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राहुल द्रविड़ ने साझा किया वनडे विश्व कप के फाइनल में दिल तोड़ने वाली हार का किस्सा

राहुल द्रविड़ ने पिछले साल नवंबर में वनडे विश्व कप के फाइनल में भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली दिल तोड़ देने वाली हार का किस्सा सिएट क्रिकेट अवार्ड्स समारोह के दौरान साझा किया है।

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राहुल द्रविड़(साभार CEAT TYRE)

KEY HIGHLIGHTS
  • राहुल द्रविड़ ने साझा किया वनडे विश्व कप में हार का किस्सा
  • कहा कभी-कभी आपको चाहिए किस्मत का साथ
  • टी20 विश्व कप फाइनल में एक कैच ने बदला मैच

मुंबई: महान क्रिकेटर राहुल द्रविड़ मानते हैं कि कभी कभी थोड़ी सी किस्मत भी बड़े मैच के नतीजों को प्रभावित कर सकती है जिसके लिए उन्होंने वनडे विश्व कप फाइनल में भारत को ऑस्ट्रेलिया से मिली दिल तोड़ने वाली हार और अपनी टीम की टी20 विश्व कप फाइनल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शानदार जीत का उदाहरण दिया।

फाइनल में कुछ भी नहीं रहा था भारत के लिए कारगर

भारत पिछले साल लगातार 10 मैच में जीत के बाद वनडे विश्व कप फाइनल में पहुंचा था लेकिन टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ टीम जब खिताबी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया से भिड़ी तो उसके लिए कुछ भी कारगर नहीं रहा। छह महीने बाद कप्तान रोहित शर्मा और द्रविड़ ने मिलकर अधूरी कसर पूरी की। टी20 विश्व कप फाइनल में मजबूत दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ किस्मत ने भारतीय टीम का साथ दिया।

भाग्य का साथ देने की उम्मीद रखना था महत्वपूर्ण

द्रविड़ ने बुधवार को याद किया कि टीम के लिए 29 जून को बारबाडोस में हुए फाइनल में एक निश्चित प्रक्रिया पर डटे रहना और भाग्य का साथ देने की उम्मीद रखना कितना महत्वपूर्ण था। द्रविड़ को ‘सीएट क्रिकेट रेटिंग अवार्ड्स’ के दौरान ‘लाइफ टाइम अचीवमेंट’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्होंने कहा,'मुझे इस पर विचार करने का समय मिला। मुझे उन बहुत सी चीजों को सोचने का समय मिला जो हमने की। आपको कभी कभी अहसास होता है कि आपको इनमें से बहुत सी चीजें करनी होती हैं, आपको प्रक्रिया का पालन करना होता है, आपको सब कुछ सही करना होता है।'

कभी-कभी आपको भाग्य की होती है जरूरत

द्रविड़ ने कहा,'कभी-कभी आपको थोड़े भाग्य की जरूरत होती है। टी20 विश्व कप फाइनल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 30 गेंद फेंकी जानी थी और 30 रन बनाने थे। तब रोहित के बेहतरीन तरीके से रणनीति के कार्यान्वयन और संयम रखने की बात थी।' उन्होंने डेविड मिलर को आउट करने के लिए सूर्यकुमार यादव के सीमा रेखा पर लपके हुए कैच का जिक्र किये बिना कहा,'हमने इस बात पर ध्यान नहीं दिया कि हमें क्या करना है, लेकिन हमें एक ऐसे खिलाड़ी की जरूरत थी जो एक निश्चित सीमा के अंदर ऐसा कर सके। कभी यह कौशल होता है।' इस कैच ने मैच का पक्ष भारत की ओर कर दिया था।

भारत हेड को आउट करके के था करीब

द्रविड़ ने फिर याद किया कि भारत वनडे विश्व कप फाइनल में ट्रेविस हेड को आउट करने के करीब था लेकिन यह सलामी बल्लेबाज भाग्यशाली रहा और उसने मैच विजेता शतकीय पारी खेली तथा भारत की उम्मीदों को तोड़ दिया। 15 बार गेंद उनके बल्ले के करीब से निकली लेकिन वो आउट नहीं हुए। कभी चीजें आपके अनुकूल हो सकती हैं, लेकिन आपको प्रक्रिया पर टिके रहना चाहिए।'

टी20 विश्व कप के बाद द्रविड़ ने लिया कोचिंग से संन्यास

भारत की टी20 विश्व कप जीत के बाद द्रविड़ ने भारत के कोच के रूप में संन्यास ले लिया। भारत की ‘बेंच स्ट्रेंथ’ और लगातार शानदार खिलाड़ी तैयार करने की काबिलियत की प्रशंसा करते हुए द्रविड़ ने कहा कि खिलाड़ियों की अगली पीढ़ी ने 'फैब फाइव' की विरासत को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया है। द्रविड़ खुद सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, वीरेंद्र सहवाग और वीवीएस लक्ष्मण के साथ ‘फैब फाइव’ का हिस्सा थे जिसने दुनिया भर के क्रिकेट प्रशंसकों को अपना मुरीद बनाया हुआ था।

खिलाड़ियों ने बढ़ाई हमारी क्रिकेट की विरासत

उन्होंने कहा,'मैंने 2011-2012 में क्रिकेट छोड़ा था। ये खिलाड़ी इस विरासत को आगे बढ़ाने में सक्षम रहे हैं। अगर आप पिछले 12 वर्षों में खेल के तीनों प्रारूपों में मिली सफलता को देखें तो हमारे जाने के बाद का समय अभूतपूर्व रहा है। बहुत आसानी से और स्पष्ट रूप से हम बहुत सारी रैंकिंग में हमेशा पहले या दूसरे नंबर पर रहते हैं। जिस तरह का क्रिकेट हम खेलते हैं और खिलाड़ियों के कौशल को देखते हुए विदेशों में जाकर जीत दर्ज करना शानदार है।'

भारतीय टीम आगे भी हासिल करती रहेगी सफलता

द्रविड़ ने उम्मीद जताई कि टीम इंडिया आने वाले वर्षों में सफलता हासिल करती रहेगी। उन्होंने कहा,'मुझे इसमें कोई शक नहीं है कि रोहित और सूर्यकुमार जैसे खिलाड़ियों की अगुआई में और खेल के सभी प्रारूपों में आने वाले खिलाड़ियों की यह पीढ़ी भविष्य में भी ऐसा ही करती रहेगी।'द्रविड़ ने कहा कि भारतीय क्रिकेटर अब निडर और आत्मविश्वासी हैं, उनके पास अपने कौशल को आगे बढ़ाने के लिए विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा भी है।

Navin Chauhan
नवीन चौहानauthor

नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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