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क्या एडिलेड में पिछली बार मिली शर्मनाक हार का पड़ेगा टीम इंडिया पर असर? शास्त्री ने दिया जवाब

टीम इंडिया के पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री ने बताया है कि एडिलेड टेस्ट में साल 2020 में मिली करारी हार का भारतीय टीम पर 6 दिसंबर से खेले जाने वाले डे-नाइट टेस्ट पर क्या असर पड़ेगा?

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रवि शास्त्री और विराट कोहली

एडिलेड: भारत के पूर्व कोच रवि शास्त्री का मानना है कि 2020 में एडीलेड में भारत का अपने न्यूनतम स्कोर पर सिमटना अब इतिहास की बात है लेकिन टीम इंडिया शुक्रवार से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जब दिन-रात्रि के टेस्ट में उतरेगी तो यह बात खिलाड़ियों के दिगाम में रहनी चाहिए। शास्त्री उस श्रृंखला में भारत के कोच थे। विराट कोहली की अगुआई में भारतीय टीम एडीलेड टेस्ट की दूसरी पारी में अपने सबसे कम 36 रन के स्कोर पर सिमट गई थी जिसे ऑस्ट्रेलिया ने आठ विकेट से जीता।

पिछली हार का नहीं पड़ेगा फर्क

भारत की इस हार के बाद ऑस्ट्रेलिया को श्रृंखला जीतने का प्रबल दावेदार माना जा रहा था लेकिन मेहमान टीम ने शानदार वापसी करते हुए चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला 2-1 से जीतकर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी पर फिर कब्जा जमाया। शास्त्री ने आईसीसी (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) रिव्यू से कहा,'मुझे नहीं लगता कि यह (एडीलेड में हार) कोई भूमिका निभाएगा लेकिन यह उनके दिमाग में होना चाहिए क्योंकि आप जानते हैं कि गुलाबी गेंद से चीजें बहुत तेजी से होती हैं।'

सीरीज में भारत चल रहा है 1-0 से आगे

पांच मैच की श्रृंखला में 1-0 से आगे चल रहा भारत भारत शुक्रवार से शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट में मेजबान टीम से भिड़ेगा। शास्त्री ने कहा,'आपने महसूस किया होगा कि खेल के एक सत्र में अगर चीजें आपके अनुकूल नहीं होती और गेंदबाजी अच्छी होती है तो चीजें तेजी से हो सकती हैं।'

चार दशक में पहली बार हुआ था ऐसा

शास्त्री ने कहा कि मैच में भारत की हार एक अजीब बात थी और उन्होंने अपने चार दशक के क्रिकेट में कभी गेंद को बल्ले का किनारा लेकर इतनी बार क्षेत्ररक्षकों के पास जाते नहीं देखा। उन्होंने कहा,'उन 36 रन के बाद हमने जो किया - जैसा कि मैंने उस समय कहा था - मैंने पहले कभी नहीं देखा था और मैंने ड्रेसिंग रूम में भी यही कहा था। मैंने खेलने के प्रयास में चूकने की जगह इतनी अधिक बार खेलने का प्रयास करते हुए बल्ले का किनारा लेते हुए नहीं देखा था।'

हर गेंद लेकर गई बल्ले का किनारा

शास्त्री ने कहा,'और मैंने लगभग 40 वर्षों तक क्रिकेट देखा है। और ईमानदारी से कहूं तो वह एक ऐसा सत्र था जिसमें शायद ही कोई खिलाड़ी खेला और गेंद को खेलने से चूका। अगर उसने कुछ भी किया तो गेंद बल्ले के किनारे पर जा लगी। गेंद बल्ले पर लगने से चूक नहीं रही थी। आप जानते हैं, गेंदबाज (दुर्भाग्यशाली) होते है... उस दिन यह सिर्फ बल्लेबाजों का दुर्भाग्य था।' भारत ने मेलबर्न में श्रृंखला बराबर की और सिडनी में संघर्षपूर्ण ड्रॉ खेला। चोटों से परेशान मेहमान टीम ने अजिंक्य रहाणे की अगुआई में ब्रिसबेन में सनसनीखेज जीत हासिल कर श्रृंखला में ऐतिहासिक जीत हासिल की।

Navin Chauhan
नवीन चौहानauthor

नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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