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Chess Olympiad 2026: भारतीय पुरुष टीम ने जीता रजत, महिलाओं ने हासिल किया कांस्य

भारतीय पुरुष टीम ने 46वें शतरंज ओलंपियाड के अंतिम दौर में हंगरी के साथ ड्रॉ खेलकर टाईब्रेकर में रजत पदक हासिल किया जबकि महिला टीम ने जॉर्जिया के साथ बाजी बराबर रहने के बाद कांस्य पदक अपने नाम किया।

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भारतीय चेस टीम (फाइल फोटो )

समरकंद: भारतीय पुरुष टीम ने 46वें शतरंज ओलंपियाड के अंतिम दौर में रविवार को हंगरी के साथ ड्रॉ खेलकर टाईब्रेकर में रजत पदक हासिल किया जबकि महिला टीम ने जॉर्जिया के साथ बाजी बराबर रहने के बाद कांस्य पदक अपने नाम किया। उज्बेकिस्तान ने ओपन वर्ग में यूक्रेन के खिलाफ अंतिम दौर का मुकाबला 2.5-1.5 से जीतकर स्वर्ण पदक फिर अपने नाम किया। उज्बेकिस्तान ने संभावित 22 में से 20 अंक जुटाए। टीम ने 10 दौर में जीत दर्ज की और केवल एक मुकाबला जर्मनी के खिलाफ गंवाया।

जर्मनी के साथ साझा रूप से दूसरे पायदान पर रही पुरुष टीम

भारतीय पुरुष टीम ने 18 अंक जुटाए और नीदरलैंड को हराने वाले जर्मनी के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रही। हालांकि बेहतर टाईब्रेकर स्कोर के कारण भारत को रजत पदक मिला जबकि जर्मनी को कांस्य से संतोष करना पड़ा। महिला वर्ग में चीन ने वियतनाम के खिलाफ 3-1 की शानदार जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक हासिल किया। चीन ने भी कुल 20 अंक जुटाए जबकि दूसरे स्थान पर रहे कजाखस्तान के खाते में दो अंक कम रहे।

बी सविता ने दिलाया भारतीय महिलाओं को कांसा

भारतीय महिला टीम को एक बार फिर बी सविता श्री ने संभाला जो भारतीय खिलाड़ियों में स्पष्ट रूप से सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ी रहीं। सविता ने अपने 10 मुकाबलों में नौ अंक हासिल किए और उनके प्रदर्शन की बदौलत भारतीय टीम कांस्य पदक जीतने में सफल रही। जॉर्जिया के खिलाफ मुकाबले में हम्पी ने नाना द्जाग्निद्जे के खिलाफ आसान जीत दर्ज की लेकिन चौथे बोर्ड पर दिव्या देशमुख को बेला खोतेनाशविली के हाथों हार का सामना करना पड़ा। तीसरे बोर्ड पर वंतिका अग्रवाल के मुकाबला ड्रॉ करने के बाद सविता श्री पर काफी जिम्मेदारी आ गई। उन्हें बेहद मुश्किल स्थिति का सामना करना पड़ा जिसमें उनके राजा पर लगातार दबाव था। हालांकि सविता ने आखिर तक संघर्ष करते हुए हर चाल का जवाब दिया और ड्रॉ हासिल करने में सफल रहीं।

सविता ने जीता व्यक्तिगत स्वर्ण, डी गुकेश गोल्ड से चूके

टीम कांस्य के अलावा सविता ने अपने प्रदर्शन के लिए व्यक्तिगत स्वर्ण पदक भी जीता। हम्पी और वंतिका अग्रवाल ने व्यक्तिगत कांस्य पदक हासिल किया जबकि दिव्या देशमुख को रजत पदक मिला। भारतीय पुरुषों में आर प्रज्ञानानंदा ने अपने प्रदर्शन के लिए कांस्य पदक जीता जबकि अंतिम दौर में निराशाजनक प्रदर्शन के कारण डी गुकेश मामूली अंतर से स्वर्ण पदक से चूक गए।

(भाषा)

Navin Chauhan
नवीन चौहानauthor

नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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