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Pardeep Narwal Exclusive Interview: कोच के एक मौके ने बदल दी प्रदीप नरवाल की जिंदगी, और लगाने लगे कबड्डी कोर्ट पर दाव

  • Authored by: शेखर झा
  • Updated Dec 15, 2023, 10:53 AM IST

Pardeep Narwal Interview: यूपी योद्धा के स्टार खिलाड़ी प्रदीप नरवाल का प्रो कबड्डी 2023 में रोमांच जारी है। Times Now Navbharat से खास बातचीत के दौरान प्रदीप ने अपने सफर के यादगार लम्हों को शेयर किया।

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प्रदीप नरवाल।

Photo : Times Now Digital

Pardeep Narwal Interview: हजारों की भीड़ में अलग पहचान बनाना है तो आपको एक अलग रास्ता बनाना होगा। ऐसा ही कुछ भारत के स्टार कबड्डी खिलाड़ी प्रदीप नरवाल ने कर दिखाया है। चाचा को खेलते हुए देख उन्होंने कबड्डी खेलने की इच्छा जाहिर की और कोच ने सही समय पर मौका दिया। तभी आज प्रदीप ने कबड्डी जगत में अपने नाम का परचम लहराया है। यही वजह है कि प्रदीप आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। प्रो कबड्डी में उनके नाम सबसे ज्यादा पॉइंट है। उन्होंने 157 मैचों में कुल 1610 अंक हासिल किए हैं, जबकि, वे बेस्ट रेडर, मोस्ट सक्सेसफुल रेड और मोस्ट सुपर रेड में टॉप पर हैं।

प्रो कबड्डी के 10वें सीजन का आगाज हो चुका है। अभी तक यूपी योद्धा की टीम 4 मुकाबले खेल चुकी है। टीम को 4 मैचों में से दो में जीत मिली, जबकि दो मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। टीम 12 अंक के साथ पॉइंट टेबल में चौथे नंबर पर है। इस बीच, मौजूदा सीजन में यूपी योद्धा की ओर से खेल रहे बेस्ट रेडर प्रदीप नरवाल ने Times Now Navbharat से खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने इस साल टीम के चैम्पियन बनने के प्लान के साथ अपने शुरुआती लम्हों को लेकर चर्चा की।

सवाल: यूपी योद्धा की टीम लगातार पांच बार नॉकआउट में पहुंची, लेकिन चैम्पियन नहीं बन पाई। इस बार ट्रॉफी उठाने का क्या प्लान है?

प्रदीप- यूपी योद्धा की टीम लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है। लेकिन ट्रॉफी उठाने से चूक जा रही है। कोच साहब ने इस साल टीम में कई बदलाव किए हैं। अच्छे डिफेंडर के साथ अच्छे ऑलराउंडर भी टीम में शामिल किए हैं। इस बार टीम और सभी खिलाड़ी पूरी कोशिश करेंगे कि प्रो कबड्डी की ट्रॉफी अपने नाम कर सके।

सवाल: आपके हिसाब से इस सीजन में सबसे मजबूज टीम कौन सी है?

प्रदीप- प्रो कबड्डी के 10वें सीजन की अभी शुरुआत हुई है। ऐसे तो अभी नहीं कह सकता है कि कौन सी टीम मजबूत है। लीग में हिस्सा लेने वाली सभी टीमें अच्छी हैं। अभी सभी टीमों के साथ मैच भी नहीं हुए हैं, लेकिन यह जरूर कहूंगा कि इस बार रोमांचक मुकाबला होने वाला है।

सवाल: आपको कबड्डी का तेजतर्रार खिलाड़ियों में गिना जाता है। लेकिन मौजूदा सीजन में आपकी शुरुआत धीमी देखने को मिली?

प्रदीप: शुरुआत धीमी तो नहीं कह सकते। पहला मैच था। उसमें टीम अच्छा नहीं कर पाई। उसके बाद हर मैच में अच्छा कर रही है। कई खिलाड़ी नेशनल कैम्प में थे तो कई रेलवे के कैंप में। इस लिए प्रैक्टिस ज्यादा नहीं कर पाए थे।

सवाल: आप किसी और खेल में करियर बना सकते थे, लेकिन आपने कबड्डी को ही क्यों चुना?

