भारत के खिलाफ एशिया कप मैच के दौरान कथित तौर पर भड़काऊ भाव भंगिमा के लिए पाकिस्तानी क्रिकेटरों हारिस रऊफ और साहिबजादा फरहान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की सुनवाई शुक्रवार को पूरी हो गई और टूर्नामेंट के सूत्रों के अनुसार इन दोनों के कुछ इशारों के लिए प्रतिबंध की संभावना है। पता चला है कि भारत के खिलाफ पिछले रविवार को हुए मैच के दौरान ‘अभद्र भाषा और आक्रामक इशारों’ के लिए रऊफ पर जुर्माना लगाया जा सकता है।
वहीं दूसरी ओर फरहान ने खुद को निर्दोष बताते हुए दावा किया कि पाकिस्तान में उनकी पख्तून जनजाति में गोलीबारी का जश्न मनाना पारंपरिक तरीका है इसलिए उन्होंने किसी भी आचार संहिता का उल्लंघन नहीं किया है। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने दोनों खिलाड़ियों पर भड़काऊ इशारे करने का आरोप लगाया है। दोनों टीमें रविवार को एशिया कप फाइनल में आमने सामने होंगी।
क्या है मामला?
भारत-पाकिस्तान की टीम जब सुपर-फोर के दूसरे मुकाबले में आमने-सामने थी तब बल्लेबाजी के दौरान ओपनर साहिबजादा फरहान ने अर्धशतकीय पारी खेलने के बाद गन सेलिब्रेशन किया था। इस सेलिब्रेशन का सोशल मीडिया पर पुरजोर तरीके से विरोध किया गया। इसने पाकिस्तान के खिलाड़ियों की खराब मानसिकता को भी उजागर किया था। इसके अलावा फीलडिंग के दौरान हारिस रऊफ ने भी अलग-अलग तरह के इशारे किए थे, जिसके बाद बीसीसीआई ने इन दोनों खिलाड़ियों के खिलाफ शिकायत की थी। हालांकि, शिकायत केवल बीसीसीआई ही नहीं बल्कि पीसीबी की ओर से भी की गई थी। पीसीबी की शिकायत पर सूर्यकुमार यादव पर भी सुनवाई हुई थी, लेकिन उन्हें दोषी नहीं पाया गया।
