Rohit Sharma Press Conference ahead of IND vs SA Boxing day Test: भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दो मैच की टेस्ट सीरीज का आगाज मंगलवार को सेंचुरियन में होने जा रहा है। रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे धाकड़ खिलाड़ी विश्व कप फाइनल में टीम इंडिया की हार के बाद पहली बार मैदान में उतर रहे हैं। ऐसे में टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा ने अच्छे प्रदर्शन की आशा जताते हुए केएल राहुल के बतौर विकेटकीपर खेलने पर मुहर लगा दी है। जानिए हिटमैन ने बॉक्सिंग डे टेस्ट की पूर्व संध्या पर क्या-क्या कहा? पेश हैं मुख्य अंश...
युवा खिलाड़ी हैं अफ्रीकी चुनौती के लिए तैयार
रोहित ने युवा खिलाड़ियों से सजी टीम के बारे में कहा,जो खिलाड़ी यहां पहली बार खेल रहे हैं उनके लिए यह चुनौतीपूर्ण है। वो इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं। चुनौतियों की बात करें तो यहां पर गेंदबाजों का दबदबा रहता है। गेंद में उछाल और हलचल तेज गेंदबाजों को मिलती है। जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है पिच पर दरारों की वजह से बल्लेबाजी करना और मुश्किल हो जाता है। इस वजह से मैच के दौरान अनियमित उछाल देखने को मिलता है।
वक्त के साथ मुश्किल होता जाता है टेस्ट
मैच के पांचों दिन की अपनी अलग चुनौती होती हैं। मैं किसी एक दिन के बारे में नहीं कह सकता कि ये दिन बल्लेबाजी के लिए सबसे बेहतर रहता है। मैच जैसे जैसे आगे बढ़ता है मुश्किल होता जाता है। इस तरह की चुनौतियों का सामना आप अपने करियर में करना चाहते हैं। मुश्किल परिस्थितियों में एक क्वालिटी बॉलिंग अटैक का सामना करके टीम के लिए अच्छा करना चाहते हैं।
हमने बनाई है योजना
हमने योजना बनाई है कि हमें कैसे खेलना है और क्या करना है। हम एक सप्ताह पहले यहां आ गए हैं और टेस्ट मैच की तैयारी की है।हर गेंदबाज की यहां होती है भूमिका
यहां हर गेंदबाज की भूमिका होती है स्पिनर्स की भी। कई बार यहां की पिचों पर स्पिनर्स के लिए मदद नहीं होती है इसके बावजूद उन्हें रन रोकने होते हैं और एक दो विकेट निकालने होते हैं। हम जब भी यहां आए हैं हमारे तेज गेंदबाजों ने अच्छा किया है। स्पिनर्स की भूमिका सीमित रही है लेकिन तेज गेंदबाजों के अच्छे प्रदर्शन के बीच एक-दो विकेट लेकर वो अतिरिक्त दबाव डाल सकते हैं।
अपने रोल से वाकिफ हैं अश्विन और जडेजा
हमारी टीम में दो बेहद अनुभवी स्पिनर हैं और वो अच्छी तरह जानते हैं कि उन्हें क्या करना है। योजना के बारे में उनके साथ ज्यादा बात नहीं करनी पड़ती है। अश्विन और जडेजा जानते हैं कि जब उनकी बारी आएगी तो उन्हें क्या करना है। मुझे उन दोनों पर भरोसा है।
विश्व कप की हार से उबरने में लगा वक्त
विश्व कप के फाइनल में मिली हार के बाद की निराशा से कैसे उबरे, इसके जवाब में रोहित ने कहा, विश्व कप के फाइनल तक हमने जो क्रिकेट खेली वो शानदार थी हमने जैसा प्रदर्शन किया उससे थोड़ा बेहतर कर सकते थे ये स्वीकार कर पाना हम सभी के लिए थोड़ा मुश्किल रहा। ईमानदारी से कहूं तो हमने पिछले कुछ सालों में इसके लिए कड़ी मेहनत की थी। पहले 10 मैचों में हमने अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन फाइनल में कुछ चीजें सही नहीं कीं। जिसका खामियाजा हमें भुगतना पड़ा।
मुश्किल था फाइनल की हार से उबरना
बहुत सारी चीजें ऐसी नहीं हैं जिन्हें हम इंगित कर सकें कि ये ठीक नहीं थी ये ठीक थी। ये मुश्किल था। जीवन में बहुत कुछ हो रहा है बहुत क्रिकेट हो रही है ऐसे में आपको ताकत जुटाकर आगे बढ़ना ही होता है। ईमानदारी से कहूं तो मेरे लिए भी यह मुश्किल था। मुझे भी इस सदमे से बाहर आने में वक्त लगा। फाइनल में हार के बाद हमें बाहरी दुनिया के लोगों से भी बहुत समर्थन मिला। उसी से मुझे ताकत मिली कि मैं वापस लौटकर अपना काम फिर से कर सकूं।