प्रदीप: मेरे गांव में कबड्डी के अलावा कोई दूसरा गेम नहीं खेला जाता है। मेरे पापा की उम्र के लोग भी कबड्डी खेलते हैं। मेरे परिवार में भी कई कबड्डी खिलाड़ी हैं। चाचा, मेरा छोटा भाई, ताउ का बेटा, चाचा का लड़का भी खेलता है। अब बात करते हैं कि मैंने कबड्डी ही क्यों चुना। मेरे चाचा कबड्डी खेलने के लिए जाते थे। मैं भी उनके साथ खेल देखने के लिए जाता था। एक दिन कोच की नजर मेरे पर पड़ी और उन्होंने कबड्डी खेलने को बुलाया। इसके बाद धीरे-धीरे खेल में मन लगने लगा और आज मैं इस मुकाम तक पहुंच गया हूं।

सवाल: यूपी योद्धा एकेडमी से नए खिलाड़ियों को कितना फायदा मिल रहा है?

प्रदीप: यूपी योद्धा की एकेडमी शानदार है। वहां लगातार कैम्प आयोजित होते हैं। वहां रहने के अलावा अच्छा स्तर की सुविधाएं हैं। वहां लगातार नए खिलाड़ी को कबड्डी के गुण सिखाए जा रहे हैं।

शेखर झा
शेखर झाauthor

शेखर झा टाइम्स नाउ हिंदी (Timesnowhindi.com) की स्पोर्ट्स टीम के सदस्य हैं। वे मूल रूप से बिहार के मिथिलांचल से हैं। मूल रूप से बिहार के मधुबनी के रहने वाले शेखर ने शौकिया तौर पर साल 2011 में पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा। ये शौक वक्त के साथ जूनुन में बदल गया। उनके पास खेल पत्रकारिता का 12 साल का अनुभव है। क्रिकेट के अलावा टेनिस, कबड्डी और बैडमिंटन में खास रुचि है। खिलाड़ियों की बायोग्राफी पढ़ना उन्हें पसंद हैं। शेखर ने सुरेश रैना, संजय बांगड़, दीप्ति शर्मा, राधा यादव जैसे नामचीन भारतीय क्रिकेटरों सहित बैडमिंटन के स्टार भारतीय खिलाड़ियों लक्ष्य सेन, सात्विकसाईराज रैंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किए हैं। शेखर की प्रारंभिक शिक्षा बिहार में हुई। बिहार बोर्ड से 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद वो आगे की पढ़ाई के लिए छत्तीसगढ़ पहुंचे जहां उनका पत्रकारिता से पहला परिचय हुआ। रायपुर के अग्रसेन कॉलेज में ग्रेजुएशन करते हुए पत्रकारिता का काम शुरू किया और इसके बाद रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्धालय से पत्राकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन किया और बतौर प्रोफेशनल अपने करियर की शुरुआत की। शेखर ने पत्रकारिता करियर की शुरुआत साल 2011 में ईटीवी छत्तीसगढ़/मध्यप्रदेश के साथ की। इस संस्थान में 6 महीने काम करने के बाद उन्होंने स्थानीय अखबार नेशनल लुक के साथ प्रिंट मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका समूह के छत्तीसगढ़ संस्करण से जुड़े और वहां तीन साल तक बतौर सब-एडिटर/रिपोर्टर सेवाएं दीं। इसके बाद भारत के सबसे बड़े प्रिंट मीडिया समूह दैनिक भास्कर के डीबी स्टार में रिपोर्टर की भूमिका अदा की और कई बड़े खुलासे स्थानीय स्तर पर किए। इसके बाद अपमे गृह राज्य बिहार की राजधानी पटना में दैनिक जागरण समूह के आईनेक्स्ट वेंचर से जुड़े। 8 महीने के छोटे कार्यकाल के बाद दैनिक भास्कर के रायपुर संस्करण में बतौर रिपोर्टर वापसी हुई। रायपुर में दूसरी पारी के तीन साल के कार्यकाल के सफल निर्वहन के बाद मैनेजमेंट ने भास्कर के भोपाल स्थित नेशनल न्यूजरूम में ट्रांसफर कर दिया। जहां 17 महीने स्पोर्ट्स डेस्क पर बड़े इवेंट्स पर काम किया। इस दौरान इंडियन प्रीमियर लीग, टोक्यो ओलंपिक जैसे बड़े खेल आयोजन का व्यापक कवरेज किया। भास्कर के नेशनल न्यूज रूम में डिजिटल जर्नलिज्म का ककहरा सीखने के बाद फरवरी,2023 में टाइम्स ग्रुप के साथ जुड़ने का मौका मिला। तब से वह टाइम्स नाउ नवभारत की हिंदी वेबसाइट की स्पोर्ट्स डेस्क पर बतौर प्रिंसिपल कॉरस्पान्डन्ट कार्यरत हैं। इस दौरान शेखर ने इंडियन प्रीमियर लीग, आईसीसी वर्ल्ड कप 2023 को कवर किया।

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