जयपुर: जैसे-जैसे आईरपीएल 2023 का सफर अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहा है सभी टीमों के बीच कांटे के मुकाबले देखने को मिल रहे हैं। तकरीबन हर दूसरे मुकाबले में टीमें पहले बल्लेबाजी करके 200 रन का स्कोर खड़ा कर रही हैं। वहीं दूसरी तरफ विरोधी टीमें जीत के लिए मिले बड़े लक्ष्य का हासिल करके जीत के नए रिकॉर्ड रच रही हैं। ऐसा ही एक बार फिर रविवार को राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में हुआ। जीत के लिए मिले 215 रन के लक्ष्य को हैदराबाद की टीम ने अंतिम ओवर की अंतिम गेंद पर अब्दुल समद के शानदार छक्के की बदलौत हासिल कर लिया।
आखिरी ओवर में हैदराबाद को चाहिए थे 17 रन
आखिरी ओवर में जीत के लिए हैदराबाद को 17 रन बनाने थे। पहली पांच गेंद में संदीप शर्मा के खिलाफ 12 रन भी बन गए थे। छठी गेंद पर लेकिन किस्मत का ऐसा चक्का घूमा कि बल्लेबाज अब्दुल समद छक्का जड़ने की कोशिश में जोस बटलर के हाथों लपके गए। लेकिन अंपायर ने उस गेंद को ओवर स्टेपिंग के लिए नो-बॉल करार दे दिया। ऐसे में आखिरी गेंद पर मिले जीवनदान का फायदा उठाते हुए समद ने शानदार छक्का जड़कर टीम को जीत दिला दी।
नो बॉल ने पलट दी बाजी
राजस्थान रॉयल्स के कप्तान संजू सैमसन हैदराबाद के खिलाफ आखिरी गेंद पर मिली हार से निराश नजर आए। उन्होंने लगातार तीसरा मैच गंवाने के बाद कहा, इस तरह के मैच आईपीएल को विशेष बनाते हैं। जब तक मैच आप जीत नहीं जाते तब तक ये महसूस नहीं कर सकते कि आप जीत गए हैं। मुझे संदीप शर्मा पर पूरा भरोसा था पहले भी उन्होंने हमें एक मैच ऐसी ही परिस्थिति में जिताया था, लेकिन उस नो बॉल ने मैच का पूरा रुख बदल दिया। उन्होंने(हैदराबाद) बेहद समझदारी से बल्लेबाजी की। जिस अंदाज में उन्होंने बैटिंग की उन्हें जीत का श्रेय जाता है। इस टूर्नामेंट और इस फॉर्मेट में खेलने वालों का जीवन कभी आसान नहीं होता है। आपको अपने हर मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होता है। हम मजबूती के साथ वापसी करेंगे और फिर से जीत कर दिखाएंगे।
फिलिप्स और समद ने किया अश्विसनीय कारनामा
वहीं जीत के बाद हैदराबाद के कप्तान एडेन मार्करम ने कहा, मैच के दौरान भावनाएं काफी तेजी से बदलीं। हमारे लिए ये अच्छी बात रही कि हम जीत की रेखा पार करने में सफल रहे। हमें मालूम था कि इत तरह की तेज आउट फील्ड वाले मैदान पर हम ये स्कोर बना सकते हैं। अभिषेक शर्मा ने हमें अच्छी शुरुआती दी। राहुल त्रिपाठी उस लय को आगे लेकर गए। ऐसे में आपको कुछ छोटी तेज तर्रार पारियों की आवश्यकता होती है। काश में आपको बता पाता कि ग्लेन फिलिप्स और अब्दुल समद ने जो किया वो कैसे किया।
भाग्य ने दिया आखिरी गेंद पर साथ
7 गेंद में 25 रन बनाकर मैच का रुख बदलने वाले ग्लेन फिलिप्स को इस धमाकेदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने प्लेयर ऑफ द मैच बनने के बाद कहा, यह ऐसी स्थिति थी कि मैच किसी भी पाले में जा सकता था। हम अंत में सिर्फ अपना काम कर रहे थे। जिस गेंद पर मैं आउट हुआ उस पर मुझे सबसे बड़ा शॉट खेलना चाहिए था। उस गेंद को ठिकाने पर नहीं पहुंचा पाने का मुझे अफसोस है। इस बात की खुशी है कि समद हमारे लिए मैच खत्म कर सके। हम भाग्यशाली रहे कि हमें वो नो-बॉल मिली।
