क्रिकेट के मैदान पर स्लेजिंग एक जमाने में आम बात थी, पिछले कुछ समय से सख्त नियमों के कारण इसमें थोड़ी कमी जरूर आई लेकिन अब भी मैदान पर खिलाड़ियों के बीच कहासुनी की घटनाएं होती ही रहती हैं। एक समय ऐसा भी था जब स्लेजिंग के लिए कुछ खिलाड़ी बदनाम हो चुके थे और कम ही मौकों पर उन पर एक्शन लिया जाता था। शायद यही वजह थी कि उस दौर में ये घटनाएं रुकती नहीं थीं। ऐसा ही एक किस्सा इरफान पठान ने बयां किया है जो उनके साथ मैदान पर हुआ था, हालांकि जिस खिलाड़ी का उन्होंने जिक्र किया है, वो बेहद शांत स्वभाव वाले खिलाड़ियों के रूप में मशहूर रहा इसलिए पठान का ये खुलासा चौंकाने वाला है।
ये खुलासा ऐसे समय पर आया है जब दो दिन बाद भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का आगाज होने जा रहा है। टीम इंडिया के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने 2005 के एक टेस्ट मैच के दौरान श्रीलंकाई दिग्गज कुमार संगकारा के साथ हुई एक ऐसी बहस को लेकर खुलासा किया है, जिसके बारे में पहले कभी किसी ने नहीं सुना था। उस तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के दूसरे टेस्ट मैच के दौरान श्रीलंकाई खिलाड़ी बॉल बॉक्स बदले जाने से खुश नहीं थे। इस नाराजगी से अनजान, पठान (जिन्हें भारत के लिए ओपनिंग करने को कहा गया था) संगकारा के साथ बहस कर बैठे। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने मुथैया मुरलीधरन को दो छक्के मारे और श्रीलंकाई दिग्गज ने भारतीय खिलाड़ियों को "चीटर" (धोखेबाज) कहा, तो वह उन्हें बुरा-भला कहने लगे।
यह घटना 2005 में नई दिल्ली में हुए एक टेस्ट मैच के दौरान हुई थी। इरफान और गौतम गंभीर भारत की बल्लेबाजी पारी की शुरुआत करने उतरे। बाएं हाथ के बल्लेबाज ने 93 रन बनाए, लेकिन अपनी पारी के दौरान संगकारा के साथ उनकी बहस हो गई।
इरफान ने बताया कि अंपायरों ने श्रीलंकाई बल्लेबाजी पारी के दौरान गेंद बदल दी थी, जिससे संगकारा और बाकी मेहमान खिलाड़ी नाराज हो गए। जब भारतीय टीम बल्लेबाजी करने उतरी, तो श्रीलंकाई विकेटकीपर ने मेजबान टीम पर "धोखाधड़ी" का आरोप लगाते हुए पठान पर हमला बोल दिया। इस दिग्गज श्रीलंकाई खिलाड़ी ने भारतीय खिलाड़ियों की परवरिश तक पर सवाल उठा दिए।
स्लेजिंग करते हुए परिवार तक पहुंच गए संगकारा
इरफान पठान ने उस किस्से का खुलासा करते हुए 'चीकी सिंगल्स' कार्यक्रम में कहा, "दिल्ली में एक टेस्ट मैच हो रहा था। मैंने ओपनिंग की और 93 रन बनाए। पहली पारी के बाद, जब हम बॉलिंग करने गए, तो बॉल्स का बॉक्स बदल गया था या कुछ ऐसा ही हुआ था, और श्रीलंकाई खिलाड़ी खुश नहीं थे। संगकारा सबसे ज़्यादा आवाज़ उठा रहे थे। फिर, जब मैं बैटिंग करने गया, तो मुझे बिल्कुल अंदाज़ा नहीं था कि क्या हुआ है> मुझे ओपनिंग करने के लिए कहा गया था। मैंने मुरलीधरन को दो छक्के मारे। अगर नई बॉल से उन्हें छक्के पड़ रहे हैं, तो इसका मतलब है कि आपने विरोधी टीम की प्लानिंग को थोड़ा बिगाड़ दिया है। अचानक, संगकारा कहने लगे कि तुम लोग चीटिंग करते हो, तुम्हारे माता-पिता तुम्हें ये सब सिखाते हैं और वगैरह-वगैरह। उन्होंने पर्सनल बातें कहीं, और मैंने भी जवाब दिया। उन्होंने ही शुरुआत की थी।"
आईपीएल में एक-दूसरे से माफी मांगी
इरफान ने बताया कि जब 2008 में पहले आईपीएल सीजन के लिए दोनों खिलाड़ी किंग्स इलेवन पंजाब से जुड़े, तो उन्होंने आखिरकार एक-दूसरे से माफी मांग ली। पठान ने बताया, "नीलामी के बाद, मुझे पता चला कि मैं पंजाब में संगकारा के साथ खेलूंगा। अब मैं उनके परिवार के साथ खाना खा रहा था, और मुझे समझ नहीं आ रहा था कि क्या करूं। मैंने जाकर उनसे माफी मांगी। उन्होंने भी माफी मांगी, और फिर हम अच्छे दोस्त बन गए। भावनाएं हावी होती हैं और इंसान से गलतियां हो जाती हैं। मायने यह रखता है कि आप चीजों को कितनी समझदारी से संभालते हैं।"
