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क्या भारतीय क्रिकेट के नए वंडर ब्वॉय हैं IPL में धमाल मचा रहे वैभव सूर्यवंशी?

महज 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी अपनी आतिशी बल्लेबाजी के दम पर भारत के साथ-साथ विश्व क्रिकेट में एक जाना पहचाना नाम बन गए हैं। इतनी छोटी सी उम्र में वैभव ने दुनियाभर के दिग्गज गेंदबाजों के आईपीएल में छक्के छुड़ा दिए हैं। उन्हें सचिन तेंदुलकर की तरह भारतीय क्रिकेट का नया वंडर ब्वॉय कहा जा रहा है। जानिए कितना तार्किक है ये दावा?

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वैभव सूर्यवंशी (फोटो क्रेडिट IPL/BCCI)

भारतीय क्रिकेट के गलियारों में एक नाम की गूंज पिछले एक दो सालों में लगातार सुनाई दे रही है। वो खिलाड़ी है बिहार के समस्तीपुर जिले से ताल्लुक रखने वाले वैभव सूर्यवंशी। वैभव ने महज 15 साल की उम्र में अपने बल्ले से पूरी दुनिया में हाहाकार मचा दिया है। दुनियाभर में वो जहां भी खेलने गए वहां अपने नाम का डंका बजवाने में सफल रहे। जिस उम्र में बच्चे स्कूल में दोस्तों के साथ मटर-गस्ती करने और भविष्य के सुनहरे सपने देखने में व्यस्त होते हैं। उस उम्र में वैभव आईपीएल में दुनिया के दिग्गज से दिग्गज गेंदबाजों के छक्के छुड़ाकर हर किसी का ध्यान अनायास ही अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। लोग उन्हें क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर की तरह भारतीय क्रिकेट का नया वंडर ब्वॉय करार दे रहे हैं। आइए जानने की कोशिश वैभव को सचिन तेंदुलकर जैसा प्रतिभाशाली कहना कितना तार्किक है?

13 साल की उम्र में आईपीएल में हुए नीलाम

वैभव सूर्यवंशी के नाम की गूंज दुनियाभर के क्रिकेट गलियारों में पहली बार आईपीएल 2025 के लिए हुई नीलामी के दौरान सुनाई दी थी। महज 13 साल की उम्र में वैभव नीलामी में उतरे और राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें अपनी टीम में 1.1 करोड़ रुपये की कीमत पर शामिल किया। टीम इंडिया को साल 2024 में टी20 वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाले और भारतीय क्रिकेट की नई पीढ़ी को निखारने वाले कोच राहुल द्रविड़ की देखरेख में वैभव को आईपीएल में डेब्यू करने का मौका मिला। वैभव ने 14 साल 23 दिन की उम्र में लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में अपने आईपीएल करियर की धमाकेदार शुरुआत पहली ही गेंद पर छक्का जड़कर की। उसके बाद जो हुआ वो किसी करिश्मे से कम नहीं था। वैभव ने अपनी पहली पारी में 20 गेंद में 34 रन बनाए।

14 साल की उम्र में जड़ा आईपीएल में शतक

वैभव के बल्ले का तूफान दुनिया को गुजरात टाइटन्स के खिलाफ जयपुर में खेले गए मुकाबले में देखने को मिला। वैभव ने गुजरात के गेंदबाजों के छक्के छुड़ाते हुए महज 35 गेंद में आतिशी शतक जड़ दिया। यह आईपीएल में क्रिस गेल के बाद किसी भी खिलाड़ी द्वारा जड़ा दूसरा सबसे तेज और किसी भारतीय बल्लेबाज का सबसे तेज शतक का नया रिकॉर्ड था। वैभव ने यूसुफ पठान के रिकॉर्ड को चकनाचूर कर दिया। उस दिन के बाद भारतीय क्रिकेट फैन्स की जुंबा पर वैभव सूर्यवंशी का नाम चढ़ गया।

भारत को बनाया अंडर-19 वर्ल्ड कप चैंपियन

आईपीएल की अग्नि परीक्षा पास करने के बाद वैभव को तराशने का काम बीसीसीआई ने तस्सलीबख्श तरीके से किया। वैभव को भारतीय अंडर-19 टीम में सभी फॉर्मेट के लिए जगह मिल गई। वैभव ने इसके बाद शतक पर शतक जड़कर लगातार सुर्खियां बटोरते रहे। वैभव ने अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में 175 रन की आतिशी वैभवशाली पारी खेलकर टीम इंडिया को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका अदा की और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी चुने गए।

ऐसे वंडर ब्वॉय बने थे सचिन

सचिन तेंदुलकर अस्सी के दशक में मुंबई क्रिकेट सर्किट में एक जाना पहचाना नाम कुछ इसी अंदाज में बन गए थे। सचिन को जल्दी ही मुंबई के लिए रणजी डेब्यू करने का मौका मिल गया। सचिन ने अपनी पहचान के अनुरूप प्रथम श्रेणी क्रिकेट में धमाकेदार शुरुआत की। सचिन ने रणजी ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी और ईरानी कप तीनों के डेब्यू मैच में शतक जड़ने का अनोखा कारनामा कर दिखाया। ऐसे में सचिन को वंडर ब्वॉय के नाम से जाना जाने लगा और उन्हें भारतीय टीम में शामिल किए जाने की मांग उठने लगी।

