रोहित शर्मा 7 महीने बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करेंगे जब टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज खेलेगी। रिपोर्ट्स की मानें तो रोहित और विराट के लिए ऑस्ट्रेलिया का दौरा व्हाइट बॉल क्रिकेट में आखिरी दौरा हो सकता है, लेकिन अब जो खबरें सामने आ रही है उसने नए सवाल को जन्म दे दिया है। दरअसल रिपोर्ट्स की मानें तो बीसीसीआई खिलाड़ियों की फिटनेस जांचने के लिए यो-यो टेस्ट के अलावा ब्रोंको टेस्ट लाने वाली है।
क्या है ब्रोंको टेस्ट?
सवाल है कि पहले से खिलाड़ी यो-यो टेस्ट देकर ही खुद की फिटनेस को साबित करते रहे हैं। ऐसे में ब्रोंको टेस्ट की क्या जरूरत थी और क्या है आखिर यह ब्रोंको टेस्ट? यो-यो टेस्ट की तरह इसमें भी रनिंग की एक्टिविटी शामिल है, जिसके तहत 20, 40 और 60 मीटर की दौड़ कराई जाती है। एक सेट में तीनों दूरी कवर करनी होती है और 6 मिनट के भीतर इस तरह के 5 सेट खिलाड़ियों को पूरे करने होते हैं। इससे खिलाड़ियों की स्टैमिना, गति और फिटनेस की कड़ी परीक्षा हो जाती है।
ब्रोंको टेस्ट को लेकर पूर्व खिलाड़ी मनोज तिवारी ने बड़ा आरोप लगाया है। उनका मानना है कि यह रोहित शर्मा को वनडे क्रिकेट से दूर करने के लिए लाया गया है। रोहित शर्मा टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और टेस्ट से संन्यास ले चुके हैं। मनोज तिवारी को भरोसा है कि बीसीसीआई ब्रोंको टेस्ट रोहित शर्मा को वनडे से साइडलाइन करने के लिए ला रही है।
क्रिकटेकर से बात करते हुए मनोज तिवारी ने कहा 'मुझे लगता है कि विराट को 2027 वर्ल्ड कप की प्लानिंग से बाहर रखना बहुत मुश्किल होगा। लेकिन मुझे रोहित शर्मा को लेकर शक है। देखिए, मैं भारतीय क्रिकेट में क्या चल रहा है, उसे मैं क्लोजली मॉनिटर करता हूं। मेरा मानना है कि यह ब्रांको टेस्ट, जो कुछ दिन पहले लागू किया गया है, वह रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ियों के लिए है। मुझे लगता है कि जिन खिलाड़ियों को वे भविष्य में टीम का हिस्सा नहीं बनाना चाहते, उनके लिए ही इसे लागू किया गया है।
