क्रिकेट

'इससे बेहतर शब्द मेरे पास नहीं,' कलंक बर्दाश्त नहीं कर पाए श्रेयस अय्यर, निकाली अपनी खुन्नस

श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम को लगातार चौथी हार मिली। नॉर्टिंघम के ट्रेंट ब्रिज क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारत को 125 रन से हार का सामना करना पड़ा। इस करारी हार को श्रेयस अय्यर ने एक शब्द में व्याख्या कर दी। उन्होंने इसे सबसे खराब कहा है।

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करारी शिकस्त के बाद नाराज हुए श्रेयस अय्यर। फाइल फोटो

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में मिली हार के बाद श्रेयस अय्यर ने टीम के प्रदर्शन को शर्मनाक बताया। उन्होंने एक शब्द में अपनी पूरी खुन्नस निकाल दी। श्रेयस ने कहा कि उन्हें लगता है कि यह बेहद खराब (Atrocious) था। श्रेयस ने इस बात पर भी जोर दिया कि टीम और मैनेजमेंट को नए सिरे से रणनीति बनाने की जरूरत है।

मैच के बाद भारतीय कप्तान ने कहा, मुझे लगता है कि यह बेहद खराब (Atrocious) था। सच कहूं तो, इससे बेहतर शब्द मेरे पास नहीं है। इतने बड़े अंतर से हारना बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। सबसे पहले, मुझे लगता है कि हमें इस हार को स्वीकार करना होगा और पूरी तरह से नए सिरे से रणनीति बनानी होगी और देखना होगा कि हमने क्या गलत किया। विकेट को देखते हुए, मुझे नहीं लगता कि यह 200 रन बनाने लायक विकेट था। लेकिन इसके अलावा, जिस तरह से हमने बल्लेबाजी की, हमने पावरप्ले में पांच विकेट गंवा दिए। मुझे लगता है कि हम वहीं हार गए। इसलिए, हमें नए सिरे से रणनीति बनानी होगी।

'हमारा प्रदर्शन बेहद खराब'

श्रेयस ने आगे कहा, मुझे लगता है कि टीम मीटिंग में आप बहुत कुछ प्लान कर सकते हैं, लेकिन मैदान पर आने के बाद आपको जितनी जल्दी हो सके खुद को ढालना होगा और यह समझने की कोशिश करनी होगी कि किसी खास विकेट पर किस लेंथ पर गेंदबाजी करना महत्वपूर्ण है। जैसे कल, हार्ड लेंथ गेंदबाजों के लिए काफी मददगार साबित हो रही थीं। मुझे लगता है कि हम उस पर ठीक से अमल नहीं कर पाए। और बल्लेबाजी में भी, मुझे लगता है कि जब आप 200 रनों का पीछा कर रहे होते हैं, तो आपको अपनी पारी में तेजी लानी होती है। आपको पारी खेलने का एक तय तरीका चाहिए होता है। हम उसमें थोड़ा चूक गए। इसलिए, निश्चित रूप से, हमारा प्रदर्शन बेहद खराब रहा।

टीम पर दबाव

श्रेयस ने यह माना की टीम ने बेहद खराब खेला, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि यही वापसी करने का भी मौका है। हालांकि, सच्चाई तो यह है कि दो हार के बाद भारतीय टीम प्रबंधन पर दबाव है। उन्होंने टीम में बदलाव किए हैं, लेकिन इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। सभी खिलाड़ियों ने अतीत में अलग-अलग भूमिकाओं में अच्छा प्रदर्शन किया है, इसलिए सवाल मुख्य रूप से कौशल का नहीं है। विश्व कप जीत की खुशी के बाद कप्तानी संभालना और पांच मैचों के बाद भी जीत की तलाश करना आसान नहीं होता।

    Umesh Kumar
    उमेश कुमार author

    उमेश कुमार पत्रकारिता में पिछले 7 वर्षों से सक्रिय हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से... और देखें

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