पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद स्थित एक आतंकवाद-रोधी अदालत ने सोमवार को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पर बड़ा कानूनी शिकंजा कसा है। अदालत ने खैबर पख्तूनख्वा (KP) के मुख्यमंत्री मोहम्मद सुहेल अफरीदी और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी के 24 अन्य विधायकों-नेताओं के पासपोर्ट तुरंत प्रभाव से ब्लॉक करने का आदेश जारी किया है। पुलिस की अर्जी पर जज का फैसला विशेष जज अबुल हसनात मोहम्मद जुल्करनैन ने इस्लामाबाद पुलिस की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश जारी किया। अदालत ने फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) को अगले आदेश तक इन सभी नेताओं के पासपोर्ट ब्लॉक रखने के सख्त निर्देश दिए हैं।
अदालत में गैरहाजिरी को बताया गया वजह
जांच अधिकारी ने पीठ को बताया कि नामजद आरोपी अदालती कार्यवाहियों से लगातार नदारद चल रहे हैं और अंतरिम जमानत लेने वाले नेताओं ने भी जांच प्रक्रिया में सहयोग नहीं किया है। पुलिस के मुताबिक इन नेताओं पर सरकारी संस्थानों पर हमले करने और आतंकवाद को बढ़ावा देने जैसे गंभीर आरोप दर्ज हैं। देश छोड़ने की आशंका: जांच एजेंसी ने अंदेशा जताया कि कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए ये आरोपी विदेश भाग सकते हैं।
किन प्रमुख नेताओं पर गिरी गाज?
अदालत के इस आदेश की जद में मुख्यमंत्री सुहेल अफरीदी के अलावा कई दिग्गज नेता शामिल हैं-
- पूर्व नेशनल असेंबली स्पीकर असद कैसर
- विधायक शहरम खान तरकई, शाह अहमद, शेर अली अरबाब और मोहम्मद इकबाल अफरीदी
- डॉ. अमजद अली, जुनैद अकबर, शाहिद खट्टक, ज़ुबैर वजीर, अरशद उमरजई, जर आलम, मियां उमर और अख्तर खान।
पंजाब पुलिस पर सीएम अफरीदी का अगवा करने का आरोप
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब पीटीआई ने 27 सितंबर को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। समर्थन जुटाने के लिए पंजाब प्रांत के दौरे पर निकले केपी के मुख्यमंत्री सुहेल अफरीदी ने पंजाब पुलिस पर बदसलूकी और मारपीट का आरोप लगाया है। अफरीदी ने दावा किया कि पंजाब पुलिस ने उन्हें अगवा करने की कोशिश की और मारपीट के बाद सड़क किनारे छोड़ दिया। उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि एक प्रांत के मुख्यमंत्री के साथ दूसरे प्रांत की पुलिस का ऐसा बर्ताव बेहद शर्मनाक है और पंजाब सरकार को इसका जवाब देना होगा।
