भारतीय महिला क्रिकेट टीम की नियमित सदस्य बनने के बावजूद तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ (Kranti Gaud) अपनी जड़ें और माता पिता के बलिदान नहीं भूली है और वह टी20 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करके उनके भरोसे पर खरी उतरना चाहती है। मध्यप्रदेश के एक छोटे से गांव की रहने वाली गौड़ ने बताया कि एक क्रिकेट किट खरीदने के लिये उनकी मां ने अपने गहने बेच दिये थे।
गौड़ ने जियोस्टार से कहा, "अगर आपका परिवार आपके साथ है तो दूसरे क्या कहते हैं, यह मायने नहीं रखता । ये बाहरी लोग आपकी मदद नहीं करते । मैं अपने परिवार की शुक्रगुजार हूं जो हर कदम पर मेरे साथ रहा क्योंकि समस्यायें बहुत थी। हमेशा पैसे की तंगी रहती थी।"
उन्होंने कहा, "मुझे एक क्रिकेट किट दिलाने के लिये मेरी मां ने गहने बेच दिये थे । वह बहुत बड़ा बलिदान था । मेरा परिवार मेरे लिये काफी कुछ कर रहा था जिसने मुझे जिम्मेदारी का अहसास कराया। मैं उन्हें कुछ वापिस देना चाहती हूं। मैं चाहती हूं कि उनके हर बलिदान का फल मिले।"
गौड़ ने कहा, "जिस समय कई लड़कियों को घर से बाहर निकलने की भी अनुमति नहीं थी, मेरे परिवार ने मुझे कभी महसूस नहीं होने दिया कि मैं कुछ गलत कर रही हूं। उन्होंने मेरे सपनों पर भरोसा किया।"
उन्होंने कहा, "इससे मुझे लगातार अच्छा खेलने और लक्ष्य हासिल करने की ताकत मिली । जब परिवार आपके साथ होता है तो बाहरी दुनिया को अनदेखा करना आसान हो जाता है।" गौड़ की कामयाबी के बाद अब उनके गांव में क्रिकेट अकादमी खुल गई है और लड़कियां खेलों में कैरियर बना रही हैं।
भारतीय गेंदबाज क्रांति गौड़ ने अब तक अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 1 टेस्ट मैच में 2 विकेट, 17 वनडे मैचों में 25 विकेट और 13 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 8 विकेट लिए हैं।
(भाषा इनपुट के साथ)
