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ICC Champions Trophy 2025: बांग्लादेश के खिलाफ पंजा मारने के बाद मोहम्मद शमी ने खोला अपनी सफलता का राज

मोहम्मद शमी ने बांग्लादेश के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी के मैच में पांच विकेट लेकर टीम इंडिया की जीत में अहम भूमिका अदा की। शमी ने चोट से उबरने के बाद अपनी सफलता का राज खोला है।

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मोहम्मद शमी

Photo : AP

दुबई: चोट के कारण क्रिकेट से दूर रहने का कठिन दौर पीछे छोड़कर आये भारत के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने कहा कि बारीकियों पर काम करने और अपने कौशल के प्रति वफादार रहने से उन्हें आईसीसी टूर्नामेंटों में कामयाबी मिलती है जिसमें उनका फोकस किफायती गेंदबाजी पर नहीं बल्कि विकेट लेने पर रहता है। शमी ने चैम्पियंस ट्रॉफी में बांग्लादेश के खिलाफ पहले मैच में पांच विकेट लिये जिसकी मदद से भारत ने छह विकेट से जीत दर्ज की । वह 200 वनडे विकेट तक सबसे तेजी से पहुंचने वाले दूसरे भारतीय गेंदबाज भी बन गए।

रन बनें पर विकेट मिलें

शमी ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, 'आईसीसी टूर्नामेंटों में अगर मेरी गेंदों पर रन भी बनते हैं तो चलता है लेकिन विकेट मिलने चाहिये। उसी से टीम को फायदा होगा। मैं हमेशा यही सोचता रहता हूं।' शमी को 2023 वनडे विश्व कप के दौरान टखने में चोट लगी थी जिसके बाद वह 14 महीने तक क्रिकेट से दूर रहे। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ सीमित ओवरों की श्रृंखला के जरिये वापसी की और अब जसप्रीत बुमराह की गैर मौजूदगी में चैम्पियंस ट्रॉफी में भारतीय आक्रमण की कमान संभाल रहे हैं।

पूरी वफादारी से फन को निखारने की करता हूं कोशिश

शमी ने कहा ,'मैं अपने फन को पूरी वफादारी से निखारने की कोशिश करता हूं । आप अपने कौशल के प्रति कितने वफादार हैं या अपने लक्ष्य को पाने की कितनी भूख आपके भीतर है। आप कैसे लय हासिल कर सकते हैं । भूख होना जरूरी है।' उन्होंने कहा कि वह हमेशा बारीकियों पर काम करते आये हैं जिससे उन्हें मदद मिलती है। उन्होंने कहा,'लय सही होनी जरूरी है। गेंदबाजी करते समय असहज तो नहीं हैं। मैं इन चीजों पर ध्यान देता हूं। नतीजे पर ध्यान नहीं देता। वर्तमान पर फोकस रहता है और जरूरत के हिसाब से गेंदबाजी करता हूं।'

भारत को ऑस्ट्रेलिया में हारता देखकर हुआ दुख

वनडे क्रिकेट में छठी बार पांच विकेट लेने वाले शमी ने बताया कि बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में भारत को हारते देख वह कितने दुखी थे जब बुमराह ने अकेले दम पर गेंदबाजी का जिम्मा संभाल रखा था। उन्होंने कहा,'यह काफी कठिन था। जब आप टीम को इस तरह देखते हैं या कोई करीबी मुकाबला होता है तो आप अपने साथ गेंदबाजी करने वाले को, अपनी टीम को याद करते हैं। मुझे ऐसा लग रहा था कि काश मैं वहां होता। मैं कुछ योगदान दे पाता।'

लगा था नहीं कर पाउंगा वापसी

शमी ने कहा कि चोट से वह कदर टूट चुके थे कि एकबारगी उन्हें लगा कि अब वह कभी खेल नहीं सकेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले साल के आखिर में घरेलू क्रिकेट में वापसी करके उनका आत्मविश्वास फिर लौटा। उन्होंने कहा,'घरेलू मैच खेलकर मैंने अपनी लय और आत्मविश्वास पाया। पिछले 14 महीने या चोट के बाद के बदलाव को महसूस किया। मुझे चार अंतरराष्ट्रीय और आठ,नौ, दस घरेलू मैच खेलने को मिले जिससे आत्मविश्वास बढ़ा।'पाकिस्तान के खिलाफ मैच को लेकर हाइप के बारे में उन्होंने कहा,'उसी मानसिकता से खेलना अहम है जिससे जीत मिली है । आईसीसी टूर्नामेंट या किसी अंतरराष्ट्रीय मैच विशेष के बारे में ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है।'

Navin Chauhan
नवीन चौहानauthor

नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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