पाकिस्तान के खिलाफ किया टेस्ट डेब्यू

सचिन ने अपने डेब्यू रणजी सीजन में 7 मैच की 11 पारी में 64.77 के औसत से 583 रन बनाए थे जिसमें एक शतक और 6 अर्धशतक शामिल थे। नाबाद 100* उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। ये पारी उन्होंने डेब्यू मैच में खेली थी। इसी क्रम में उन्हें साल 1989 में पाकिस्तान दौरे पर जाने वाली भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल करने का ऐलान हो गया। सचिन तेंदुलकर को मोहम्मद अजहरुद्दीन की कप्तानी में 20 नवंबर, 1989 कराची टेस्ट में 16 साल 205 दिन की उम्र में डेब्यू का मौका मिल गया। वसीम अकरम और वकार यूनिस जैसे तेज गेंदबाजों के सामने सचिन अपनी डेब्यू पारी में केवल 15 रन बना सके। डेब्यू के एक सप्ताह बाद सचिन फैसलाबाद में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला अर्धशतक जड़ने में सफल हुए। उसके बाद भारतीय क्रिकेट में ढाई दशक तक सचिन का नाम गूंजता रहा।

वैभव रेड बॉल क्रिकेट में नहीं छोड़ पाए हैं छाप

वैभव सूर्यवंशी आईपीएल में लगातार अपने बल्ले से धमाल मचा रहे हैं। लेकिन अबतक प्रथम श्रेणी क्रिकेट में वो कुछ खास नहीं कर सके हैं। पटना में वैभव ने मुंबई के खिलाफ 5 जनवरी, 2024 को 12 साल 284 दिन की उम्र में रणजी डेब्यू किया था। डेब्यू मैच में वैभव 19(28) और 12(37) रन की पारी खेल सके। वैभव अबतक खेले 8 प्रथम श्रेणी मैच में 17.25 के औसत से कुल 207 रन बना सके हैं। जिसमें एक अर्धशतक शामिल है। 93 उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। अबतक वो प्रथम श्रेणी क्रिकेट में शतक नहीं जड़ पाए हैं। ये आंकड़े उनकी प्रतिभा के अनुरूप नहीं हैं।

लिस्ट ए में जड़ चुके हैं एक आतिशी शतक

वैभव लिस्ट ए क्रिकेट में वो 8 मैच की 8 पारी में 44.12 के औसत और 164.95 के स्ट्राइक रेट से 353 रन बना सके हैं। जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल है। वैभव ने अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ विजय हजारे ट्ऱॉफी में अपने सातवें मैच में 36 गेंद में पहला शतक जड़ने में सफल हुए। वैभव ने उस मैच में 84 गेंद में 190 रन की पारी खेली जिसमें 16 चौके और 15 छक्के शामिल थे।

ऐसा रहा है आईपीएल में अबतक प्रदर्शन

वैभव सूर्यवंशी ने अबतक आईपीएल में खेले 15 मैच आतिशी अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 40.60 के औसत और 222.26 के स्ट्राइक रेट से 609 रन बनाए हैं। इसमें 2 शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं। वैभव ने आईपीएल में शतक 35 और 36 गेंद में जड़े हैं। पहली ही गेंद से आक्रमण करना उनका स्वाभाविक खेल है और अबतक वो इस अंदाज में बल्लेबाजी करके टी20 क्रिकेट में सफल रहे हैं। उनके नाम आईपीएल में सबसे तेज गति से 500 रन, सबस तेज गति से 50 छक्के, सबसे कम मैच में दो शतक, दूसरा सबसे तेज शतक जैसे कई रिकॉर्ड दर्ज हो चुके हैं।

रेड बॉल क्रिकेट में प्रदर्शन तय करेगा भविष्य

साल 2025 की तुलना में आईपीएल में वैभव की बल्लेबाजी की शैली में बदलाव हुआ है। बढ़े हुआ आत्मविश्वास के साथ पिछले सीजन की तुलना में उनका प्रदर्शन बेहतर हुआ है। मौजूदा आईपीएल सीजन में वैभव जसप्रीत बुमराह जैसे दिग्गज गेंदबाज के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया है। हो सकता है इस प्रदर्शन के आधार पर वैभव को जल्दी ही आयरलैंड या इग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया के लिए टी20 डेब्यू का मौका मिल जाए और वो भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले क्रिकेटर सबसे युवा क्रिकेटर बन जाएं लेकिन खुद को नया वंडर ब्वॉय साबित करने के लिए उन्हें घरेलू क्रिकेट की कसौटी खासकर रेड बॉल क्रिकेट में कसना होगा। तभी उनका नाम सचिन तेंदुलकर की तरह भारतीय और विश्व क्रिकेट में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो पाएगा।

Navin Chauhan
नवीन चौहानauthor

नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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