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नए बीसीसीआई अध्यक्ष ने खिलाड़ियों के ऐन मौके पर चोटिल होने पर जताई चिंता

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  • Updated Oct 20, 2022, 11:44 PM IST

बीसीसीआई के नए अध्यक्ष रोजर बिन्नी ने टी20 विश्व कप से ठीक पहले जसप्रीत बुमराह के चोटिल होकर टीम से बाहर होने पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि आप ऐसे मामलों को नजरअंदाज नहीं कर सकते। बिन्नी ने कहा है कि बोर्ड को पता करनी होगी खिलाड़ियों चोटिल होने की क्या है वजह?

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Roger-Binny

Photo : Twitter

बेंगलुरू: भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के नवनिर्वाचित अध्यक्ष रोजर बिन्नी ने गुरुवार को फिर से दोहराया खिलाड़ियों के लगातार चोटिल होने की समस्या से निपटना बेहद जरूरी है और कहा कि विश्वकप से 10 दिन पहले आप जसप्रीत बुमराह के चोटिल होने को नजरअंदाज नहीं कर सकते।

बिन्नी ने फिर उठाया खिलाड़ियों के चोटिल होने का मुद्दा

भारतीय टीम के आस्ट्रेलिया रवाना होने से तीन दिन पहले बुमराह टी20 विश्व कप से बाहर हो गए थे। मोहम्मद शमी उसी समय कोविड-19 से संक्रमित थे और इसलिए बीसीसीआई को उन्हें बुमराह की जगह टीम में शामिल करने के लिए आखिरी क्षणों तक इंतजार करना पड़ा था। बिन्नी ने बीसीसीआई अध्यक्ष पद संभालने के बाद भी इस विषय को उठाया था।

क्यों बुरी तरह चोटिल हो रहे हैं खिलाड़ी

बिन्नी ने कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ के सम्मान समारोह ने कहा, 'हमें इस पर गौर करने की जरूरत है कि खिलाड़ी इतनी बुरी तरह चोटिल क्यों हो रहे हैं। केवल अभी नहीं बल्कि पिछले चार-पांच वर्षों से। ऐसा नहीं है कि हमारे पास अच्छे के ट्रेनर या कोच नहीं है। क्या खिलाड़ियों पर बहुत अधिक बोझ है या वह बहुत अधिक प्रारूपों में खेल रहे हैं। इसके लिए कुछ करना जरूरी है। यह मेरी प्राथमिकता है।' बिन्नी ने कहा, 'आप विश्वकप से 10 दिन पहले बुमराह के चोटिल होने को नजरअंदाज नहीं कर सकते और फिर कौन उनकी जगह लेगा। इससे निपटना महत्वपूर्ण है।'

तेज गेंदबाजों के अनुकूल विकेट होंगे तैयार

बीसीसीआई अध्यक्ष ने रणजी ट्रॉफी जैसे घरेलू टूर्नामेंट के लिए बेहतर विकेट तैयार करने के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, 'पिचें अभी तेज गेंदबाजों के अनुकूल नहीं है। हमें आधारभूत ढांचे पर भी काम करना होगा।' भारतीय क्रिकेटरों की तर्ज पर घरेलू क्रिकेटरों को केंद्रीय अनुबंध देने के संबंध में बिन्नी ने कहा, 'घरेलू क्रिकेटरों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है और उन्हें अच्छी सुविधाएं मिल रहे हैं। मुझे नहीं लगता कि अभी इसकी (केंद्रीय अनुबंध) जरूरत है।'
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