Brendon McCullum praise Mohammed Siraj: भारतीय तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद सिराज ने इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें और अंतिम टेस्ट में ऐसा प्रदर्शन किया कि दुनिया के दिग्गजों ने उनकी तारीफ़ करने में देर नहीं लगाई। इंग्लैंड के मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम ने सोमवार को सिराज की अंतिम टेस्ट में शानदार गेंदबाज़ी की सराहना करते हुए उन्हें एक ‘बेहतरीन क्रिकेटर’ करार दिया। सिराज ने निर्णायक टेस्ट में कुल 9 विकेट लिए और सीरीज़ में कुल 23 विकेटों के साथ सबसे सफल गेंदबाज़ बने।
मैकुलम ने मैच के बाद स्काई स्पोर्ट्स से बातचीत में कहा, “जब सिराज ने अंतिम विकेट लिया तो हम जरूर निराश थे, लेकिन मैंने उनके जज़्बे और मेहनत को देखा। एक क्रिकेटर के तौर पर मैं उनकी दिल से प्रशंसा करता हूं।”
सीरीज़ को बताया अब तक की सर्वश्रेष्ठ टेस्ट श्रंखला
ब्रेंडन मैकुलम ने इस पांच मैचों की भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज़ को अपनी अब तक की कोचिंग या क्रिकेट जीवन की "सबसे बेहतरीन" सीरीज़ करार दिया। उन्होंने कहा कि इस छह हफ्तों की सीरीज़ में "हर तत्व मौजूद था – उतार-चढ़ाव, कड़ा संघर्ष, सौहार्द, रणनीतिक गहराई और दबाव की स्थिति में असाधारण क्रिकेट।यह अब तक की सबसे यादगार पांच टेस्ट मैचों की श्रृंखला थी, जिसका मैं हिस्सा रहा हूं या जिसे मैंने देखा है। यह सीरीज़ किसी ड्रामा से कम नहीं थी – रोमांच, संघर्ष, और खेल भावना, सबकुछ था इसमें।”
दोनों टीमों की कड़ी परीक्षा
ब्रेंडन मैकुलम ने माना कि भारत और इंग्लैंड – दोनों ही टीमों को इस श्रृंखला में ज़बरदस्त मानसिक और शारीरिक चुनौती का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि लगातार पांच टेस्ट मैच खेलना, वो भी हर दिन मैदान पर उतरना, खिलाड़ियों के लिए बेहद थका देने वाला होता है।उन्होंने कहा, “हमें पता था कि यह श्रृंखला आसान नहीं होगी। भारत हमारी मानसिक और शारीरिक परीक्षा लेगा, और इसने हमारी उम्मीद से कहीं अधिक हमें चुनौती दी।”
खोए हुए मौके और निर्णायक मोड़
श्रृंखला के दौरान कई बार दोनों टीमों ने अहम मौकों को गंवाया। मैकुलम ने खासतौर पर हेडिंग्ले और लॉर्ड्स टेस्ट का ज़िक्र किया जहां इंग्लैंड को बेहतर नियंत्रण मिल सकता था। उन्होंने कहा कि 'हर टीम पूरे सीज़न में कुछ मौके गंवाती है। भारत ने भी चूके मौके देखे होंगे, खासकर पहले टेस्ट में। लेकिन यही खेल की खूबसूरती है।'उन्होंने भारत की वापसी को भी यादगार बताया, “कल रात ब्रूक और रूट की साझेदारी के बाद भारत का 60 रन पर सात विकेट लेना इस खेल की अनिश्चितता और सौंदर्य का प्रतीक था।”
‘बैजबॉल’ की शैली पर कायम रहेगा इंग्लैंड
श्रृंखला में इंग्लैंड की ‘बैजबॉल’ आक्रामक शैली पर सवाल उठे, खासकर जब टीम ने लॉर्ड्स टेस्ट के पहले दिन धीमा खेल दिखाया और सिर्फ 251 रन बनाए। इस पर मैकुलम ने दो टूक कहा कि उनकी टीम अपनी शैली नहीं बदलेगी।उन्होंने कहा, “हम जानते हैं कि आक्रामक क्रिकेट ही हमें जीतने का सबसे बड़ा मौका देता है। भले ही कुछ मैचों में हमें शैली बदलनी पड़ी हो, लेकिन हमारा मूल दृष्टिकोण यही रहेगा – सकारात्मक और परिणाम पर केंद्रित खेल।'
(भाषा)
