Arshad Nadeen: पाकिस्तान के ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट भाला फेंक एथलीट अरशद नदीम ने सोमवार को कबूल किया कि ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में उन पर दबाव होगा। इसकी वजह साफ है – वह मौजूदा चैंपियन के तौर पर मैदान में उतर रहे हैं। 23 जुलाई से ग्लास्गो में शुरू हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में नदीम पाकिस्तान टीम की अगुआई करेंगे। इस बार उनका सामना भारतीय सुपरस्टार नीरज चोपड़ा से होगा और दोनों के बीच पुरानी टक्कर एक बार फिर देखने को मिलेगी। पीटीआई से बातचीत में नदीम ने कहा, “आगामी खेलों में मुझ पर ज्यादा दबाव रहेगा क्योंकि मैं डिफेंडिंग चैंपियन हूं। लेकिन मैंने अच्छी तैयारी की है।” उन्होंने आगे कहा, “कॉम्पिटिशन में वापसी करना अच्छा लगता है और मैं ग्लास्गो में अपने कॉमनवेल्थ गोल्ड का सफलतापूर्वक बचाव करना चाहता हूं।”
अरशद नदीम ने खुद को लेकर क्या बोला
नीरज चोपड़ा चोट के कारण पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स में नहीं खेल पाए थे। 2022 में बर्मिंघम में अरशद नदीम ने 90.18 मीटर का थ्रो फेंककर गोल्ड जीता था। नदीम ने कहा, “मुझे पता है कि कड़े मुकाबले में टाइटल दोबारा जीतने के लिए मुझे क्या करना होगा।” चोपड़ा के खिलाफ नदीम की सबसे बड़ी जीत 2024 पेरिस ओलंपिक में आई थी, जब उन्होंने 92.97 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड अपने नाम किया था। पिछले कुछ सालों में नदीम और चोपड़ा कई बार आमने-सामने आए हैं। लेकिन तोक्यो में 2025 वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में दोनों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। चोटों से जूझ रहे चोपड़ा आठवें और नदीम 10वें स्थान पर रहे, जिससे दोनों के फैंस मायूस हो गए।
कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी में जुटे अरशद नदीम
फिलहाल 29 साल के नदीम लाहौर में अपने कोच के साथ ट्रेनिंग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले वह स्विट्जरलैंड में एक अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगे। नदीम का मानना है कि इससे उन्हें अपनी ताकत और फिटनेस का अंदाजा लगाने में मदद मिलेगी। ग्लास्गो में गोल्ड बचाने की चुनौती और नीरज चोपड़ा से टक्कर के बीच अरशद नदीम पर उम्मीदों का दबाव साफ दिख रहा है। अब देखना होगा कि डिफेंडिंग चैंपियन इस दबाव को गोल्ड में कैसे बदलते हैं।
