लखनऊ: कर्नाटक ने गुरुवार को उत्तराखंड के खिलाफ ड्रॉ हुए सेमीफाइनल मैच में पहली पारी की बढ़त के आधार पर 11 साल के अंतराल के बाद रणजी ट्रॉफी के फाइनल में जगह बनाई। कर्नाटक 24 फरवरी से हुबली में होने वाले फाइनल में जम्मू-कश्मीर से भिड़ेगा। कर्नाटक ने पांचवें और आखिरी दिन छह विकेट पर 299 रन के स्कोर से आगे खेलना शुरू किया और बाकी बचे चार विकेट जल्दी गंवा दिए। इससे पूरी टीम 323 रन पर आउट हो गई और उसकी कुल बढ़त 826 रन हो गई। उत्तराखंड ने अवनीश सुधा (66), सचिन रावत (नाबाद 53) और अभय नेगी (नाबाद 57) की अर्धशतकों की मदद से कर्नाटक की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। इससे टीम ने दूसरी पारी छह विकेट पर 260 रन पर खत्म की। हालांकि पहली पारी की बड़ी बढ़त कर्नाटक के लिए फाइनल में पहुंचने के लिए काफी थी।
156 रन पर उत्तराखंड ने दूसरी पारी में गंवा दिए थे 6 विकेट
कर्नाटक ने उत्तराखंड का स्कोर छह विकेट पर 156 रन कर दिया था और जीत दर्ज करने की कोशिश में जुटा था। लेकिन नेगी और रावत डटे रहे, दोनों ने सातवें विकेट के लिए 104 रन जोड़े। फिर दोनों टीम के कप्तानों ने चाय के बाद लगभग 30 मिनट बाद ड्रॉ पर सहमति दी।
24 फरवरी को खेला जाएगा कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर के बीच फाइनल मैच
कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर के बीच हुबली में 24 से 28 फरवरी के बीच खेला जाएगा।अब कर्नाटक की निगाहें अपने नौवें रणजी ट्रॉफी खिताब पर लगी होंगी। उसने आखिरी रणजी खिताब 2014-15 सत्र में आर विनय कुमार की कप्तानी में जीता था। दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर की नजरें अपने पहले रणजी खिताब पर होगी जो छह दशकों में पहली बार फाइनल में पहुंचा है। 10 साल से कर्नाटक की टीम रणजी ट्रॉफी का खिताब नहीं जीत सकी है। ऐसे में घरेलू क्रिकेट में कर्नाटक की बादशाहत एक बार फिर कायम करने का देवदत्त पडिक्कल की कप्तानी वाली टीम के पास शानदार मौका है। वहीं जम्मू-कश्मीर की टीम पहली बार खिताब जीतकर इतिहास रचना चाहेगी। ऐसे में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को खिताबी मुकाबले में मिल सकती है।
