भारतीय क्रिकेट इतिहास के इकलौते बल्लेबाज जिन्होंने एक नहीं बल्कि दो-दो तिहरे शतक जड़े हैं। जिनके लिए क्रिकेट का अलग-अलग फॉर्मेट कोई मायने नहीं रखता बल्कि उनके खेलने का स्टाइल हर फॉर्मेट में एक ही था। यही कारण है कि जब टीम टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाज पूरे दिन खेलकर शतक लगाते थे उन्होंने तिहरा शतक लगा दिया। आज से ठीक 15 साल पहले उन्होंने चेन्नई के मैदान पर टेस्ट क्रिकेट का सबसे तेज तिहरा शतक जड़ा था।
हम बात कर रहे हैं मुल्तान के सुल्तान और नजफगढ़ के नवाब वीरेंद्र सहवाग की जिन्होंने आज के दिन 2008 में साउथ अफ्रीका के गेंदबाजों की जम कर खबर ली थी और 304 गेंद में 319 रन की विस्फोटक पारी खेल कर इतिहास रचा था।
टेस्ट इतिहास का सबसे तेज तिहरा शतक
चेन्नई में खेले गए इस टेस्ट मैच में साउथ अफ्रीका के 540 रन के जवाब में बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया ने 627 रन बनाए। भारत की तरफ से मोर्चा संभाला विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने जिन्होंने टेस्ट मैच की तीसरे दिन 278 गेंद में तिहरा शतक जड़ दिया। उन्होंने अपनी इस पारी में 41 चौके और 5 छक्के मारे। यह टेस्ट क्रिकेट इतिहास का सबसे तेज तिहरा शतक है। हालांकि, उन्होंने इस मैच में अपने टेस्ट क्रिकेट का सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर भी बनाया। इस मैच में उन्होंने 304 गेंद पर 319 रन की पारी खेली। वह मखाया एन्टिनी की गेंद पर आउट जरूर हुए लेकिन तब तक उन्होंने टीम इंडिया की मैच में वापसी करा दी थी।
भारत-साउथ अफ्रीका मैच हुआ ड्रॉ
इस मैदान पर खूब रन बने। साउथ अफ्रीका के 540 रन के जवाब में टीम इंडिया ने वीरेंद्र सहवाग के 319 और राहुल द्रविड़ के 111 रन की पारी के दम पर पहली पारी में 627 रन बनाए। साउथ अफ्रीका ने दूसरी पारी में खेल खत्म होने तक 5 विकेट के नुकसान पर 331 रन बना लिए थे। भारत और साउथ अफ्रीका के बीच यह मैच ड्रॉ पर खत्म हुआ था। हालांकि 3 मैच की यह टेस्ट सीरीज 1-1 की बराबरी पर खत्म हुआ था।
