जसप्रीत बुमराह टीम इंडिया के सबसे बड़े स्टार हैं। उन्होंने अपने दम पर न जाने कितनी बार टीम इंडिया के फैंस के चेहरों पर खुशिया लाई है। न्यूजीलैंड के खिलाफ क्लीन स्वीप झेलने के बाद जब टीम ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर थी तो बुमराह ने ही कप्तानी करके जीत दिलाई। ऐसा नहीं कि उन्होंने केवल पर्थ टेस्ट में अपना लोहा मनवाया। पूरी सीरीज में एक अकेले उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों पर लगाम लगा कर रखी। 5 मैच में उन्होंने 15 से कम की औसत से कुल 32 विकेट चटकाए और प्लेयर ऑफ द सीरीज भी बने।
इस दौरे पर टीम इंडिया को एकमात्र जीत बुमराह की कप्तानी में ही मिली। 5 में से दो मैच में टीम इंडिया बुमराह की कप्तानी में ही उतरी। अगर सिडनी टेस्ट की दूसरी पारी में वह चोटिल नहीं होते तो फिर सीरीज का परिणाम कुछ और भी हो सकता था। उन्होंने गेंदबाजी के मोर्चे पर तो खुद को साबित किया ही है, बतौर कप्तान भी प्रभावित किया है। ऐसे में इस बात की भी चर्चा होने लगी थी कि क्या उन्हें टेस्ट टीम का स्थायी कप्तान बना देना चाहिए। लेकिन पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ की राय इससे अलग है। वह मानते हैं कि बुमराह को टीम का कप्तान नहीं बनना चाहिए। कैफ ने अपने यूट्यूब चैनल पर इसके पीछे का कारण भी बताया।
क्यों बुमराह को नहीं बनना चाहिए कप्तान
मोहम्मद कैफ के अनुसार बुमराह का एक्शन बाकी गेंदबाजों की तुलना में एकदम यूनिक है। वह बाकी गेंदबाजों से हटकर गेंद डिलीवर करने के आखिरी कुछ सेंकेड में अपना पूरा जोर लगाते हैं। ऐसे में उनके साथ इंजरी का खतरा लगातार बना रहेगा। न्यूजीलैंड के खिलाफ मुंबई टेस्ट में भी उन्हें इसी कारण से आराम दिया गया था। ऐसे में बुमराह को टीम का कप्तान नहीं बनना चाहिए।
हार्दिक भी इसी कारण से हुए थे बाहर
इससे पहले हार्दिक पांड्या के नाम को लेकर भी चर्चा थी कि उन्हें टी20 टीम की कमान सौंपी जाएगी, लेकिन लगातार इंजर्ड होने के कारण ही उनकी दावेदारी खत्म हो गई थी और सूर्यकुमार यादव को टीम का कप्तान बनाया गया था। बुमराह के लिए कैफ की यह प्रतिक्रिया इसलिए है कि कप्तान को हर मैच में उपलब्ध रहना चाहिए और बुमराह के साथ यह उनके बॉलिंग एक्शन और इंजरी के कारण संभव नहीं हो पाएगा।
