PAK (Pakistan) vs ENG (England) 1st test, Naseem Shah and Mohammad Ali partnership: पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच रावलपिंडी में खेला गया पहला टेस्ट मैच गेंदबाजों के लिए हर पल मुसीबतें लेकर आया। दोनों टीमों के बल्लेबाज आते गए और रनों की बौछार करते गए। ऐसी पिच पर जब मैच के अंतिम दिन के उन आखिरी क्षणों में संघर्ष की जरूरत महसूस हुई तो इसको अंजाम दे रहे थे तो पाकिस्तानी गेंदबाज। आमतौर से गेंद से कमाल दिखाने वाले इन दो पुछल्ले बल्लेबाजों ने दिग्गज इंग्लिश टीम के पसीने छुड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
पाकिस्तान की टीम 343 रनों का पीछा कर रही थी। उनकी ओर से डेब्यू कर रहे बाएं हाथ के बल्लेबाज सऊद शकील ने हैरी ब्रुक के हाथों एक ओवर में 6 चौके खाने का कलंक धोते हुए दूसरी पारी में सर्वाधिक 76 रन बनाए। इसके अलावा इमाम उल हक (48), मोहम्मद रिजवान (46) और अजहर अली (40) ने भी उपयोगी पारियां खेली लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके।
गिरते चले गए सभी धुरंधर
अंतिम सत्र में अपने दूसरे ओवर की दूसरी ही गेंद पर रोबिनसन ने आगा सलमान (30) को LBW करके अजहर के साथ उनकी छठे विकेट की 61 रन की साझेदारी का अंत किया। रोबिनसन ने अगले ओवर में अजहर को भी लेग स्लिप में जो रूट के हाथों कैच कराके पाकिस्तान को सातवां झटका दिया। एंडरसन ने इसके बाद जाहिद महमूद (01) को विकेट के पीछे कैच कराया और एक गेंद बाद हारिस राउफ (00) को पगबाधा किया।
अंतिम सत्र, ढलती शाम, मैच खत्म होने से कुछ मिनट पहले
पाकिस्तान की तरफ से अब पिच पर सिर्फ नसीम शाह और मोहम्मद अली की जोड़ी बची थी और सामने थे इंग्लैंड के एक से एक धाकड़ गेंदबाज। बस एक विकेट लेते ही वे मैच जीत लेते लेकिन नसीम और मोहम्मद अली ने इसके बाद 8.4 ओवर तक इंग्लैंड के गेंदबाजों को सफलता से महरूम रखा। नसीम शाह ने 46 गेंदों में 6 रन बनाए जिसमें 1 चौका शामिल था, वहीं मोहम्मद अली बस उनका साथ देते रहे और 26 गेंदों में 0 रन बनाकर नॉटआउट रहे।
दोनों का लक्ष्य था कि किसी तरह बाकी के मिनट बीत जाएं और मैच ड्रॉ हो जाए। वे इसमें सफल भी हो गए थे, लेकिन तभी बाएं हाथ के स्पिनर जैक लीच (56 रन पर एक विकेट) ने नसीम को LBW करके इंग्लैंड को 22 साल बाद पाकिस्तानी जमीन पर जीत दिलाई। सिर्फ 19 साल के नसीम शाह का ये संघर्ष लंबे समय तक याद रखा जाएगा। उनकी नम आंखें इस बात का सबूत रहीं कि उनकी मेहनत पर पानी फिर गया।