केएल राहुल को मिली है चुनौतीपूर्ण भूमिका
केएल राहुल को टेस्ट में भी विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी दिए जाने के बारे में रोहित ने कहा, हर क्रिकेट खिलाड़ी को करियर में अलग तरह की भूमिकाएं मिलती हैं। हर क्रिकेटर को बदलाव के दौर से गुजरना पड़ता है। कुछ ही खिलाड़ी ऐसे होते हैं जिन्हें पूरे करियर में एक पोजीशन पर खेलने का मौका मिलता है। केएल राहुल भी ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें कई भूमिकाओं से गुजरना पड़ा है।
राहुल की विकेटकीपिंग से संतुलित होगी टीम
जिस तरह केएल राहुल ने विश्व कप के दौरान विकेटकीपिंग की वो बेहद संतोषजनक थी। विकेटकीपिंग पर वो काफी मेहनत कर रहे हैं। वो इस भूमिका को लेने के लिए बेहत उत्सुक हैं। उनके विकेटकीपिंग करने से हमें एक अतिरिक्त गेंदबाज या बल्लेबाज खिलाने की आजादी मिलेगी। उनके पास इन परिस्थितियों में खेलने का अनुभव है।
मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करेंगे
पिछले दौरे पर बतौर ओपनर उन्होंने शतक जड़ा था। हालांकि इस बार वो मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करेंगे। वनडे में भी वो जिस पोजीशन पर बल्लेबाजी कर रहे हैं वहां उन्होंने अधिकांश चीजें सही की हैं। वो अनुभवी खिलाड़ी हैं और जानते हैं कि टीम की क्या जरूरत है। उनके विकेटकीपिंग करने से टीम को संतुलन मिलेगा। मैं नहीं जानता कि वो कब तक विकेटकीपिंग करेंगे लेकिन वो इस भूमिका के लिए तैयार हैं।
रन बनाने की सोच के साथ करना चाहिए बल्लेबाजी
रोहित ने अपने साथी खिलाड़ियों को बल्लेबाजी की टिप्स देते हुए कहा, जब आप ऐसी पिचों पर या मैदान पर खेलते हैं जहां थोड़ा बाउंस है सीम है। जहां पर गेंद बैट पर आती है वहां बैटिंग करना बल्लेबाजों को ज्यादा पसंद है। अगर आप दक्षिण अफ्रीका में इस इरादे से बल्लेबाजी करते हैं कि मुझे सर्वाइव करना है तो मुश्किल होगी। अगर आप रन बनाने के इरादे से खेलते हैं तो वो आसान होगा। यहां कमजोर गेंद पर रन बनाने के बारे में सोचना चाहिए।
जीतना चाहते हैं सीरीज
भारत ने दक्षिण अफ्रीका दौरे पर अबतक एक भी टेस्ट सीरीज नहीं जीती है। ऐसे में क्या दक्षिण अफ्रीका में सीरीज जीत विश्व कप की हार पर मरहम का काम करेगी? इसके जवाब में रोहित ने कहा, विश्व कप विश्व कप होता है। अगर हम यहां पर सीरीज जीते तो ये बड़ी बात होगी। लेकिन ये विश्व कप की हार पर यहां की जीत मरहम पट्टी का काम करेगा या नहीं ये मैं नहीं जानता। विश्व कप और इस सीरीज की तुलना नहीं हो सकती। इस सीरीज का अपना इतिहास है। अगर जीत सके तो अच्छा होगा। हमने इतनी मेहनत की है तो हमें कुछ तो बड़ा चाहिए। हर कोई डेसपरेट है इस तरह की जीत के लिए। केवल सीनियर्स ही नहीं युवा खिलाड़ी भी हैं जिन्हें टीम के लिए ग्लोरी लाना है। वो भी सीरीज जीतना चाहते हैं। आशा करते हैं कि हम सीरीज में अच्छा करेंगे क्योंकि हमारे पर जीत के लिए जरूरी सभी चीजें हैं।
किसे मिलेगा मौका मुकेश या कृष्णा?
मोहम्मद शमी की गैरमौजूदगी में मुकेश कुमार और प्रसिद्ध कृष्णा में से किसे मिलेगा मौका? इसके जवाब में रोहित ने कहा कि हमारे लिए चुनाव करना थोड़ा मुश्किल हो गया है। प्रसिद्ध पिछले 6 सात महीने से अच्छा कर रहे हैं। ऊंचे कद के खिलाड़ी हैं जो पिच पर गेंद को पटकते हैं। पिच से वो मदद हासिल कर सकते हैं। पिछले पांच छह महीने में मुकेश ने भी प्रभावित किया है। हमें देखना है कि पिच कैसा व्यवहार करेगी और मौसम कैसा है। उसी आधार पर हम निर्णय करेंगे। बुमराह और सिराज हमारे पास हैं। दोनों क्या कर सकते हैं इससे सब वाकिफ हैं। हमें ये देखना है कि हमें मुकेश और प्रसिद्ध में से कैसा बॉलर चाहिए। 75 प्रतिशत हम टीम का चुनाव कर चुके हैं। आज रात तक प्लेइंग-11 का चयन हो जाएगा।
