण अफ्रीका के कप्तान एडेन मारक्रम पावरप्ले के अंदर दोनों छोर से कागिसो रबाडा या लुंगी एनगिडी को गेंदबाजी कराने के बजाय खुद ऑफ-ब्रेक गेंदबाजी करने के बारे में सोच सकते हैं या फिर जॉर्ज लिंडे से गेंदबाजी करने को कह सकते हैं। सबसे छोटे फॉर्मेट में गलती की गुंजाइश बहुत कम होती है। अभिषेक का टी20 विश्व कप में अपना खाता नहीं खोल पाना चिंता की बात नहीं है। हो सकता है वह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ या फिर इसके बाद चेन्नई में जिम्बाब्वे के खिलाफ और कोलकाता में वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच में लय हासिल कर लें।
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की फ्रेंचाइजी के एक मशहूर बल्लेबाजी कोच ने लीग के दौरान अभिषेक के खिलाफ योजना बनाई और उनकी बल्लेबाजी का विश्लेषण किया। उनसे जब पूछा गया कि क्या टीमों ने आखिरकार अभिषेक की बल्लेबाजी को समझ लिया है तो उनका जवाब ’नहीं’ था। उन्होंने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा, ’’बिलकुल नहीं। पहले मैच में डीप एक्स्ट्रा कवर पर वह खराब गेंद पर कैच हुए थे जो छह रन के लिए जा सकती थी। या फील्डर के बाएं या दाएं एक पैर से बाहर जाकर चौके के लिए जा सकती थी। ’’
अभिषेक के तीनों मैच में आउट होने के तरीके पर उन्होंने आगे कहा, ’’ऑफ-स्पिनर की अंदर आती गेंद पर बोल्ड होना, ना कि बाहर जाती हुई गेंद पर, इससे ज्यादा कुछ पता नहीं चलता। और मिड-ऑन पर कैच होना। ’’ उन्होंने कहा कि इस तरह आउट होने से पहले ऐसा कोई डेटा नहीं है जो यह बताए कि ऑफ-स्पिनर उन्हें हमेशा परेशान करते हैं। कोच ने कहा, ’’वह आम तौर पर ऑफ-स्पिन काफी अच्छा खेलते हैं। मैंने कुछ भी गलत नहीं देखा है। ’’
हालांकि विकेटों का धीमा होना उनकी आउट होने का कारण बन सकता है क्योंकि उनके बल्ले की स्विंग बहुत तेज है, जिससे उन्हें तेज गेंदबाजों के मुफीद ट्रैक पर बहुत सफलता मिलती है। अभिषेक के लिए अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत से यह पहला चरण हैं जहां उन्हें लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। यहीं पर बल्लेबाजी कोच सीतांशु कोटक का भूमिका अहम हो जाती है।
