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टेस्ट क्रिकेट को बचाने के लिए अलग से कोष तैयार करने पर विचार कर रहा है आईसीसी

ICC plan to save test cricket: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) भी अब टेस्ट क्रिकेट के वजूद व भविष्य को लेकर चिंतित नजर आने लगा है। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप जैसी विशाल सीरीज शुरू करने के बावजूद परेशान आईसीसी ने अब टेस्ट क्रिकेट को बचाने पर विचार करना शुरू कर दिया है और उसके लिए एक कोष तैयार करने की रणनीति पर चर्चा चल रही है।

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आईसीसी टेस्ट क्रिकेट को लेकर चिंतित (Instagram)

KEY HIGHLIGHTS
  • क्या खतरे में है टेस्ट क्रिकेट का भविष्य
  • आईसीसी टेस्ट क्रिकेट को लेकर चिंतित
  • टेस्ट क्रिकेट को बचाने के लिए कोष बनाने पर विचार

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) टेस्ट क्रिकेट के लिए कम से कम 150 लाख अमेरिकी डॉलर का अलग से कोष तैयार करने पर विचार कर रहा है जिससे खिलाड़ियों की मैच फीस बढ़ाने में मदद मिलेगी और उन्हें केवल आकर्षक टी20 फ्रेंचाइजी लीग पर ध्यान केंद्रित करने से रोका जा सकेगा।

सिडनी मार्निंग हेराल्ड की रिपोर्ट के अनुसार क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) ने इस तरह का प्रस्ताव रखा है जिसे भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव जय शाह और इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) का समर्थन हासिल है। शाह अभी आईसीसी अध्यक्ष बनने की दौड़ में सबसे आगे हैं।

इस कोष से टेस्ट क्रिकेटरोंं की न्यूनतम मैच फीस में बढ़ोतरी होगी और यह विदेशी दौरों पर टीमों को भेजने की लागत को कवर करेगा। इससे वेस्टइंडीज जैसे क्रिकेट बोर्ड कोे मदद मिलेगी जिसके खिलाड़ी के टेस्ट क्रिकेट के बजाय वैश्विक टी20 प्रतियोगिताओं में खेलने को प्राथमिकता दे रहे हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है,‘‘इस कोष के बनने के बाद सभी खिलाड़ियों के लिए न्यूनतम भुगतान सुनिश्चित होगा जो लगभग 10000 डॉलर होगा। इसके अलावा यह उन देश के विदेशी दौरों की लागत का भी भुगतान करेगा जो टेस्ट क्रिकेट में बने रहने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ’’

इस तरह का कोष गठित करने की अवधारणा क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अध्यक्ष माइक बेयर्ड ने जनवरी में रखी थी और उन्हें खुशी है कि इस पर प्रगति हो रही है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें हर बाधा को दूर करने और टेस्ट क्रिकेट को सर्वश्रेष्ठ में से सर्वश्रेष्ठ बनने के लिए प्रोत्साहित करने की जरूरत है। उस इतिहास और उस विरासत को बनाए रखने की जरूरत है, जो सीमित ओवरों की क्रिकेट के नए स्वरूपों के साथ आगे बढ़ रही है।’’

इस कोष से तीन सबसे धनी क्रिकेट बोर्ड भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड को किसी तरह का लाभ होने की संभावना नहीं है क्योंकि वे पहले से ही अपने खिलाड़ियों को पर्याप्त वेतन प्रदान करते हैं।

(भाषा इनपुट के साथ)

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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