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दिल को छू जाएगी सरफराज के टेस्ट डेब्यू के बाद पिता नौशाद ने शायराना अंदाज में कही ये बात [VIDEO]

  • Authored by: नवीन चौहान
  • Updated Feb 16, 2024, 08:17 AM IST

बेटे सरफराज खान के टेस्ट डेब्यू का साक्षा बनने के बाद पिता नौशाद खान ने भारत के लिए क्रिकेट खेलने का सपना देखने वाले करोड़ों युवा खिलाड़ियों को शायराना अंदाज में दिल को छू लेना वाला संदेश दिया है।

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सरफराज खान पिता नौशाद खान के साथ (साभार BCCI)

राजकोट: भारतीय क्रिकेट और क्रिकेट प्रेमियों के लिए भारत-इंग्लैंड के बीच राजकोट में शुरू हुए सीरीज के तीसरे टेस्ट मैच का पहला दिन परिकथा सुनने जैसा था। सरफराज खान ने भारत के लिए 311 खिलाड़ी के रूप में टेस्ट डेब्यू किया। सरफराज को जब अनिल कुंबले टेस्ट कैप दे रहे थे उस वक्त पास खड़े उनके पिता और पत्नी इस लम्हे को अपनी आखों में संजो रहे थे। पिता नौशाद बेटे को टेस्ट क्रिकेटर बनाने का सपना पूरा होता देख भावुक हो गए। सरफराज और उनकी पत्नी भी भावुक थे और सबकी आंखों में खुशी के आंसू थे।

सरफराज के करियर के इस यादगार लम्हे का बीसीसीआई ने शानदार वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में सरफराज के पिता ने असफलता, निराशा, संघर्ष और सफलता से जुड़ी जो बात शायराना अंदाज में कही वो बात हर किसी के जेहन में घर कर गई। हर पिता अपने बेटे को कामयाबी की राह पर चलते हुए और सफलता का परचम लहराता देखना चाहता है।

धैर्य रखिए और मेहनत करते रहिए

सरफराज खान के पिता नौशाद खान ने बेटे के टेस्ट डेब्यू का साक्षी बनने के बाद कहा, पहले मैं बहुत ज्यादा मेहनत करता था तो सोचता था "जो मेरा ख़्वाब है वो आंखों का हिस्सा क्यों नहीं होता, दिए हम भी जलाते हैं उजाला क्यूं नहीं होता।'लेकिन अब उसे डेब्यू करता देख रहा हूं तो मेरी सोच बदल गई है। उन तमाम बच्चों के लिए जो मेहनत कर रहे हैं उनके लिए मैं कहना चाहता हूं, "रात को वक्त दो गुजरने के लिए, सूरज अपने ही समय पर निकलेगा।' मतलब यही है कि आप मेहनत करते जाइए और धैर्य रखिए वक्त आने पर आपको सफलता जरूर मिलेगी।

6 साल की उम्र में थाम था बल्ला, 26 की उम्र में मिला टेस्ट डेब्यू का मौका

सरफराज घरेलू क्रिकेट में बल्ले से लगातार धमाल मचा रहे थे। उन्हें बावजूद इसके टेस्ट टीम में एंट्री का मौका नहीं मिल पा रहा था। ऐसे में सीनियर खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी और चोट की वजह से टेस्ट टीम में शामिल होने और डेब्यू का मौका मिल गया। 26 साल की उम्र में सरफराज टेस्ट डेब्यू करने में सफल रहे। 6 साल की उम्र में सरफराज ने बल्ला हाथ में थामा था। दो बार अंडर-19 विश्व कप में देश का प्रतिनिधित्व किया लेकिन सीनियर टीम में एंट्री के लिए उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ा।

डेब्यू टेस्ट पारी में सरफराज ने मचाया धमाल

मैदान पर सरफराज देर से भले आए लेकिन दुरुस्त आए। उन्होंने अपनी 62 रन की डेब्यू पारी में ही प्रशंसकों के दिल जीत लिए। सरफराज ने 48 गेंद में अपना अर्धशतक आतिशी अंदाज में पूरा किया। इसके बाद वो जडेजा के साथ गलतफहमी की वजह से रन आउट होकर पवेलियन लौट गए और उनका डेब्यू पारी में शतक जड़ने का ख्वाब अधूरा रह गया।

नवीन चौहान
नवीन चौहानauthor

नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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