भारतीय क्रिकेटर नितिश राणा ने युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी का समर्थन करते हुए कहा है कि उम्र कभी भी टैलेंट को परखने का पैमाना नहीं होनी चाहिए और वैभव ने पहले ही दिखा दिया है कि उनमें उभरते हुए क्रिकेटरों की पूरी पीढ़ी को प्रेरित करने की क्षमता है। 'टाइम्स नाउ' के साथ एक खास इंटरव्यू में राणा ने कहा कि उन्होंने IPL में सूर्यवंशी के विकास को करीब से देखा है और उनका मानना है कि यह युवा खिलाड़ी सफलता के हर मौके का हकदार है।
राणा ने कहा, "उम्र मायने नहीं रखनी चाहिए, सिर्फ टैलेंट मायने रखना चाहिए। मैं टैलेंट और क्षमता में बहुत विश्वास रखता हूं, और मैंने वैभव को करीब से देखा है। वह पहले से ही एक रोल मॉडल बन रहे हैं। साथ ही, इससे जिम्मेदारी भी बढ़ती है क्योंकि अब युवा उन्हें देखकर 15 साल की उम्र में ही भारत के लिए खेलना चाहते हैं।"
राणा का मानना है कि सूर्यवंशी के आगे बढ़ने से युवा क्रिकेटरों की सोच बदली है, जिससे यह साबित होता है कि असाधारण टैलेंट किसी खिलाड़ी के सबसे ऊंचे स्तर तक पहुंचने के सफर को तेज़ कर सकता है।
नितिश ने की फीफा वर्ल्ड कप की भविष्यवाणी, बताया कौन बन सकता है चैंपियन
क्रिकेट के अलावा, नितिश ने फीफा वर्ल्ड कप के लिए अपनी भविष्यवाणियां भी साझा कीं। हालांकि उनका दिल पुर्तगाल के साथ है, लेकिन उन्हें लगता है कि फ्रांस के ट्रॉफी जीतने की सबसे ज़्यादा संभावना है। उन्होंने कहा, "मैं चाहता हूं कि पुर्तगाल जीते। लेकिन मुझे लगता है कि फ्रांस वर्ल्ड कप जीतेगा।" उन्होंने यह भी कहा कि वह मोरक्को को टूर्नामेंट में एक संभावित 'डार्क हॉर्स' (अप्रत्याशित दावेदार) के तौर पर देखते हैं।
दिल्ली प्रीमियर लीग की अहमियत पर जोर दिया
नितिश राणा ने दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) के बढ़ते कद के बारे में भी बात की और स्थानीय टैलेंट के लिए मौके पैदा करने में इसकी अहमियत पर ज़ोर दिया। उन्होंने दिल्ली के क्रिकेटरों को एक बड़ा मंच देने के लिए टूर्नामेंट की तारीफ़ की और माना कि यह खिलाड़ियों को पहचान दिलाने और उनके करियर को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है। राणा ने कहा, "दिल्ली प्रीमियर लीग बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे लोगों का ध्यान दिल्ली के खिलाड़ियों पर जाता है और उनका भविष्य सुरक्षित हो सकता है।" दिल्ली प्रीमियर लीग के जुलाई 2026 के आखिर में शुरू होने और एक महीने तक चलने की उम्मीद है।
