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Guru Purnima: आईसीसी चेयरमैन जय शाह ने गुरू पूर्णिमा पर शुभकामनाएं के साथ दिया खास संदेश

ICC Chairman Jay Shah's Post On Guru Purnima: पूर्व बीसीसीआई सचिव व मौजूदा समय में विश्व क्रिकेट का संचालन करने वाली आईसीसी के चेयरमैन पद पर काबिज जय शाह ने गुरू पूर्णिमा के मौके पर सबको शुभकामनाएं दीं और साथ एक खास संदेश भी दिया।

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आईसीसी चेयरमैन जय शाह ने गुरू पूर्णिमा पर पोस्ट किया (ICC/X)

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के चेयरमैन जय शाह ने गुरु पूर्णिमा के मौके पर लोगों को बधाई दी। उन्होंने अपनी सीख और मूल्यों के ज़रिए पीढ़ियों को आकार देने में शिक्षकों और गुरुओं की भूमिका पर ज़ोर दिया। X पर पोस्ट करते हुए शाह ने कहा कि गुरु की विरासत सिर्फ़ ज्ञान तक सीमित नहीं होती, बल्कि इसमें आने वाली पीढ़ियों को दिए गए संस्कार और मूल्य भी शामिल होते हैं।

जय शाह ने लिखा, "गुरु जो सबसे बड़ी विरासत छोड़ते हैं, वो सिर्फ ज्ञान नहीं, बल्कि वे संस्कार और मूल्य हैं जो पीढ़ियों को आकार देते हैं। सभी को गुरु पूर्णिमा की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।"

गुरु पूर्णिमा, जिसे व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है, भारत, नेपाल, भूटान और अन्य जगहों पर हिंदू, बौद्ध और जैन समुदायों द्वारा मनाया जाने वाला एक पवित्र त्योहार है। यह दिन महर्षि वेद व्यास के जन्म का सम्मान करने के लिए मनाया जाता है। वे एक सम्मानित ऋषि थे जिन्होंने वेदों का संकलन किया और महाभारत की रचना की। 'आदि गुरु' या मूल शिक्षक के रूप में उन्होंने एक स्थायी आध्यात्मिक विरासत छोड़ी, जिसकी शिक्षाएँ आज भी इन परंपराओं को आकार दे रही हैं।

माना जाता है कि गुरु पूर्णिमा पर गुरुओं का सम्मान करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। वाराणसी में इस दिन गुरु मंत्र लेने की परंपरा भी है। आषाढ़ पूर्णिमा के दिन स्नान करना और दान देना बहुत शुभ माना जाता है।

जीवन में सफलता के लिए गुरु को एक ज़रूरी मार्गदर्शक माना जाता है। धार्मिक शहर वाराणसी में गुरु का बहुत महत्व है। इस दिन हज़ारों लोग अपने सम्मानित गुरुओं से मिलने जाते हैं और अपनी क्षमता के अनुसार उन्हें उपहार भेंट करते हैं।

सांसारिक जीवन में गुरु का विशेष महत्व है, इसीलिए भारतीय संस्कृति में गुरु को ईश्वर से भी अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। यह त्योहार न केवल हिंदू, बल्कि जैन, बौद्ध और सिख भी मनाते हैं। बौद्ध धर्म में, भगवान बुद्ध ने इसी दिन अपना पहला 'धर्म चक्र प्रवर्तन' (धर्म का पहिया घुमाना) किया था।

इस बीच, गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर पवित्र नदी में डुबकी लगाने के लिए बुधवार को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में सरयू घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु जमा हुए। सुबह से ही राज्य और देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु अनुष्ठान करने और प्रार्थना करने के लिए सरयू नदी के तट पर पहुँचे।

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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