स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। हनुमा विहारी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ समाप्त हुई T20I सीरीज में अभिषेक शर्मा की खराब फॉर्म के बावजूद उन्हें लगातार मौका देने के टीम इंडिया के फैसले पर सवाल उठाए हैं। भारत के बैटिंग ऑलराउंडर का मानना है कि सेलेक्टर्स ने अभिषेक और संजू सैमसन के लिए अलग-अलग पैमाने अपनाए हैं। खासकर तब जब बड़े टूर्नामेंट्स में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद सैमसन को टीम से बाहर कर दिया गया था।
अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए, विहारी ने बताया कि T20 वर्ल्ड कप से पहले कुछ खराब मैचों के बाद सैमसन को टीम से हटा दिया गया था, लेकिन उन्होंने जबरदस्त वापसी की और भारत के लिए शानदार प्रदर्शन करते हुए प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब जीता।
'अभिषेक के कितन रन'
उन्होंने कहा, वर्ल्ड कप से पहले, संजू सैमसन पांच मैचों में अच्छा नहीं खेल पाए और शुरुआती 11 खिलाड़ियों में अपनी जगह खो दी। फिर उन्होंने वापसी की और 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' बने। उसी टूर्नामेंट में अभिषेक शर्मा ने कितने रन बनाए?'
उन्होंने अभिषेक के हालिया आंकड़ों पर भी बात की और कहा, 'UK सीरीज में, एक फिफ्टी के अलावा, कोई खास स्कोर नहीं था। 20 या 30 रन भी नहीं, कोई बड़ा स्कोर नहीं। पिछले आठ मैचों में सिर्फ एक फिफ्टी। अगर वर्ल्ड कप को भी जोड़ लें, तो पिछले 18 मैचों में तीन हाफ-सेंचुरी हैं।'
'वैभव को ज्यादा पसंद किया जाने लगा'
विहारी ने तर्क दिया कि सैमसन ने भारत के T20 वर्ल्ड कप जीतने वाले अभियान के दौरान लगातार तीन फिफ्टी लगाकर अहम मौकों पर खुद को साबित किया, लेकिन फिर भी उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया क्योंकि युवा वैभव सूर्यवंशी को ज्यादा पसंद किया जाने लगा।
सिलेक्शन पॉलिसी पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, 'सैमसन ने वर्ल्ड कप में कितने मैच खेले? तीन। और तीनों में फिफ्टी लगाईं। अभिषेक का पांच मैचों में सबसे ज्यादा स्कोर 16 है। इस बारे में कोई बात क्यों नहीं कर रहा? जब सैमसन की बात आती है, तो लोग कहते हैं कि वह लगातार अच्छा नहीं खेलते। ठीक है। लेकिन जब उनका दिन होता है, तो वह दबाव वाले मैच भी जिता सकते हैं।'
'अलग-अलग नियम क्यों?'
विहारी ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, 'अभिषेक को लेकर बहुत चर्चा होती है, लेकिन सैमसन भी उतने ही अच्छे खिलाड़ी हैं। उन्होंने IPL में भी अच्छा प्रदर्शन किया है। अलग-अलग खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग नियम क्यों?'
